NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
"ग़लत सूचना" और "राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा" बताकर अमेरिकी सरकार ने ईरानी और क्षेत्रीय समाचार वेबसाइटों पर "रोक" लगाई
हालांकि इस निर्णय को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है फिर भी कार्यकर्ताओं द्वारा इस निर्णय की आलोचना की गई है क्योंकि अमेरिकी सरकार ने सेंसरशिप तथा बोलने व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करने का प्रयास किया है।
पीपल्स डिस्पैच
23 Jun 2021
"ग़लत सूचना" और "राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा" बताकर अमेरिकी सरकार ने ईरानी और क्षेत्रीय समाचार वेबसाइटों पर "रोक" लगाई

अमेरिकी सरकार ने मंगलवार 22 जून को कई समाचार वेबसाइटों पर "गलत सूचना" में शामिल होने और उन्हें "राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा" बताते हुए रोक लगा दिया है। रोक लगाई गई वेबसाइटों में ईरानी सरकार के स्वामित्व वाली प्रेस टीवी और इसका अरबी संस्करण अल-आलम, हाउथी के नियंत्रण वाला अल-मसीरा टीवी और पैलेस्टाइन टुडे शामिल हैं।

प्रेस टीवी और अन्य ईरानी व क्षेत्रीय वेबसाइटों के विजिटरों ने एक नोटिस देखा है जिसमें कुछ अमेरिकी प्रतिबंध कानूनों का हवाला देते हुए रोक का उल्लेख किया है और अमेरिकी न्याय विभाग और वाणिज्य विभाग के सील करने को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

आधिकारिक बयान के अभाव में ऐसी अटकलें हैं कि इन साइटों को "हैक" कर लिया गया है। हालांकि, एपी ने न्याय विभाग के हवाले से कहा कि इन वेबसाइटों को पिछले साल के राष्ट्रपति चुनावों से पहले "अमेरिकी मतदाताओं के बीच गलत सूचना फैलाने और विसंगति फैलाने के प्रयासों" के कारण बंद कर दिया गया था।

इस निर्णय से केवल प्रेस टीवी के डोमेन नाम .com और .net प्रभावित हुए हैं जो अमेरिकी कंपनियों के स्वामित्व में हैं। प्रेस टीवी डोमेन नाम .ir के अधीन उपलब्ध है।

कई टिप्पणीकारों ने इस निर्णय की आलोचना करते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला और सेंसर करने का प्रयास बताया।

प्रेस टीवी, ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) द्वारा नियंत्रित एक अंग्रेजी समाचार चैनल है जिसे 2007 में शुरु किया गया था। इसका अरबी और फारसी संस्करण अल-आलम 2003 में स्थापित किया गया था।

लेबनान के बेरूत में स्थित अल-मसीरा ने एक बयान जारी कर इस निर्णय की निंदा करते हुए कहा कि वह इस निर्णय से हैरान नहीं है।

यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने ईरानी मीडिया पर हमला किया है। ट्रम्प प्रशासन ने अक्टूबर 2020 में 100 से ज्यादा डोमेन को यह दावा करते हुए रोक दिया था कि उनका उपयोग इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा "गलत सूचना के अभियान" के लिए किया गया था।

इन वेबसाइटों पर "रोक" लगाने के निर्णय ने विशेष रूप से ईरान में कट्टरपंथी राष्ट्रपति के चुनाव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच शत्रुता में वृद्धि की चिंताओं को जन्म दे दिया है। यह शत्रुता को समाप्त करने और 2015 में हस्ताक्षरित ज्वाइंंट कम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) या ईरान परमाणु समझौते में वापस जाने के सत्ता में आने के तुरंत बाद जो बाइडेन प्रशासन द्वारा किए गए वादों के खिलाफ भी है।

US
IRAN
Iranian Regional TV

Related Stories

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License