NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इराक़ : राजनीतिक उठापटक के बीच नई सरकार बनाने के लिए तीसरे प्रधानमंत्री की नियुक्ति
पिछले सप्ताह सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटा पाने में विफल होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अदनान अल ज़ुर्फ़ी ने अपना नाम वापस ले लिया था। ज़ुर्फ़ी द्वारा नाम वापस लेने के बाद कदीमी के नाम की घोषणा की गई थी।
पीपल्स डिस्पैच
13 Apr 2020
इराक़

इराक के राष्ट्रपति बरहम सलेह ने खुफिया विभाग के पूर्व प्रमुख मुस्तफा अल-कदीमी को प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किया है। पिछले कुछ महीनों के भीतर इराक में तीसरे प्रधानमंत्री की नियुक्ति हुई है। गत गुरुवार की घोषणा के बाद कदीमी ने कुर्दिश नेताओं से मुलाकात की और रिपोर्टों के अनुसार रविवार 12 अप्रैल को उनका समर्थन मिला।

पिछले सप्ताह सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटा पाने में विफल होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अदनान अल जुर्फी ने अपना नाम वापस ले लिया था। जुर्फी द्वारा नाम वापस लेने के बाद कदीमी के नाम की घोषणा की गई थी।

जुर्फी की अमेरिका समर्थक वाली छवि होने के चलते इराक की संसद में राजनीतिक दलों के प्रभावशाली शिया ब्लॉक्स की तरफ से बढ़ते विरोध का उन्हें सामना करना पड़ रहा था।

पिछले साल नवंबर महीने में आदिल अब्दुल महदी द्वारा प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया गया था जिसके बाद से वे कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर कार्य कर रहे हैं। उनके इस्तीफा देने के बाद से चार महीना गुजर जाने पर इराक में अब तक पूर्ण बहुमत वाली सरकार नहीं बन पाई है। राजनीतिक और व्यावसायिक विशिष्ट वर्ग, व्याप्त भ्रष्टाचार, गरीबी, बेरोजगारी, कुशासन और पर्याप्त सार्वजनिक सेवाओं की कमी के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन और अपनी सरकार के ख़िलाफ़ विरोध के चलते उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

ये विरोध प्रदर्शन 1 अक्टूबर 2019 से शुरू हुआ था। इन प्रदर्शनों में राजनीतिक और प्रशासनिक सुधार की मांग की गई और साथ ही भ्रष्ट राजनेताओं और व्यापारियों के नियंत्रण की खतरनाक सांठ गांठ को समाप्त करने और राष्ट्रीय राजनीति पर इनके प्रभाव को रोकने तथा देश के मामलों में बाहरी प्रभाव व हस्तक्षेप को रोकने की मांग की गई।

इन विरोध प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप इराकी सुरक्षा बलों के हाथों 500 से अधिक इराकी नागरिक मारे गए, वहीं 15,000 से अधिक लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के मामले सामने आए हैं।

उनकी नियुक्ति के बाद, कदीमी के ट्विटर अकाउंट के हवाले से लिखा गया, “इराकी सरकार की अगुवाई करने के लिए अपने मनोनयन के साथ, मैं अपने आदरणीय जनता से काम करने की प्रतिज्ञा करता हूं। ये सरकार इराकियों की आकांक्षाओं और मांगों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। मैं एक कार्यक्रम और एक कैबिनेट के साथ इराकियों को सौगात देने का अथक प्रयास करूंगा जो उन्हें सेवा देने,उनके अधिकारों की रक्षा करने और एक समृद्ध भविष्य की ओर इराक को ले जाने के लिए काम करेगा।”

Covid-19 महामारी के समय राजनीतिक अनिश्चितता इराक को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। 12 अप्रैल तक इससे प्रभावित 1200 से अधिक मामले सामने आए हैं वहीं इसके चलते 76 लोगों की मौत हो गई है।

अब सरकार बनाने और संसद में बहुमत हासिल करने के लिए कदीमी के पास 30 दिन का समय है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Iraq
Barham Salih
Adnan al-zurfi
COVID-19
Coronavirus

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • पश्चिम बंगाल : लॉकडाउन में कमाई नहीं, हौज़री कर्मचारी कर रहे ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल : लॉकडाउन में कमाई नहीं, हौज़री कर्मचारी कर रहे ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष
    22 Jun 2021
    केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के बावजूद उत्पादक लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रहे हैं, इसकी वजह से कई कर्मचारी अब जीवनयापन कर लिए फल और सब्ज़ियां बेचने को मजबूर हो गए हैं।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को बोलते हुए सुनते अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन। बाइडेन रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के साथ 16 जून 2021 को स्विटजरलैंड के जिनेवा में शिखर सम्मेलन के बाद मीडिया से मुखातिब हुए।
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन-पुतिन शिखर सम्मेलन का होहल्ला  ख़त्म
    22 Jun 2021
    अमेरिकी-रूस के बीच जब भी संबंध की बात आती है तो एक ठहराव का लौट आना अवश्यम्भावी हो जाता है। इसके कुछ आरंभिक संकेत पहले से मौजूद हैं। अफगानिस्तान और म्यांमार को लेकर बाइडेन को रूस से कुछ मदद मिलने की…
  • तस्वीर में जयप्रकाश नारायण (बाएं), महात्मा गांधी (मध्य में), विनोबा भावे (दाएं)। इन तीनों नेताओं ने हमेशा कश्मीर में प्यार और सद्भाव के साथ हस्तक्षेप की वकालत की।
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    “मज़हब और सियासत से हल नहीं होगा कश्मीर का मसला”
    22 Jun 2021
    पिछले सात सालों और विशेषकर दो सालों में कश्मीर के मसले पर शेष भारत में कश्मीर विजय का जो आख्यान चलाया गया वह गहरी सियासत के साथ बदले की भावना से प्रेरित था।  
  • इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया
    22 Jun 2021
    इज़रायल की हिंसा के परिणामस्वरूप कम से कम 20 फिलिस्तीनियों को चोटें आईं, जिसमें इज़रायली सुरक्षा बलों ने उन पर बदबुदार पानी, काली मिर्च स्प्रे, आंसू गैस के साथ-साथ रबर कोटेड मेटल की गोलियों से हमला…
  • कोविड-19 : शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया कैसे भारत तीसरी लहर से निपट सकता है
    संदीपन तालुकदार
    कोविड-19 : शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया कैसे भारत तीसरी लहर से निपट सकता है
    22 Jun 2021
    विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में बड़े स्तर पर महामारी के फैलाव को रोकने के लिए भारत को कोरोना जांच, आइसोलेशन और जीनोम सीक्वेंसिंग में तेज़ी लानी होगी। इसके अलावा टीकाकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License