NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इराक़ के लोगों ने सरकार की 2021 की रोजगार नीति का विरोध किया, सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरियों की मांग की
राजधानी बगदाद में प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन किया और जबरन तेल क्षेत्र को बंद करा दिया जबकि 2021 के बजट पर इराकी संसद में बहस जारी है।
पीपल्स डिस्पैच
03 Feb 2021
इराक़

देश में तीव्र बेरोजगारी को लेकर सरकार की निष्क्रियता और उदासीनता के विरोध में नाराज इराक के लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। पिछले दो दिनों में इराक की राजधानी बगदाद के साथ-साथ देश के तेल समृद्ध दक्षिणी क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किए गए। इनमें नासिरिया और ग़रफ़ तेल क्षेत्र शामिल हैं। इराक में हाल के महीनों में बेरोजगारी का स्तर 13.8% तक बढ़ गया है। युवाओं और हाल ही में स्नातक करने वालों के बीच ये दर 27% है।

कई प्रदर्शनकारियों को उम्मीद थी कि सरकार उनकी बेरोजगारी की समस्याओं को दूर करेगी और वर्ष 2021 के लिए अपनी रोजगार नीति के माध्यम से हजारों बेरोजगार इराकियों को रोजगार प्रदान करेगी। हालांकि, कुछ दिन पहले जारी नीति के मसौदे ने उन्हें निराश किया है। इस नीति के मसौदे में सरकार ने कोरोनोवायरस महामारी और आर्थिक नुकसान के कारण वित्तीय समस्याओं का हवाला देते हुए सार्वजनिक क्षेत्र में नई नौकरियों को निलंबित करने की घोषणा की थी।

सरकार की घोषणा से निराश और नाराज हजारों इराकियों ने 31 जनवरी को बगदाद के केंद्र में स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय को घेर लिया और मांग की कि सरकार अपनी नीति में संशोधन करे। देश के दक्षिण में इराक के सैकड़ों लोगों ने कर्मचारियों को इसके परिसर में प्रवेश करने से रोकते हुए और दिन में काम बाधित करते हुए 'धीर कर तेल कंपनी' से संबंधित एक तेल क्षेत्र को बंद करने के लिए मजबूर किया। कई एक्टिविस्ट सहित इंजीनियरिंग, प्रशासन, अर्थशास्त्र और अन्य संबंधित-तकनीकी संस्थानों से स्नातक इन प्रदर्शनकारियों ने नौकरी की मांग करते हुए कंपनी के परिसर के सामने धरना दिया था और अपनी मांग पर प्रतिक्रिया देने के लिए सरकार और कंपनी के मैनेजमेंट के लिए समयसीमा निर्धारित किया था।

इराक की अर्थव्यवस्था जो हाल के दिनों में अमेरिका के नेतृत्व वाले आक्रमण और देश पर कब्जे के साथ साथ इसके बाद के प्रभावों से जूझ रहा था वह अब भी मजबूती पाने के लिए संघर्ष कर रहा है जबकि इस देश में दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है।

Iraq
Employment policy
Government of Iraq
Barham Salih
Mustafa Al-Kadhimi

Related Stories

'जितनी जल्दी तालिबान को अफ़ग़ानिस्तान को स्थिर करने में मदद मिलेगी, भारत और पश्चिम के लिए उतना ही बेहतर- एड्रियन लेवी

साल के अंत तक इराक़ छोड़ देंगे सभी अमेरिकी सैनिक

इराक़ ने देश से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए समयसीमा की मांग की

सीरिया और इराक़ में अमेरिकी हवाई हमले में एक बच्चे की मौत, तीन अन्य घायल

इराक़ : एक्टिविस्टों की हत्या के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों पर कार्रवाई में प्रदर्शनकारी की मौत, 13 घायल

इराक़ ने अमेरिका से देश से अपने सैनिकों की वापसी में तेज़ी लाने के लिए कहा

बढ़ती बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ इराक़ में विरोध प्रदर्शन, प्रमुख तेल रिफ़ाइनरी बंद

इराक़ी अदालत ने अबू महदी की हत्या मामले में ट्रम्प के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया

इराक़ : जनता ने सुलेमानी और अल-मुहंदिस हत्या की बरसी पर अमेरिकी सैनिकों की वापसी की मांग की

इराकी नागरिकों की हत्या करने के दोषी गार्ड्स को ट्रम्प की माफी की दुनिया भर में निंदा


बाकी खबरें

  • BIRBHUMI
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है
    30 Mar 2022
    शायद पहली बार टीएमसी नेताओं ने निजी चर्चा में स्वीकार किया कि बोगटुई की घटना से पार्टी की छवि को झटका लगा है और नरसंहार पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री के लिए बेहद शर्मनाक साबित हो रहा है।
  • Bharat Bandh
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के द्वारा आवाह्न पर किए गए दो दिवसीय आम हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और…
  • IPTA
    रवि शंकर दुबे
    देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'
    29 Mar 2022
    किसानों और मज़दूरों के संगठनों ने पूरे देश में दो दिवसीय हड़ताल की। जिसका मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में गूंजा। वहीं हड़ताल के समर्थन में कई नाटक मंडलियों ने नुक्कड़ नाटक खेलकर जनता को जागरुक किया।
  • विजय विनीत
    सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी
    29 Mar 2022
    "मोदी सरकार एलआईसी का बंटाधार करने पर उतारू है। वह इस वित्तीय संस्था को पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। कारपोरेट घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए अब एलआईसी में आईपीओ लाया जा रहा है, ताकि आसानी से…
  • एम. के. भद्रकुमार
    अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई
    29 Mar 2022
    इज़रायली विदेश मंत्री याइर लापिड द्वारा दक्षिणी नेगेव के रेगिस्तान में आयोजित अरब राजनयिकों का शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक परिघटना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License