NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
आयरलैंड : संसद में गतिरोध के बीच पीएम का इस्तीफ़ा, सिन फ़िएन को मिले सबसे अधिक वोट
सिन फ़िएन की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार मैरी लू मैकडोनाल्ड को नए आयरिश कार्यकाल की पहली बैठक में विधायकों का सबसे अधिक समर्थन मिला।
पीपल्स डिस्पैच
21 Feb 2020
 लियो वराडकर
जब तक नए प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं होता, लियो वराडकर कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहेंगे

सरकार बनाने के लिए आवश्यक संसदीय समर्थन प्राप्त करने में विफल रहने के बाद, 20 फ़रवरी, गुरुवार की देर शाम को आयरिश प्रधानमंत्री लियो वराडकर ने राष्ट्रपति माइकल डी हिगिंस को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया। नवनिर्वाचित डैल इरिनेन के पहले सत्र में, ओइरचेतास (राष्ट्रीय विधायिका) के निचले सदन में प्रधानमंत्री के पद के लिए वराडकर का नामांकन ख़ारिज कर दिया गया था। 16 अपदस्थों के साथ 36-107 वोट पा कर वह कुल चार नामांकित व्यक्तियों में तीसरे स्थान पर आए।

4 नामांकित व्यक्तियों में सिन फ़िएन की मैक्डॉनाल्ड को सबसे अधिक 45 वोट मिले। वहीं फियाना फैल के मिचेयल मार्टिन को 42 और ग्रीन पार्टी के एयमोन रियान को 12 वोट मिले। सभी उम्मीदवार सरकार बनाने के लिए ज़रूरी 80 वोट पाने में असमर्थ रहे।

वराडकर कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जारी रहेंगे, जब तक कि एक नई सरकार को पर्याप्त संसदीय समर्थन के साथ नहीं चुना जाता है। डैल को फिर भी घर के पीठासीन अधिकारी, सेनन कॉम्हर्ले का चुनाव करने में सक्षम बनाया गया, साथ ही साथ फियाना फैल के सेआन ओ फियरघिल को पद पर बने रहने के लिए चुना गया। डीएएल अगले 5 मार्च को मिलने वाला है, जब सरकार के लिए एक और वोट होगा। सिन फ़िएन और फियाना फैल दोनों छोटी पार्टियों और संभावित गठबंधन के लिए 19 से अधिक निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ बात करेंगे।

सिन फ़िएन की वृद्धि ने आयरिश राजनीतिक परिदृश्य को बरक़रार रखा है जो हाल ही में दो सेंट्रिस्ट पार्टियों, फाइन गेल और फियाना फैल के क़ब्ज़े में था। 8 फरवरी को हुए डैल के आम चुनाव में वामपंथी पार्टी को सबसे अधिक समर्थन मिला। इसे 24.5% प्रथम वरीयता के वोट मिले। और उसे 42 में से 37 वोट मिले, जबकि फियाना फैल को 38 वोट मिले थे। वराडकर की फिन गैल अपनी समर्थक पार्टियां फियाना फैल और सिन फ़िएन से पीछे रही और तीसरे स्थान पर आई।

साभार :पीपल्स डिस्पैच

Leo Varadkar
Ireland
Sinn Fein

Related Stories

'गुड फ़्राईडे समझौते' की 23वीं बरसी के मौक़े पर उत्तरी आयरलैंड में ताज़ा घटनाओं ने शांत माहौल को ख़राब किया

आप की जीत, नफरत की हार, आयरलैंड में वामपंथी दल की जीत और अन्य

आयरलैंड में लेफ्ट पार्टी ने स्थापित दलों के प्रभाव को समाप्त कर दिया

आयरलैंड चुनाव : राजनीतिक दलों ने इजरायली व्यापार पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया


बाकी खबरें

  •  15 killed in road accident in Uttar Pradesh's Barabanki
    भाषा
    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सड़क दुर्घटना में 15 लोगों की मौत
    07 Oct 2021
    बाराबंकी के देवा थाना क्षेत्र के बबुरी गांव के निकट वॉल्वो बस और ट्रक की भीषण टक्कर से बस में सवार 15 लोगों की मौत हो गई और 21 अन्य घायल हो गये।
  • Rurkee church attack
    वर्षा सिंह
    क्या चुनावी साल में आंदोलनों से डरकर नागरिक अधिकारों का हनन कर रही है उत्तराखंड सरकार?
    07 Oct 2021
    “इस समय ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों या उपनल कर्मियों के विरोध समेत जितने भी आंदोलन राज्य के भीतर खड़े हो रहे हैं, राज्य सरकार उन आंदोलनों का सामना करने की स्थिति में नहीं है। इन्हीं आंदोलनो को खत्म…
  • kisan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर के बाद अंबाला में भी भाजपा नेता पर लगे किसानों को गाड़ी से कुचलने का आरोप
    07 Oct 2021
    किसानों ने आरोप लगाया है कि अंबाला के नारायणगढ़ में वरोध कर रहे उनके काफिले पर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की गई। गाड़ी चढ़ाने का आरोप भाजपा सांसद नायब सैनी पर लग रहा है।
  • Sub Judice
    पारस नाथ सिंह
    अगर मामला कोर्ट में है, तब क्या उसके विरोध का अधिकार खत्म हो जाता है? 
    07 Oct 2021
    भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 4 अक्टूबर को कहा कि वो यह बात तय करेगी कि विरोध का अधिकार एक पूर्ण अधिकार है या नहीं और इससे पहले का कोई पक्ष, जो पहले से ही क़ानूनी उपाय का आह्वान कर चुका है, अब भी उस मामले…
  • Chhattisgarh
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छत्तीसगढ़: सांप्रदायिक सौहार्द्र के लिए चर्चित कवर्धा में अचानक हिंसा कैसे भड़क गई?
    07 Oct 2021
    दो समूहों के बीच विवाद के बाद शुरू हुई हिंसक घटनाओं के चलते रविवार, 3 अक्टूबर की शाम से कवर्धा में कर्फ्यू लगा है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा ज़िले की सीमाओं को भी सील कर दिया गया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License