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इज़रायल : नेतन्याहू को मुक़दमों की शुरूआत में अदालत में पेश होना होगा
नेतन्याहू को सात मामलों में दोषी ठहराया गया है। इन सभी मामलों में सुनवाई 24 मई रविवार से शुरू होगी। यदि दोषी पाए गए तो उन्हें दस साल से अधिक जेल की सज़ा काटनी होगी।
पीपल्स डिस्पैच
21 May 2020
इज़रायल

इज़रायल की एक अदालत ने बुधवार 20 मई को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया जिसमें उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार और अन्य मुक़दमों की सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की बात कही गई थी। ये सुनवाई रविवार 24 मई से शुरू हो रही है। इस तरह इज़रायल के इतिहास में अदालत में आपराधिक मुकद़मे का सामना करने वाले नेतन्याहू अब पहले सत्तासीन प्रधानमंत्री बन जाएंगे।

इस मुक़दमे की सुनवाई करने वाले तीन न्यायाधीशों ने कहा कि आपराधिक मुक़दमे के सभी सामान्य नियमों का पालन नेतन्याहू के ख़िलाफ़ मुक़दमें में किया जाएगा। इसमें अदालत के सामने प्रतिवादी की अनिवार्य उपस्थिति शामिल है। मुक़दमे की शुरुआत में आरोप पढ़े जाने के दौरान ये बात कही गई।

इस मुक़दमें की सुनवाई मूल रूप से 17 मार्च से शुरू होने वाली थी। कोरोनोवायरस संबंधी हेल्थ इमर्जेंसी के कारण इसे दो महीने के लिए टाल दिया गया था। नेतन्याहू ने कहा था कि अगर उन्हें उनके मुक़दमों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है तो कोरोनोवायरस आपातकालीन नियमों का उल्लंघन होगा।

पिछले रविवार को नेतन्याहू ने अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी बेनी गेंट्ज़ के साथ गठबंधन समझौते के बाद प्रधानमंत्री के रूप में नया कार्यकाल शुरू किया। गठबंधन की शर्तों के अनुसार वह अगले 18 महीनों के लिए प्रधानमंत्री होंगे। कई लोगों ने मुक़दमों में देरी को नेतन्याहू का तरीका बताया।

नेतन्याहू सात अलग-अलग आपराधिक आरोपों से घिरे हैं जिनमें रिश्वत, धोखाधड़ी और दूसरों के विश्वासघात शामिल हैं।

नेतन्याहू पर समाचार साइट Walla द्वारा उनके पक्ष में पॉजिटिव और पक्षपाती कवरेज के बदले में टेलीकॉम दिग्गज बेज़ेक के एक मालिक की बड़ी मदद पहुंचाने के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने का आरोप है। उन पर एक अन्य समाचार पत्र येदियोथ अहरोनोथ को इसके प्रतिद्वंद्वी के ख़िलाफ़ सहयोग देने का भी आरोप है। नेतन्याहू पर अपने निजी लाभ के लिए भ्रष्टाचार और सरकारी कार्यालय के दुरुपयोग का भी आरोप है।

उन्हें पिछले नवंबर में दोषी ठहराया गया था और जनवरी में उनकी संसद की प्रतिरक्षा याचिका (पार्लियामेंट इम्यूनिटी प्ली) वापस ले ली गई थी। अगर नेतन्याहू दोषी पाए गए तो दस साल से ज़्यादा जेल की सज़ा काटनी पड़ सकती है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

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