NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल : नेतन्याहू के ख़िलाफ़ लोगों का प्रदर्शन, कोविड-19 को लेकर लोकतंत्र-विरोधी उपायों की निंदा
कोरोना वायरस को लेकर नेतन्याहू की सरकार द्वारा उठाए गए क़दमों और प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर ब्लैक फ्लैग आंदोलन में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल हुए।
पीपल्स डिस्पैच
20 Apr 2020
इज़रायल
रविवार को तेल अवीव में ब्लैक फ्लैग प्रदर्शन के दौरान इज़रायल के लोगों ने एक दूसरे से दूरी बनाकर विरोध किया।(एएफपी) 

कोरोना वायरस महामारी के मद्देनज़र प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सरकार द्वारा लागू किए गए लोकतंत्र विरोधी, गोपनीयता नीति और नियम विरोधी उपायों के ख़िलाफ़ बड़ी संख्या में इज़रायल के लोग राजधानी तेल अवीव के रबिन स्क्वायर पर रविवार 19 अप्रैल को 'ब्लैक फ्लैग' विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू के प्रधानमंत्री के तौर पर सत्तासीन रहने और उनके अगले संभावित कार्यकाल के ख़िलाफ़ भी प्रदर्शन किया।

यूनिटी गवर्नमेंट बनाने के लिए नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और उनके मुख्य विपक्षी प्रतिद्वंद्वी बेनी गैंट्ज़ की ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के बीच बातचीत अटकी हुई है और अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

ज़्यादातर प्रदर्शनकारी काले कपड़े और मास्क पहने हुए थे और इज़रायल के झंडे के साथ काले झंडे लिए हुए थे। कई प्रदर्शनाकारियों के हाथों में बैनर और तख्तियां थी जिन पर लिखा था "लेट डेमोक्रेसी विन", "सेव द डेमोक्रेसी" और "क्राइम मिनिस्टर"। ये नेतन्याहू के दूसरे कार्यकाल को लोकतंत्र के ख़तरे की ओर इशारा कर रहा था और साथ ही कई भ्रष्टाचार के मामले की ओर संकेत दे रहा था जिसके लिए प्रधानमंत्री जल्द ही ट्रायल का सामना कर सकते हैं।

कोरोना वायरस महामारी को लेकर सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करने के लिए प्रदर्शनकारी एक-दूसरे से दो मीटर की दूरी पर खड़े थे और साथ ही 10 प्रदर्शनकारियों के प्रत्येक समूह के बीच 10 मीटर की दूरी बना रखी थी। विरोध प्रदर्शन के आयोजकों को उन स्थानों को चिह्नित करना भी ज़रुरी था जहां प्रदर्शनकारी खड़ा होना था, और इस विरोध प्रदर्शन में वक्ताओं को प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा पर ध्यान देने और एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने के लिए याद दिलाने के लिए घोषणाएं करनी होती थी।

आयोजकों के अनुसार, क़रीब 5000 से अधिक इजरायली नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। फेसबुक लाइव और ज़ूम ऑनलाइन मंचों पर हज़ारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों पर नज़र रखने के लिए प्रदर्शन स्थल पर इजरायली पुलिस की बड़ी टुकड़ी भी मौजूद थी।

ब्लैक फ्लैग आंदोलन मार्च महीने में कोरोनावायरस के ख़िलाफ़ सरकार की नीतियों को लेकर शुरू हुआ था। इन नीतियों में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को इजरायली नागरिकों के मोबाइल फोन को ट्रैक करने का अधिकार दिया गया था।

इज़़रायल सरकार की कोरोनावायरस को लेकर नियंत्रण करने वाले उपायों में लोगों को घरों में रहने, सभी दुकानों और और वाणिज्यिक व्यवसाय को बंद करना शामिल है। इसके कारण बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान हुआ है जिसके परिणामस्वरुप देश में बेरोज़गारी दर 26 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

कार्यवाहक इज़रायली कैबिनेट ने कुछ दुकानों को खोलने, विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए कुछ स्कूलों को खोलने और रविवार को छोटी प्रार्थना सभाओं के आयोजन की अनुमति देने वाले निर्णय को मंज़ूरी दी थी। इज़़रायल में COVID-19 से अब तक 172 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि लगभग 13,000 संक्रमण के मामले सामने आए हैं।

साभार :पीपल्स डिस्पैच

Israel
Demonstrations against Netanyahu
Benjamin Netanyahu
Coronavirus
COVID-19
Coronavirus Epidemic

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • एसकेएम की केंद्र को चेतावनी : 31 जनवरी तक वादें पूरे नहीं हुए तो 1 फरवरी से ‘मिशन उत्तर प्रदेश’
    मुकुंद झा
    एसकेएम की केंद्र को चेतावनी : 31 जनवरी तक वादें पूरे नहीं हुए तो 1 फरवरी से ‘मिशन उत्तर प्रदेश’
    16 Jan 2022
    संयुक्त किसान मोर्चा के फ़ैसले- 31 जनवरी को देशभर में किसान मनाएंगे "विश्वासघात दिवस"। लखीमपुर खीरी मामले में लगाया जाएगा पक्का मोर्चा। मज़दूर आंदोलन के साथ एकजुटता। 23-24 फरवरी की हड़ताल का समर्थन।
  • cm yogi dalit
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव और दलित: फिर पकाई और खाई जाने लगी सियासी खिचड़ी
    16 Jan 2022
    चुनाव आते ही दलित समुदाय राजनीतिक दलों के लिए अहम हो जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। उनके साथ बैठकर खाना खाने की राजनीति भी शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि दलित वोटर अपनी पसंद किसे बनाते हैं…
  • modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे : झुकती है सरकार, बस चुनाव आना चाहिए
    16 Jan 2022
    बीते एक-दो सप्ताह में हो सकता है आपसे कुछ ज़रूरी ख़बरें छूट गई हों जो आपको जाननी चाहिए और सिर्फ़ ख़बरें ही नहीं उनका आगा-पीछा भी मतलब ख़बर के भीतर की असल ख़बर। वरिष्ठ पत्रकार अनिल जैन आपको वही बता  …
  • Tribute to Kamal Khan
    असद रिज़वी
    कमाल ख़ान : हमीं सो गए दास्तां कहते कहते
    16 Jan 2022
    पत्रकार कमाल ख़ान का जाना पत्रकारिता के लिए एक बड़ा नुक़सान है। हालांकि वे जाते जाते भी अपनी आंखें दान कर गए हैं, ताकि कोई और उनकी तरह इस दुनिया को देख सके, समझ सके और हो सके तो सलीके से समझा सके।…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    योगी गोरखपुर में, आजाद-अखिलेश अलगाव और चन्नी-सिद्धू का दुराव
    15 Jan 2022
    मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के अयोध्या से विधानसभा चुनाव लडने की बात पार्टी में पक्की हो गयी थी. लेकिन अब वह गोरखपुर से चुनाव लडेंगे. पार्टी ने राय पलट क्यों दी? दलित नेता चंद्रशेखर आजाद की पार्टी अब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License