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राजनीति
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इजरायलः ज्वाइंट लिस्ट का फिलिस्तीनी वेस्ट बैंक के प्रस्तावित एनेक्सेशन का विरोध
इज़रायल में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी ज्वाइंट लिस्ट ने इस एनेक्सेशन को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप करने को कहा है।
पीपल्स डिस्पैच
26 Jun 2020
इज़रायल

इज़रायली संसद में अरब ज्वाइंट लिस्ट ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के हिस्सों के प्रस्तावित एनेक्सेशन का विरोध किया और अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी से इसे रोकने के लिए कार्रवाई करने की अपील की है। गुरुवार 25 जून को लिखे गए एक पत्र में और अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी को संबोधित करते हुए अरब ज्वाइंट लिस्ट के सभी 15 सदस्यों ने प्रस्तावित एनेक्सेशन को "सार्वभौमिक मूल्यों और नियमों का उल्लंघन" बताया है।

इस पत्र में आगे कहा गया है कि क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के हिस्सों को मिलाने का कोई भी फैसला "इस क्षेत्र को अस्थिर करेगा" और "इज़रायल और फिलिस्तीनियों के बीच एवं इज़रायल और इसके पड़ोसियों के बीच तनाव को बढ़ाएगा"।

ज्वाइंट लिस्ट इज़रायल के कई दलों से मिलकर बनी है जिसमें बलद, हदस्द, ता'अल और यूनाइटेड अरब लिस्ट शामिल हैं और कुल 120 सदस्यों वाले केसेट (इज़रायली संसद) में इसके 15 सदस्य हैं। इनमें से सबसे बड़ी पार्टी हदस्द है जिसका झुकाव साम्यवाद की तरफ है। ज्वाइंट लिस्ट का प्राथमिक समर्थन आधार इज़रायल के फिलिस्तीनी नागरिकों में है।

इस पत्र में ये आशंका भी व्यक्त की गई है कि अगर एनेक्सेशन की योजना आगे बढ़ती है तो इज़़रायल के अंदर फिलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ नस्लीय भेदभाव बढ़ जाएगा। मिड्ल ईस्ट आई ने लिखा “संरचनात्मक संस्थागत भेदभाव ऑक्यूपेशन के अधीन फिलिस्तीनियों और इज़रायल के भीतर फिलिस्तीनियों के लिए एक वास्तविकता है; इसकी अभिव्यक्ति और व्यवहार अलग-अलग हैं, लेकिन घर विध्वंस, नस्लवादी क़ानून या पुलिस हिंसा जैसे कृत्य का ग्रीन लाइन के लिए बहुत कम सम्मान है।”

इस पत्र ने जनवरी में प्रस्तावित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के तथाकथित "डील ऑफ द सेंचुरी" में प्रदान किए गए एनेक्सेशन योजना के प्रोत्साहन को लेकर उनको दोषी ठहराया। इसे फिलिस्तीनियों द्वारा एकतरफा और पक्षपाती बताकर अस्वीकार कर दिया गया था। ट्रम्प की योजना ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के भीतर और जॉर्डन घाटी के अंदर अवैध रूप से निर्मित सभी बस्तियों पर इज़रायल की संप्रभुता का प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अक्सर अपने फैसले के आधार के रूप में "ट्रम्प की इस डील" का हवाला दिया है।

हालांकि अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर इस एनेक्सेशन को मंजूरी नहीं दी है, लेकिन उसने समय-समय पर कहा है कि वह इज़रायल के नीतिगत फैसलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइक पोम्पिओ ने इस स्थिति को दोहराया और बुधवार 24 जून को इस स्थिति के लिए फिलिस्तीनियों को दोषी ठहराया।

अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी ने अब तक आधिकारिक रूप से इज़रायल के एनेक्सेशन योजना की निंदा नहीं की है। इज़रायल को अमेरिकी वित्तीय और सैन्य सहायता की शर्तों की घोषणा करने और चयन होने पर इज़रायल के क़ब्ज़े को छोड़ने के लिए उसे बाध्य करने की मानवाधिकार समूहों द्वारा मांग का पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जोए बिडेन ने बार-बार खंडन किया है। बिडेन ने इज़रायल के ख़िलाफ़ बहिष्कार, विभाजन और प्रतिबंधों की मांग का भी विरोध किया है।

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