NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
फिलिस्तीन
इज़रायल का गाज़ा के वीकेंड प्रदर्शन पर हवाई हमले सहित हिंसक कार्रवाई, 30 लोग घायल
गाज़ा पर 14 साल से चली आ रही इज़रायली नाकेबंदी को हटाने और वस्तुओं की आपूर्ति पर प्रतिबंधों में ढील देने की मांग को लेकर गाजा में फिलिस्तीनी पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
30 Aug 2021
इज़रायल का गाज़ा के वीकेंड प्रदर्शन पर हवाई हमले सहित हिंसक कार्रवाई, 30 लोग घायल

रविवार 29 अगस्त को एक बार फिर इजरायली सेना ने कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र गाजा के उत्तरी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में कई स्थानों पर हवाई हमले किए। इसने दावा किया कि फिलिस्तीनियों ने इजरायल में आग लगाने वाले गुब्बारे और विस्फोटक दागे थे और इसके हवाई हमलों ने एक सुरंग के साथ-साथ प्रशिक्षण और हथियार निर्माण के लिए उपयोग किए जाने वाले हमास के सैन्य क्षेत्र को निशाना बनाया था।

फिलिस्तीनी समाचार स्रोतों के अनुसार मध्य गाजा में एक स्थान पर पांच मिसाइल हमले हुए इनमें से चार गाजा शहर के दक्षिण में शुहादा सड़क के साथ ही उत्तरी गाजा में बेत हनौन शहर के पास एक खाली कृषि भूमि पर कई हवाई हमले हुए। ये हवाई हमले तब हुए जब गाजा में फिलिस्तीनियों ने 2006 से इजरायल द्वारा लगाए गए भूमि, हवाई और समुद्री नाकाबंदी को हटाने की मांग के लिए सीमा पर इजरायल-विरोधी नाकाबंदी प्रदर्शन जारी रखा। इसके हवाई हमले के परिणामस्वरूप किसी के घायल होने या हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।

वीकेंड में सैकड़ों फिलिस्तीनियों ने सीमा पर झंडे लहराते हुए बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए और कब्जे के विरोध में नारे लगाए और नाकाबंदी को हटाने के साथ-साथ गाजा में इजरायल को मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण सामग्री की आपूर्ति के लिए अनुमति देने के लिए दबाव डालने की मांग की। इजरायली क्षेत्र में तैनात सैनिकों ने इस प्रदर्शऩ को कुचलने के लिए फिलिस्तीनियों पर आंसू गैस गोले दागे, स्टन ग्रैनेड और रबर-कोटेज गोलिया दागी। बाद में, गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि शनिवार और रविवार को करीब 30 फिलीस्तीनी घायल हो गए। इनमें से ज्यादातर सांस के जरिए आंसू गैस के अंदर चले जाने के कारण अचेत हो गए और वहीं करीब चार लोग गोलियों के लगने से जख्मी हो गए।

फिलिस्तीनियों ने इस महीने की शुरुआत में वीकेंड प्रदर्शन शुरू किया था और आने वाले हफ्तों में उस समय तक इसे जारी रखने का संकल्प लिया जब तक कि गाजा में फिलिस्तीनियों पर नाकेबंदी और अन्य प्रतिबंधों को हटाने की उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती। पिछले दो हफ्तों में इजरायली हमलों में कम से कम एक प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और कई घायल हो गए हैं।

Israel
Gaza
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: कुछ भी मत छापो, श..श..श… देश में सब गोपनीय है
    10 Apr 2022
    एक कानून है, गोपनीयता का कानून। पहले से ही है। सरकारी गोपनीयता का कानून। बलिया में वह भंग कर दिया गया। तीन पत्रकारों ने उसे भंग किया।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    जय श्री राम बनाम जय सिया राम
    10 Apr 2022
    आज रामनवमी है, और इतवार भी। इसलिए ‘इतवार की कविता’ में आज पढ़ते हैं जय श्री राम और जय सिया राम का फ़र्क़ और मर्म बताती मुकुल सरल की यह छोटी सी कविता।
  • worker
    पुलकित कुमार शर्मा
    पिछले तीन सालों में दिहाड़ी 50 रुपये नहीं बढ़ी, जबकि महंगाई आसमान छू गयी    
    10 Apr 2022
    देश में 30 करोड़ से भी ज्यादा ग्रामीण कामगार कृषि और गैर कृषि पेशों से जुड़े हुए हैं। जिनकी दिहाड़ी में पिछले तीन सालों में मामूली सी बढ़ोतरी हुई है, जबकि महंगाई आसमान छू रही है।  
  • नाइश हसन
    उर्दू पत्रकारिता : 200 सालों का सफ़र और चुनौतियां
    10 Apr 2022
    उर्दू अपना पहले जैसा मक़ाम हासिल कर सकती है बशर्ते हुकूमत एक खुली ज़ेहनियत से ज़बान को आगे बढ़ाने में साथ दे, लेकिन देखा तो यह जा रहा है कि जिस पैकेट पर उर्दू में कुछ छपा नज़र आ जा रहा है उस प्रोडक्ट से…
  • शारिब अहमद खान
    नेट परीक्षा: सरकार ने दिसंबर-20 और जून-21 चक्र की परीक्षा कराई एक साथ, फ़ेलोशिप दीं सिर्फ़ एक के बराबर 
    10 Apr 2022
    केंद्र सरकार द्वारा दोनों चक्रों के विलय के फैसले से उच्च शिक्षा का सपना देखने वाले हज़ारों छात्रों को धक्का लगा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License