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चोरी की फ़िलिस्तीनी ज़मीन पर इज़रायल ने किया निर्माण का ऐलान
यह नया निर्माण किसी भी फ़िलिस्तीनी के लिए ज़रूरी पूर्वी यरूशलम और बेथलहम के बीच की क्षेत्रीय निरंतरता को ख़त्म कर देगा।
पीपल्स डिस्पैच
21 Feb 2020
चोरी की फ़िलिस्तीनी ज़मीन पर इज़रायल ने किया निर्माण का ऐलान
क़ब्ज़े वाले पूर्वी यरूशलम की तस्वीर

गुरुवार 19 फरवरी को इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहु ने पूर्वी यरूशलम के क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्र में रहने वाले अवैध इजरायली निवासियों के लिए हज़ारों नई आवास इकाइयों के निर्माण की घोषणा की।

इस घोषणा के अनुसार, पूर्वी यरूशलम के फ़िलिस्तीनी इलाक़े बेत सफ़ाफ़ा के पास जबल अबू ग़नीम(या हर होमा) और गिवात हमातोस में ग़ैर क़ानूनी रूप से रहने वाले इज़रायली यहूदियों के लिए 5200 नए घर बनाने की स्वीकृति दी गई है। इसमें से 2200 का निर्माण हर होमा में होगा और 3000 का निर्माण गिवात हमातोस में होगा। नेतन्याहु ने यह भी कहा है कि फ़िलिस्तीनीयों के लिए भी 1000 घर बनाए जाएंगे।

इस कदम को फिलिस्तीनियों के साथ-साथ मानवाधिकार संगठनों द्वारा कड़ी निंदा का सामना करना पड़ा है। Peace now ने इस कदम को "स्टेट सूसाइड" तक कहा है। और कहा है कि यह "2 स्टेट सोल्यूशन" को एक बड़ा झटका साबित होगा, क्योंकि नया निर्माण पूर्वी यरूशलेम के कुछ हिस्सों और कब्जे वाले वेस्ट बैंक के बीच क्षेत्रीय निरंतरता को बाधित करेगा। और यह भावी रूप से एक व्यवहार्य, सन्निहित, स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की किसी भी उम्मीद को समाप्त करता है।

फिलिस्तीनी नेतृत्व, राष्ट्रपति के कार्यालय सहित, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने भी इस निर्णय की निंदा की है। राष्ट्रपति के प्रवक्ता, नबील अबु रूदिनेह ने कहा, “नेतन्याहू का फ़िलिस्तीनी राज्य के क्षेत्रों पर हज़ारों नई बसने वाली इकाइयों का निर्माण करने का ऐलान दो-राज्य समाधान का एक व्यवस्थित विनाश है।”

उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहु दो हफ़्ते से भी कम समय में होने वाले चुनाव में दक्षिणपंथी, कट्टर यहूदियों के वोट पाने चाहते हैं।

फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के महासचिव, सएब एरेकत ने अमेरिकी प्रशासन और इज़रायल पर एक नई 'एनेक्सेशन कमेटी ’का गठन करके सहयोग करने का आरोप लगाया, जो अवैध रूप से फ़िलिस्तीन राज्य की भूमि की चोरी और उपनिवेशण करने के लिए 1967 से पूर्व की सीमाओं के आधार पर विश्व समर्थित दो राज्य समाधान के अनुसार थी। 

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Israel
Palestine
Benjamin Netanyahu
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