NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़राइल ने 2016-2018 से केवल 1.4 प्रतिशत फिलिस्तीन में भवन निर्माण के आवेदनों को मंजूरी दी
ठीक इसी समय इजरायल ने 2147 फिलिस्तीनी घरों को विध्वंस करने के लिए आदेश जारी किए जिनमें से 90 पर कार्रवाई की गई।
पीपल्स डिस्पैच
25 Jan 2020
Israel

वेस्ट बैंक के कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र में घरों को निर्माण के लिए अनुमति देने और उस पर नज़र रखने के लिए जिम्मेदार इज़रायल की सरकारी निकाय सिविल एडमिनिस्ट्रेशन ने कब्जे वाले वेस्ट बैेक के 'क्षेत्र सी' में निर्माण के लिए आए आवेदनों में से केवल 1.4 प्रतिशत आवेदनों को ही मंजूरी दी है।

इजरायल के मानवाधिकार संगठन बिमकोम द्वारा सूचना की स्वतंत्रता के तहत मांगे गए जवाब में ये जानकारी मिली और इसे मंगलवार यानी 21 जनवरी को इजरायली समाचार संगठन हेरेट्ज़ द्वारा प्रकाशित की गई।

आंकड़ों से पता चला कि इजरायल के नागरिक प्रशासन ने फिलिस्तीनियों से प्राप्त 1485 आवेदनों में से केवल 21 को मंजूरी दी यानी कि 98.6 प्रतिशत को अस्वीकार कर दिया गया।

दूसरी ओर, नागरिक प्रशासन ने 2147 फिलिस्तीनी घरों और इमारतों के विध्वंस करने के आदेश जारी किए जिनमें से 90 पर कार्रवाई की गई।

पिछले वर्षों और दशकों से अन्य तुलनात्मक आंकड़े भी प्राप्त किए गए थे। उदाहरण के लिए यह दर्शाता है कि साल 2000 से 2018 तक फिलिस्तीनियों द्वारा 'एरिया सी' में निर्माण परमिट के लिए 6532 आवेदन दिए गए थे जिनमें से केवल 210 को मंजूरी दी गई थी अर्थात 3.2 प्रतिशत की दर से मंजूरी दी गई।

1995 में ओस्लो संधि के अनुसार, वेस्ट बैंक को तीन क्षेत्रों में बांटा गया था। पूर्ण फिलिस्तीनी नियंत्रण में 'क्षेत्र ए’, फिलिस्तीनी नागरिक प्रशासनिक नियंत्रण और इजरायली सुरक्षा नियंत्रण में 'क्षेत्र बी’ और पूर्ण इजरायल नियंत्रण में 'क्षेत्र सी’ थे। इन वर्षों में, इजरायल ने वेस्ट बैंक को अधिक धार्मिक और रणनीतिक महत्व देना शुरू कर दिया और कब्जे वाली भूमि पर बसाने के लिए अवैध रूप से यहूदियों को प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया। जैसा कि वेस्ट बैंक के कब्जे में यहूदी बस्तियों में अवैध रूप से रह रहे यहूदियों की संख्या 6,50,000 तक बढ़ गई जबकि फिलिस्तीनी घरों और भवन के निर्माण के अनुमति की संख्या दोनों घटी है।

मानवाधिकार समूहों और अन्य विश्लेषकों के अनुसार अन्य कारण यह है कि इजरायल की प्रतिबंधात्मक नियोजन नीति है जिसके चलते फिलिस्तीनियों के लिए भवन निर्माण के लिए अनुमति लेना बहुत मुश्किल है क्योंकि उनके पास इस क्षेत्र के कई फिलिस्तीनी गांवों और कस्बों के लिए उचित मास्टर प्लान और संरचनात्मक नक्शे का अभाव है।

हैकेल संगठन के एक वकील जो वेस्ट बैंक भूमि कानून में माहिर हैं उनका कहना है कि इजरायल अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का उल्लंघन करके जानबूझकर इसके वैध फिलिस्तीनी निर्माण को रोक रहा है।

साभार :पीपल्स डिस्पैच

Israel
Palestine
Israel Occupied Palestine
Israel’s Palestine
human right commission

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

फ़िलिस्तीन पर इज़राइली हिंसा और यूक्रेन-रूस में ख़ूनी जंग कब तक

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    बहस: क्यों यादवों को मुसलमानों के पक्ष में डटा रहना चाहिए!
    04 Apr 2022
    आरएसएस-बीजेपी की मौजूदा राजनीतिक तैयारी को देखकर के अखिलेश यादव को मुसलमानों के साथ-साथ दलितों की सुरक्षा की जिम्मेदारी यादवों के कंधे पर डालनी चाहिए।
  • एम.ओबैद
    बिहारः बड़े-बड़े दावों के बावजूद भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम नीतीश सरकार
    04 Apr 2022
    समय-समय पर नीतीश सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलेरेंस नीति की बात करती रही है, लेकिन इसके उलट राज्य में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक:  ‘रोज़गार अभियान’ कब शुरू होगा सरकार जी!
    04 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत की। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा की थी। लेकिन बेरोज़गारी पर कोई बात नहीं कर रहा है।…
  • जगन्नाथ कुमार यादव
    नई शिक्षा नीति, सीयूसीईटी के ख़िलाफ़ छात्र-शिक्षकों ने खोला मोर्चा 
    04 Apr 2022
    बीते शुक्रवार को नई शिक्षा नीति (एनईपी ), हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी (हेफ़ा), फोर ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP),  सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीईटी) आदि के खिलाफ दिल्ली…
  • अनिल सिन्हा
    नेहरू म्यूज़ियम का नाम बदलनाः राष्ट्र की स्मृतियों के ख़िलाफ़ संघ परिवार का युद्ध
    04 Apr 2022
    सवाल उठता है कि क्या संघ परिवार की लड़ाई सिर्फ़ नेहरू से है? गहराई से देखें तो संघ परिवार देश के इतिहास की उन तमाम स्मृतियों से लड़ रहा है जो संस्कृति या विचारधारा की विविधता तथा लोकतंत्र के पक्ष में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License