NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल की क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनी घरों और अन्य ढांचों पर अवैध कार्रवाई
इज़रायली सुरक्षा बलों ने भी क़ब्ज़े वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में कई छापे मारे। सैनिकों ने फ़िलिस्तीनी लोगों पर आंसू गैस के गोले दागे, रबर के कवर वाली मेटल की गोलियां चलाईं और कई लोगों को विभिन्न स्थानों से गिरफ़्तार किया।
पीपल्स डिस्पैच
18 Aug 2021
इज़रायल की क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनी घरों और अन्य ढांचों पर अवैध कार्रवाई

इजरायली नगरपालिका अधिकारियों ने मंगलवार 17 अगस्त को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में पूर्वी येरुशेलम शहर के दक्षिण पश्चिम में स्थित बेत सफाफा शहर में एक फिलिस्तीनी किंडरगार्टन स्कूल को ध्वस्त कर दिया। वेस्ट बैंक में माउंट सबीह के पास एक अन्य तोड़ फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। स्थानीय फिलीस्तीनी सूत्रों के अनुसार ये अवैध इजरायली बस्ती की गतिविधि का केंद्र है।

फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा भी बेरोकटोक जारी रही क्योंकि इजरायली सुरक्षा बलों ने वेस्ट बैंक में कई छापेमारी कर कई फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया जिन्होंने अपने आस पास और कस्बों में आक्रमणों के खिलाफ विरोध करने और लड़ने की कोशिश की।

समाचार रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सेना के सैनिकों की निगरानी में बुलडोजर बेत सफाफा के अल-सफा क्षेत्र में प्रवेश किया और अपनी अवैध कार्रवाई के लिए कोई स्पष्टीकरण या कारण बताए बिना स्कूल को ध्वस्त करना शुरू कर दिया।

इसी दिन, एक फ़िलिस्तीनी-स्वामित्व वाले आंशिक रूप से निर्मित घर को भी माउंट सबीह के पास यत्मा गांव में ध्वस्त कर दिया गया था। वेस्ट बैंक में अवैध इजरायली सेटलमेंट एक्टिविटी पर नज़र रखने वाले फिलीस्तीनी प्राधिकरण के घसान डागलस ने कहा कि ये देखा गया कि बुलडोजर के साथ इजरायली सेना तोड़फोड़ करने के लिए गांव में प्रवेश किए। इस घर को गिराने का भी कोई कारण नहीं बताया गया।

इज़रायली प्रशासन नियमित रूप से फिलिस्तीनी-स्वामित्व वाली आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों को इजरायल प्रशासित नगर पालिकाओं द्वारा जारी किए गए आवश्यक निर्माण परमिट के बिना बनाए जाने के आधार पर उन्हें अवैध मानते हुए ध्वस्त करता है। फिलिस्तीनियों ने काफी समय से शिकायत की है कि इन आवश्यक परमिटों को प्राप्त करना उनके लिए असंभव है क्योंकि इन परमिटों के लिए उनके अधिकांश आवेदन इजरायली अधिकारियों द्वारा खारिज कर दिए जाते हैं, जिससे उनके पास अपने घरों और अन्य संपत्तियों को जोखिम में डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्हें विध्वंस के आदेश जारी किए जा रहे हैं या बिना किसी सूचना या चेतावनी के अचानक ध्वस्त कर दिया जा रहा है।

इस बीच, इजरायली सैनिकों ने रामल्ला की फिलिस्तीनी राजधानी के पास अल-बिरेह में, रामल्ला प्रांत में रास करकार शहर, जेरिको के अकबत जबर शरणार्थी शिविर में, शुफत शरणार्थी शिविर और पूर्वी येरुशेलम के इस्साविया इलाके और वेस्ट बैंक शहर हेब्रोन में छापे मारे। कथित तौर पर उन्होंने स्थानीय फिलिस्तीनी लोगों पर आंसू गैस के गोले दागे और रबर के कवर वाली मेटल गोलियों से हमला किया।

Israel
West Bank
Palestine
israeli forces

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    बलात्कार को लेकर राजनेताओं में संवेदनशीलता कब नज़र आएगी?
    13 Apr 2022
    अक्सर राजनेताओं के बयान कभी महिलाओं की बॉडी शेमिंग करते नज़र आते हैं तो कभी बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को मामूली बताने या पीड़ित को प्रताड़ित करने की कोशिश। बार-बार राजनीति से महिला विरोधी बयान अब…
  • underprivileged
    भारत डोगरा
    कमज़ोर वर्गों के लिए बनाई गईं योजनाएं क्यों भारी कटौती की शिकार हो जाती हैं
    13 Apr 2022
    क्या कोविड-19 से उत्पन्न संकट ने सरकार के बजट को बुरी तरह से निचोड़ दिया है, या यह उसकी तरफ से समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की सरासर उपेक्षा है? इनके कुछ आंकड़े खुद ही सब कुछ बयां करते हैं।
  • ramnovmi
    अजय सिंह
    मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी
    13 Apr 2022
    एक बात साफ़ हो चली है, वह यह कि भारत में मुसलमानों के क़त्लेआम या जनसंहार (जेनोसाइड) की आशंका व ख़तरा काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। इस मंडराते ख़तरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
  • srilanka
    पार्थ एस घोष
    श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी
    13 Apr 2022
    निर्ल्लज तरीके के निजीकरण और सिंहली अति-राष्ट्रवाद पर अंकुश लगाने के लिए अधिकाधिक राजकीय हस्तक्षेप पर श्रीलंका में चल रही बहस, सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी है कि ऐसी गलतियां दोबारा न दोहराई…
  • रवि कौशल
    बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है
    13 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को वे उप कुलपति से उनके कार्यालय में नहीं मिल सके। यह लोग जेएनयू में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License