NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल ने पूर्वी यरूशलम में कोरोनो वायरस जांच के लिए बनाए गए फ़िलिस्तीनी क्लिनिक को बंद किया
ये कार्रवाई स्पष्ट रूप से फ़िलिस्तीनी अधिकारी को पूर्वी यरुशलम में कोई भी सरकारी कार्य करने से रोकती है।
पीपल्स डिस्पैच
16 Apr 2020
कोरोना वायरस

इज़रायली पुलिस ने 15 अप्रैल को छापा मारकर एक फिलिस्तीनी हेल्थ क्लिनिक को बंद कर दिया जो स्थानीय फिलिस्तीनियों में Covid-19 संक्रमण के संभावित मामलों की जांच के लिए स्थापित किया गया था। क़ब्ज़े वाले पूर्वी यरुशलम के सिलवान के क़रीब ये टेस्ट क्लिनिक को फिलीस्तीनी अधिकारी (पीए) के सहयोग से एक्टिविस्ट और स्थानीय आयोजकों द्वारा स्थापित किया गया था।

पैलेस्टाइन क्रॉनिकल के अनुसार, इज़रायली पुलिस ने फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट और क्लिनिक के आयोजकों को गिरफ़्तार कर लिया।

ये अस्थायी क्लिनिक सिलवान की एक स्थानीय मस्जिद में स्थापित किया गया था। भले ही मंगलवार रात को कर्फ्यू खत्म होने के कारण क्लिनिक बंद था, फिर भी पुलिस अधिकारियों ने क्लीनिक पर छापा मारा और इस क्लिनिक की स्थापना के लिए ज़िम्मेदार चार एक्टिविस्ट को गिरफ़्तार किया। एक प्रबंधक के अनुसार, सिलवान में टेस्टिंग किट की भारी कमी थी, जिसके चलते इस अस्थायी क्लिनिक की स्थापना की गई थी।

सिलवान में कोरोनावायरस के पहले से ही 40 मामले सामने आ चुके हैं और भीड़भाड़ वाला इलाक़ा होने के चलते ये वायरस अन्य लोगों में जल्दी फैल सकता है।

इजरायल के अधिकारियों ने दावा किया कि इस क्लिनिक को बंद करने का कारण पूर्वी येरुशलम में पीए द्वारा किसी भी तरह की सार्वजनिक गतिविधि को रोकना था। सिलवान क्लिनिक में किए गए किसी भी जांच को क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक ले जाया गया और वहां पीए के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया।

क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में कोरोनोवायरस के 316 मामले और गाजा के अवरुद्ध क्षेत्र में 13 मामले पहले ही सामने आ चुके हैं। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार और स्वास्थ्य संगठनों को डर है कि अगर पर्याप्त रूप से तैयारी नहीं की गई तो COVID-19 का प्रकोप दोनों क्षेत्रों में तबाही मचा सकता है, जो क़रीब 70 साल से अधिक समय से इज़रायल के क्रूर क़ब्ज़े के चलते बदतर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों की मार झेल रहा है। साल 2006 से गाजा की भूमि, वायु और समुद्र की नाकेबंदी जारी है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Coronavirus
COVID-19
Israel
Palestine
International Human Rights and Health Organizations

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM
    17 Mar 2022
    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मुस्लिम आबादी का 35 प्रतिशत हैं, वे अब अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हैं।
  • सौरव कुमार
    कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना
    17 Mar 2022
    कलबुर्गी, विजयपुरा, विजयनगर, रायचूर, दवेंगेरे, बागलकोट, बल्लारी, यादगीर और कोप्पल ज़िलों की लगभग 1500 देवदासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर बेंगलुरु शहर में धरना दिया।
  • UKRAIN
    क्लाउस उलरिच
    गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
    17 Mar 2022
    1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही…
  • भाषा
    दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह
    17 Mar 2022
    ‘पुलिस के लिये सबसे सशक्त हथियार नागरिकों का भरोसा एवं विश्वास होता है । नागरिक आपके ऊपर भरोसा तभी करेंगे जब आप उचित तरीके से काम करेंगे । ऐसे में लोगों को साथ लें । सामान्य जनता के प्रति संवेदनशील…
  • तान्या वाधवा
    कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
    17 Mar 2022
    अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License