NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
इज़रायल ने क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनियों की इमारतों को गिराया
इज़रायली अधिकारियों ने फ़िलिस्तीनियों की कई संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया और बिल्डिंग परमिट की कमी का हवाला देते हुए इस विध्वंस को उचित ठहराया।
पीपल्स डिस्पैच
05 Aug 2021
इज़रायल ने क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनियों की इमारतों को गिराया

इजरायल के अधिकारियों ने बुधवार 4 अगस्त को कब्जे वाले वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशेलम में फिलिस्तीनी आवासीय संपत्तियों, कृषि ढ़ांचों और वाणिज्यिक भवनों को व्यापक पैमाने पर गिराने के कार्य को अंजाम दिया। ये विध्वंस कार्य विभिन्न शहरों और गांव में इजरायली सेना की निगरानी में किए गए थे।

ये विध्वंस कब्जे वाले वेस्ट बैंक में नब्लुस शहर के उत्तर में स्थित सेबैस्टिया शहर में, कब्जे वाले येरुशेलम के उत्तर पूर्व इजरायली चेकप्वाइंट के पास हिजमा शहर में, उत्तरी जॉर्डन घाटी में तुबास शहर के उत्तर पूर्व फिलिस्तीनियों के बेदुइन गांव खिरबेत इब्जेक और दक्षिणी वेस्ट बैंक में बेथलेहेम में वादी रहाल गांव किए गए। ये विध्वंस इस बहाने से किए गए थे कि ये संरचनाएं अवैध रूप से बनाई गई और इसके पास उचित इज़रायली भवन परमिट नहीं था या वे येरूशलेम में इज़रायली नगरपालिका से संबंधित भूमि पर अतिक्रमण कर रहे थे।

कल हिजमा में विध्वंस तब हुआ जब एक इज़रायली अदालत ने हाल ही में "राजाबीम" नामक एक इज़रायली सेटलर्स संगठन द्वारा दाखिल याचिका को खारिज कर दिया था, जिसने अदालत से अनुरोध किया था कि वह विध्वंस को अधिकृत करने के लिए कहें क्योंकि ये संरचनाएं इज़रायली नगरपालिका की सीमाओं के अंदर स्थित थीं। एक नया विध्वंस आदेश जारी करने और कुछ ही घंटों की अवधि में इसे पूरा करने का आदेश जारी करने के बाद कल इजरायली अधिकारियों ने विध्वंस कार्रवाई को अंजाम दिया। फिलिस्तीनी इस अवैध विध्वंस के खिलाफ अपील दायर नहीं कर सके क्योंकि कल इजरायली अदालतों में छुट्टी थी।

भले ही इन विध्वंसों को जिनेवा कन्वेंशन के तहत एक युद्ध अपराध माना जाता है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध है जिसके अनुसार ऑक्यूपाइंग पावर उनकी भूमि को जब्त करने के लिए उनके घरों और भूमि से अपने कब्जे वाले नागरिक आबादी को जबरन स्थानांतरित नहीं कर सकती है, इज़रायल हजारों फिलिस्तीनियों को बेघर करते और फिलिस्तीनियों के क्षेत्र का नस्लीय सफाया करते हुए नियमित रूप से इस प्रकार के विध्वंस कार्यों को अंजाम देता है। कब्जा किए गए फिलिस्तीनी भूमि का उपयोग कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में पहले से मौजूद सैकड़ों अवैध इजरायली बस्तियों के नए निर्माण या विस्तार के लिए किया जाता है, जिसमें अब लगभग 7,00,000 अवैध इजरायली सेटलर्स हैं।

Israel
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • Gujarat Riots
    बादल सरोज
    गुजरात दंगों की बीसवीं बरसी भूलने के ख़तरे अनेक
    05 Mar 2022
    इस चुनिन्दा विस्मृति के पीछे उन घपलों, घोटालों, साजिशों, चालबाजियों, न्याय प्रबंधन की तिकड़मों की याद दिलाने से बचना है जिनके जरिये इन दंगों के असली मुजरिमों को बचाया गया था।
  • US Army Invasion
    रॉजर वॉटर्स
    जंग से फ़ायदा लेने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत
    05 Mar 2022
    पश्चिमी मीडिया ने यूक्रेन विवाद को इस तरह से दिखाया है जो हमें बांटने वाले हैं। मगर क्यों न हम उन सब के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं जो पूरी दुनिया में कहीं भी जंगों को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं?
  • government schemes
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे
    05 Mar 2022
    कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भारत के 5 राज्यों (दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा) में 488 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु पात्र महिलाओं के साथ बातचीत करने के बाद निकले नतीजे।
  • UP Elections
    इविता दास, वी.आर.श्रेया
    यूपी चुनाव: सोनभद्र और चंदौली जिलों में कोविड-19 की अनसुनी कहानियां हुईं उजागर 
    05 Mar 2022
    ये कहानियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और चंदौली जिलों की हैं जिन्हे ऑल-इंडिया यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा आयोजित एक जन सुनवाई में सुनाया गया था। 
  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी
    05 Mar 2022
    मोदी जी पिछले चुनाव के सारे नुस्खों को दुहराते हुए चुनाव नतीजों को दुहराना चाह रहे हैं, पर तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है और हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License