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इज़रायल ने फ़िलिस्तीन के एक गांव को ध्वस्त कर दिया, क़रीब 80 बेदुईन फ़िलिस्तीनी हुए बेघर 
इस विध्वंस की घटना की बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की गई है। विस्थापित फिलिस्तीनी परिवारों को लेकर चिंता व्यक्त की गई।
पीपल्स डिस्पैच
06 Nov 2020
इज़रायल ने फ़िलिस्तीन के एक गांव को ध्वस्त कर दिया

इज़रायली सेना ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के उत्तरी जॉर्डन घाटी में एक पूरे फिलिस्तीनी गांव को नष्ट कर दिया। गुरुवार 5 नवंबर को कई मीडिया घरानों ने इसकी रिपोर्ट की है। इसे पिछले 10 वर्षों में क़ब्ज़े वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इज़रायल द्वारा किए गए सबसे बड़े अवैध विध्वंस में से एक कहा गया है। फिलिस्तीनी बेदुईन पशुपालक-किसान समुदाय के निवासी वाले खिरबत हम्सा गांव के विध्वंस होने से क़रीब 80 फिलिस्तीनी विस्थापित और बेघर हुए जिनमें 41 बच्चे थे।

समाचार सूत्रों के अनुसार मंगलवार की देर रात में इजरायली सेना के वाहनों के साथ छह बुलडोजर और खनन करने वाले मशीन के साथ एक अचानक छापेमारी अभियान के तहत गांव में घुस गए जिससे गांव के लोग चकित हो गए कि उन्हें इज़रायली अधिकारियों द्वारा कथित विध्वंस को लेकर कोई अग्रिम सूचना नहीं दी गई थी। 100 से अधिक इज़रायली सैनिक भी इस विध्वंस ऑपरेशन का हिस्सा थे। इज़रायलियों द्वारा नष्ट किए जा रहे इस अभियान में विभिन्न प्रकार के और विभिन्न इस्तेमाल वाले 76 फिलिस्तीनी संरचनाओं को देखा गया था। इनमें से कई को यूरोपीय संघ (ईयू) और अन्य यूरोपीय संघ के सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों से धन मिले थे। इस विध्वंस के दौरान इजरायलियों द्वारा 30 टन से अधिक पशुओं के चारे को भी नष्ट कर दिया गया। इजरायली सैनिकों ने इस कार्रवाई के दौरान तीन ग्रामीणों से संबंधित दो ट्रैक्टर और अन्य वाहन भी ले लिए।

लगभग 80 लोगों वाले 11 फिलिस्तीनी परिवारों की परेशानियों को लेकर बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय निंदा की गई है और चिंता व्यक्त की गई है। इजरायल के मानवाधिकार संगठन B'Tselem के इंटरनेशनल एडवोकेसी ऑफिसर सरित मिचेली ने ट्वीट किया, “पिछली बार इजरायल ने 7 साल पहले संपूर्ण पशुपालक समुदाय को बेघर कर दिया था। जाहिर है, मानव-निर्मित मानवीय आपदा पैदा करके लोगों को इस भूमि से बेदखल करने का इरादा है। लेकिन लोगों ने हमें बताया है कि उन्हें कहीं नहीं जाना है।”

संयुक्त राष्ट्र ने विस्थापित फिलिस्तीनी परिवारों के लिए भी चिंता व्यक्त की है। क़ब्ज़े वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र के ह्यमनिटैरियन कोऑर्डिनेटर यवोन हेले ने खानाबदोश बेदुईन फिलिस्तीनी समुदायों को "वेस्ट बैंक में सबसे कमज़ोर समुदायों में से एक" कहा। उन्होंने आगे कहा कि उनका विस्थापन पिछले चार वर्षों में संख्या के अनुसार फिलिस्तीनियों का विस्थापित होने वाला सबसे बड़ा जबरन विस्थापन है। और ध्वस्त किए गए ढ़ांचों की संख्या के अनुसार एक दशक में सबसे बड़ा विध्वंस है।

क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में इज़रायली नागरिक प्रशासन जो इज़रायली सेना के अधीन आता है और क़ब्ज़े से संबंधित 'नागरिक' मामलों के लिए भी जिम्मेदार है उसने यह कहते हुए इस विध्वंस को सही ठहराया है कि बेदुईन ढ़ांचों को बिना परमिट हासिल किए हुए अवैध रूप से बनाया गया था और वे इज़रायल की सेना का फायरिंग जोन में स्थित थे जो पूरी तरह से सेना प्रशिक्षण क्षेत्रों के रूप में रिजर्व है।

मानवाधिकार संगठनों ने इज़रायल पर फिलिस्तीनी ढ़ाचों को ध्वस्त करने और भविष्य में अपने खुद के इस्तेमाल के लिए अधिक से अधिक फिलिस्तीनी भूमि को जब्त करने के लिए जानबूझकर एक चाल के रूप में परमिट की कमी और अवैध निर्माण के बहाने का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि जानलेवा कोरोनावायरस के प्रकोप के बावजूद वर्ष 2020 में इज़रायल का ये विध्वंस अपने उच्चतम स्तर पर है। इज़रायल द्वारा वर्ष 2020 के पहले 10 महीनों में लगभग 690 फिलिस्तीनी ढ़ांचों को ध्वस्त कर दिया गया है जिससे 404 फ़िलिस्तीनी बच्चों सहित 900 फ़िलिस्तीनियों के करीब विस्थापित हुए हैं।

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