NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनियों के कई घरों को नष्ट किया
हालांकि इज़रायल के सैनिकों द्वारा फ़िलिस्तीनी घरों के विध्वंस का अपराध पूरी तरह से दंडमुक्ति जैसा है। घरों को ध्वस्त करने की कल की घटना जॉर्डन घाटी के अवैध एनेक्सेशन की प्रस्तावित योजना के अनुरूप है।
पीपल्स डिस्पैच
04 Jun 2020
इज़रायल

क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के कई इलाक़ों में एक दर्जन से अधिक फ़िलिस्तीनी घरों को इज़रायली ऑक्यूपेशन फोर्स द्वारा कल यानी 3 जून को ध्वस्त कर दिया गया। घरों को ध्वस्त करने का ये अभियान इज़रायल द्वारा जॉर्डन घाटी के प्रस्तावित एनेक्सेशन के नक्शे के अनुरूप है।

फ़िलिस्तीनी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएफए के अनुसार हेब्रोन शहर के दक्षिण में स्थित मासफर याट्टा में फ़िलिस्तीनी समुदायों के कई घरों को इज़रायली सैनिकों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया।

डब्ल्यूएएफए के अनुसार, ये इलाक़ा "वेस्ट बैंक के एरिया सी में स्थित है" जो पूरी तरह से इज़रायली प्रशासन के अधीन है। पहले कई बार इस पर इज़रायली सेना और बसने वाले लोगों द्वारा निशाना बनाया गया है और ज़्यादातर स्थानीय लोगों के घरों और उनकी आजीविका-पशुधन के मुख्य स्रोत को नष्ट कर दिया है।

इसी तरह घरों को ध्वस्त करने का काम जेरिको शहर के पूर्व में किया गया था जहां ऑक्यूपेशन फोर्स ने डीर हेज़ल बेदुइन से संबंधित सात घरों और पशुओं के आश्रय को ध्वस्त कर दिया था।

ये दोनों क्षेत्र जॉर्डन घाटी क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं जिसे बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार द्वारा की गई घोषणाओं के अनुसार जुलाई में इज़रायल मिलाने की योजना बना रहा है।

फ़िलिस्तीनी घरों, व्यापारिक संस्थानों और यहां तक कि ऐतिहासिक स्मारकों को ध्वस्त करना इज़रायल की विस्तार योजनाओं का हिस्सा है। वे हर बहाने का इस्तेमाल करते हैं, सुरक्षा ख़तरों को लेकर इन संरचनाओं को ध्वस्त करने के लिए अनुमति की कमी है। वे अक्सर फ़िलिस्तीनियों को मनगढ़ंत आरोपों में गिरफ़्तार करते हैं और उनके घरों को अपनी "सामूहिक दंड" नीति के एक हिस्से के रूप में ध्वस्त कर देते हैं। इन सभी कृत्यों को फ़िलिस्तीनियों को इलाक़ा छोड़ने और क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों को यहूदी बस्ती बनाने की बड़ी प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए परेशान करने के एक तरीक़े के रूप में देखा जाता है।

फ़िलिस्तीनी समूह ने इन घरों को नष्ट करने को एथनिक क्लिंजिंग की प्रक्रिया बताया है। युद्ध और मानवाधिकारों के अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के अनुसार ऐसे कार्य अवैध हैं।

पिछले कुछ वर्षों में फ़िलिस्तीनियों के हज़ारों घरों और व्यापारिक ढ़ांचो को ध्वस्त कर दिया गया है। यूएन के अनुसार फ़िलिस्तीनियों के 27 घरों को 2020 की पहली तिमाही में इज़रायल द्वारा नष्ट कर दिया गया है। एक फ़ैसले में 1 जून को ऑक्यूपेशन अथॉरिटी ने पूर्वी यरुशलम के वादी अल-जोज़ इलाक़े में 200 से अधिक फ़िलिस्तीनी ढ़ांचो को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया।

2 जून को फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी ने क़ब्ज़े वाले पूर्वी यरुशलम में इज़रायल द्वारा फ़िलिस्तीनियों के घरों को ध्वस्त करने को लेकर अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) में अपील किया है।

Israel
Palestine
Middle East
West Bank
International news
International Politics

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License