NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल का क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में फ़िलिस्तीनियों के घरों को ध्वस्त करने का सिलसिला बढ़ाः यूएन
इज़रायल अवैध बस्तियों और चौकी के निर्माण के लिए परमिट की कमी का हवाला देते हुए दशकों से कब्जे वाले क्षेत्रों के एरिया सी में फ़िलिस्तीनियों के घरों और उनकी ज़मीनों को ज़ब्त करना जारी रखे हुए है।
पीपल्स डिस्पैच
17 Mar 2021
इज़रायल

संयुक्त राष्ट्र की मंगलवार 16 मार्च को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल के अधिकारियों द्वारा फिलिस्तीनी घरों को ध्वस्त करने की दर पिछले साल की तुलना में वर्ष 2021 में महीने-दर-महीने के आधार पर 65% बढ़ी है। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 के पहले दो महीनों में इस तरह के सबसे अधिक विध्वंस हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2009 से फिलिस्तीनियों के घरों के विध्वंस करने का रिकॉर्ड रखना शुरू किया था।

यूएन ऑफिस फॉर द कोऔर्डिनेशन ऑफ ह्यूमनिटेरियन अफेयर इन द पैलिस्टिनियन टेरिटरीज (ओसीएचए) द्वारा तैयार किए गए इस रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल फरवरी महीने में इजरायली अधिकारियों द्वारा 172 बच्चों सहित कम से कम 305 फिलिस्तीनियों ने अपने घरों को गंवा दिया और इनके घरों को ध्वस्त करने के कारण वे विस्थापित हो गए। इस रिपोर्ट के अनुसार तोड़ फोड़ और विस्थापन के कारण 435 से अधिक लोगों ने भी अपनी आजीविका को गंवा दिया है।

वर्ष 1967 में इन जमीनों पर कब्जे के बाद से इजरायल वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशेलम में फिलिस्तीनी घरों और अन्य ढ़ांचो को ध्वस्त कर रहा है। 1993-95 के ओस्लो समझौते के अनुसार इजरायल का एरिया सी नामक वेस्ट बैंक के 60% से अधिक क्षेत्र पर नियंत्रण है। यह इस तोड़ फोड़ के लिए अक्सर नियमों के उल्लंघन या परमिट की कमी का हवाला देता है। हालांकि, फिलिस्तीनियों और संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इजरायल के अधिकारी फिलिस्तीनियों को ये परमिट जारी करने में भेदभाव करते है। इनमें से कुछ लोगों को अपने घर बनाने से पहले वर्षों तक इंतजार करने के लिए मजबूर किया जाता है।

वेस्ट बैंक के इज़रायल नियंत्रित एरिया सी में 300,000 से अधिक फिलिस्तीनी रहते हैं। इजरायली अधिकारी 90% से अधिक मामलों में बिना किसी पूर्व चेतावनी या नोटिस के फिलिस्तीनी घरों और जमीनों को जब्त कर लेते हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार इजरायली अधिकारी मानवीय संगठनों द्वारा फिलिस्तीनियों को दान में दिए गए घरों को भी निशाना बनाते हैं। इस साल के पहले दो महीनों में इस तरह के हमले बहुत बढ़ गए हैं। इजरायल ने पिछले साल ध्वस्त किए गए 157 घरों की तुलना में इस साल पहले ही 93 घरों को ध्वस्त कर दिया है।

इज़रायली अधिकारियों द्वारा किए गए इस विध्वंस को अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के पूरी तरह उल्लंघन के तौर पर देखा जाता है। अधिकारी अवैध बस्तियों और चौकी के निर्माण के लिए फिलिस्तीनी भूमि पर कब्जा करते हैं।

Israel
Palestine
united nation
israel and palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

रूस द्वारा डोनबास के दो गणराज्यों को मान्यता देने के मसले पर भारत की दुविधा

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा


बाकी खबरें

  • श्रुति एमडी
    ‘तमिलनाडु सरकार मंदिर की ज़मीन पर रहने वाले लोगों पर हमले बंद करे’
    05 Apr 2022
    द्रमुक के दक्षिणपंथी हमले का प्रतिरोध करने और स्वयं को हिंदू की दोस्त पार्टी साबित करने की कोशिशों के बीच, मंदिरों की भूमि पर रहने वाले लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। 
  • भाषा
    श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमज़ोर हुई
    05 Apr 2022
    "सरकारी बजट पर मतदान के दौरान गठबंधन के पास 225 सांसदों में से 157 का समर्थन था, लेकिन अब 50 से 60 सदस्य इससे अलग होने वाले हैं। इसके परिणामस्वरूप सरकार न सिर्फ दो-तिहाई बहुमत खो देगी, बल्कि सामान्य…
  • विजय विनीत
    एमएलसी चुनाव: बनारस में बाहुबली बृजेश सिंह की पत्नी के आगे दीन-हीन क्यों बन गई है भाजपा?
    05 Apr 2022
    पीएम नरेंद्र मोदी का दुर्ग समझे जाने वाले बनारस में भाजपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. सुदामा पटेल ऐलानिया तौर पर अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर आरोप जड़ रहे हैं कि वो…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: आज दूसरे दिन भी एक हज़ार से कम नए मामले 
    05 Apr 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 96 हज़ार 369 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है। और एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 54 रह गयी है।
  • मुकुल सरल
    नफ़रत की क्रोनोलॉजी: वो धीरे-धीरे हमारी सांसों को बैन कर देंगे
    05 Apr 2022
    नज़रिया: अगर किसी को लगता है कि ये (अ)धर्म संसद, ये अज़ान विवाद, ये हिजाब का मुद्दा ये सब यूं ही आक्समिक हैं, आने-जाने वाले मुद्दे हैं तो वह बहुत बड़ा नादान है। या फिर मूर्ख या फिर धूर्त। यह सब यूं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License