NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल ने गाज़ा में कोरोना वायरस टीके के हस्तानांतरण पर रोक लगाई
फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण का कहना है कि इज़रायल ने गाज़ा में कोविड-19 से संबंधित आपात स्थितियों के लिए तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए 2,000 वैक्सीन की खुराक देने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
16 Feb 2021
इज़रायल

कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों के प्रति अपनी दमनकारी और भेदभावपूर्ण नीतियों को जारी रखते हुए इजरायल के अधिकारियों ने अब गाजा को कोरोनावायरस वैक्सीन हस्तांतरण करने से रोक लगा दी है। फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएफए के अनुसार सोमवार 15 फरवरी को जारी एक प्रेस बयान में फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्री माई अल्कैला ने कहा कि "इजरायल के अधिकारी इस मनमानी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार है जो सभी विधियों, कानूनों और अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के विपरीत है।"

इस निर्णय के लिए जिम्मेदार इजरायली अधिकारियों ने कहा कि गाजा को वैक्सीन की खुराक देने की अनुमति को इजरायल के उच्च अधिकारियों से "राजनीतिक निर्णय" के चलते देर की जा रही है। ये रिपोर्ट मिड्ल ईस्ट आई ने प्रकाशित किया।

इस महीने की शुरुआत में किए गए फैसले के अनुसार पैलिस्टिनियन अथॉरिटी ने प्राप्त होने पर गाजा में रूस की स्पुतनिक-वी टीके की 2,000 खुराक को स्थानांतरित करने का फैसला किया था। फिलीस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार COVID-19 रोगियों के लिए तैयार आईसीयू में काम करने वाले मे़डिकल स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों को ये खुराक देना था।

स्वास्थ्य मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से इजरायल पर दबाव बनाने का आग्रह करते हुए कहा है कि वे गाजा को वैक्सीन की खुराक की अनुमति दे। घनी आबादी वाले क्षेत्र गाजा पर साल 2006 के बाद से इजरायल की जमीनी, समुद्र और हवाई नाकाबंदी लागू है। इसे एक्टिविस्टों ने "दुनिया की सबसे बड़ी खुली हवा वाला जेल" करार दिया है।

फिलिस्तीन में अब तक COVID-19 संक्रमण से 1,900 से अधिक मौतों के साथ 168,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। 1.9 मिलियन फिलिस्तीनियों के आबादी वाले गाजा में अब तक COVID-19 संक्रमण के 53,000 से अधिक मामले और 530 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं।

इजरायल द्वारा टीका देने से इनकार करने के कारण काफी देरी से फिलिस्तीन ने 2 फरवरी को टीकाकरण अभियान को शुरु किया। कब्जा करने वाले इज़रायल ने फिलिस्तीनियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी से इनकार करते हुए कहा कि ओस्लो समझौते के अनुसार फिलिस्तीनियों के सेहत की जिम्मेदारी पीए पर है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र और डब्ल्यूएचओ सहित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा इजरायल के दावों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कब्जे वाले क्षेत्रों को लेकर जेनेवा कन्वेंशन के अनुसार इजरायल पर कब्जे वाले लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

फिलिस्तीनियों को छोड़कर कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में अवैध रूप से बसने वाले अपने नागरिकों को टीका लगाने की इजरायल की नीति को अलग-अलग मानवाधिकार समूहों द्वारा "वैक्सीन या चिकित्सा भेदभाव" करार दिया गया है।

आलोचना के बाद इजरायल ने वेस्ट बैंक को 5,000 खुराक दी जहां करीब 3 मिलियन फिलिस्तीनी रहते हैं।

Israel
Gaza
Palestine
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप


बाकी खबरें

  • अनिंदा डे
    मैक्रों की जीत ‘जोशीली’ नहीं रही, क्योंकि धुर-दक्षिणपंथियों ने की थी मज़बूत मोर्चाबंदी
    28 Apr 2022
    मरीन ले पेन को 2017 के चुनावों में मिले मतों में तीन मिलियन मत और जुड़ गए हैं, जो  दर्शाता है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद धुर-दक्षिणपंथी फिर से सत्ता के कितने क़रीब आ गए थे।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे
    28 Apr 2022
    महामारी के भयंकर प्रकोप के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी कर 100 दिन की 'कोविड ड्यूटी' पूरा करने वाले कर्मचारियों को 'पक्की नौकरी' की बात कही थी। आज के प्रदर्शन में मौजूद सभी कर्मचारियों…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में आज 3 हज़ार से भी ज्यादा नए मामले सामने आए 
    28 Apr 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,303 नए मामले सामने आए हैं | देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.04 फ़ीसदी यानी 16 हज़ार 980 हो गयी है।
  • aaj hi baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    न्यायिक हस्तक्षेप से रुड़की में धर्म संसद रद्द और जिग्नेश मेवानी पर केस दर केस
    28 Apr 2022
    न्यायपालिका संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में जरूरी हस्तक्षेप करे तो लोकतंत्र पर मंडराते गंभीर खतरों से देश और उसके संविधान को बचाना कठिन नही है. माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कथित धर्म-संसदो के…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र: एक कवि का बयान
    28 Apr 2022
    आजकल भारत की राजनीति में तीन ही विषय महत्वपूर्ण हैं, या कहें कि महत्वपूर्ण बना दिए गए हैं- जुलूस, लाउडस्पीकर और बुलडोज़र। रात-दिन इन्हीं की चर्चा है, प्राइम टाइम बहस है। इन तीनों पर ही मुकुल सरल ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License