NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायली सेटलर को फ़िलिस्तीनी परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के मामले में जेल की सज़ा
दोषी का संबंध इज़रायल में "हिलटॉप यूथ" समूह से है जो ऐतिहासिक फ़िलिस्तीन से ग़ैर-यहूदी का नस्लीय सफाया करना चाहता है।
पीपल्स डिस्पैच
15 Sep 2020
इज़रायली सेटलर को फ़िलिस्तीनी परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के मामले में जेल की सज़ा
हमले के बाद दवाबशेह परिवार का घर 

साल 2015 में इज़रायल के चरमपंथी सेटलर ने फिलिस्तीनी दवाबशेह परिवार के कई सदस्यों को नबलूस के निकट क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के गांव डूबा में स्थित उनके घर में मार दिया था। इस सेटलर को लेकर सोमवार 14 सितंबर को अदालत द्वारा तीन लाइफ सेंटेंस की सजा सुनाई गई थी। अमीराम बेन- उलियेल ने 31 जुलाई 2015 को मोलोतोव कॉकटेल के ज़रिए एक घर में आग लगा दी थी जिससे घर जल कर खाक हो गया और एक 18 महीने के शिशु अली दवाबशेह सहित दवाबशेह परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर दी थी। अली के माता-पिता, रिहम और साद ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस आतंकवादी हमले का एकमात्र जीवित बच्चा चार वर्षीय अहमद था जो बमुश्किल गंभीर रूप से जले हुए घाव से बचने में कामयाब रहा।

25 वर्षीय अमीराम बेन-उलीयेल को इस साल मई महीने में हत्या के तीन मामलों और हत्या के प्रयास के दो मामलों में दोषी ठहराया गया था। तीन लाइफ सेंटेंस के अलावा उसे अन्य आपराधिक आरोपों के लिए और 40 साल की जेल की सजा मिली थी जिसके लिए उसे दोषी ठहराया गया था। इस सजा में घृणित अपराध करने की साजिश भी शामिल थी। जिन आरोपों से उसे बरी किया गया था उनमें से एक 'आतंकवादी संगठन से संबंधित' होने का मामला था हालांकि वह 'हिलटॉप यूथ' समूह का सदस्य हो जो एक कट्टरपंथी समूह जिसमें कट्टरपंथी, अतिराष्ट्रवादी यहूदी सेटलर शामिल हैं जो दावा करते हैं कि उन्हें फिलिस्तीन से सभी गैर- यहूदी को निकालने का अधिकार है। इस समूह के सदस्य फिलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ कई हिंसक कृत्यों में शामिल रहे हैं।

अमीराम का एक साथी जो इस हमले के समय नाबालिग था उसको एक आतंकवादी संगठन का सदस्य होने के साथ-साथ आगजनी की घटना को अंजाम देने की साजिश का दोषी ठहराया गया था। इसने अभियोजकों के साथ समझौता किया है और बुधवार को सजा सुनाए जाने की उम्मीद है। इस समझौते के अनुसार, अभियोजक उसके लिए सजा के तौर पर साढ़े 5 साल से अधिक जेल की सजा नहीं मांगेंगे।

अपने फैसले में अदालत ने कहा कि आतंकवादी की "ये कार्रवाई पूरी तरीके से योजनाबद्ध थी और कट्टरपंथी विचारधारा से उपजी थी और नस्लवादी थी।"

हालांकि, इज़रायल की एजेंसियों ने "यहूदी आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर" बताते हुए इस फैसले का स्वागत किया है। अहमद के दादा हुसैन दवाबशेह ने इस फैसले के बाद संवाददाताओं से कहा कि, "इससे उन्हें कुछ भी वापस नहीं मिलेगा"।

दोषसिद्धी और सज़ा देना भी अपवाद है क्योंकि अधिकतर मामलों में जिसमें फिलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ इज़रायली आतंकवादी हमले और घृणित अपराध शामिल हैं उनमें दोषी की या तो दोषसिद्धी नहीं होती या तो मामूली सजा के तौर पर सामाजिक सेवा या कुछ महीनों के लिए जेल की सजा दी जाती है जो न्याय का पूरा मज़ाक है।

Israel
Israeli Settler
Palestine
murder case
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात


बाकी खबरें

  • bihar
    अनिल अंशुमन
    बिहार शेल्टर होम कांड-2’: मामले को रफ़ा-दफ़ा करता प्रशासन, हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
    05 Feb 2022
    गत 1 फ़रवरी को सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो ने बिहार की राजनीति में खलबली मचाई हुई है, इस वीडियो पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले लिया है। इस वीडियो में एक पीड़िता शेल्टर होम में होने वाली…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    सत्ता में आते ही पाक साफ हो गए सीएम और डिप्टी सीएम, राजनीतिक दलों में ‘धन कुबेरों’ का बोलबाला
    05 Feb 2022
    राजनीतिक दल और नेता अपने वादे के मुताबिक भले ही जनता की गरीबी खत्म न कर सके हों लेकिन अपनी जेबें खूब भरी हैं, इसके अलावा किसानों के मुकदमे हटे हो न हटे हों लेकिन अपना रिकॉर्ड पूरी तरह से साफ कर लिया…
  • beijing
    चार्ल्स जू
    2022 बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के ‘राजनयिक बहिष्कार’ के पीछे का पाखंड
    05 Feb 2022
    राजनीति को खेलों से ऊपर रखने के लिए वो कौन सा मानवाधिकार का मुद्दा है जो काफ़ी अहम है? दशकों से अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने अपनी सुविधा के मुताबिक इसका उत्तर तय किया है।
  • karnataka
    सोनिया यादव
    कर्नाटक: हिजाब पहना तो नहीं मिलेगी शिक्षा, कितना सही कितना गलत?
    05 Feb 2022
    हमारे देश में शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, फिर भी लड़कियां बड़ी मेहनत और मुश्किलों से शिक्षा की दहलीज़ तक पहुंचती हैं। ऐसे में पहनावे के चलते लड़कियों को शिक्षा से दूर रखना बिल्कुल भी जायज नहीं है।
  • Hindutva
    सुभाष गाताडे
    एक काल्पनिक अतीत के लिए हिंदुत्व की अंतहीन खोज
    05 Feb 2022
    केंद्र सरकार आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार को समर्पित करने के लिए  सत्याग्रह पर एक संग्रहालय की योजना बना रही है। इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के उसके ऐसे प्रयासों का देश के लोगों को विरोध…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License