NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायली सेना ने फ़िलिस्तीन की सांस्कृतिक हस्तियों को गिरफ़्तार किया
तीन सांस्कृतिक केंद्रों और संस्थानों के निदेशकों को आतंकवाद, धोखाधड़ी, कर चोरी के आरोपों में गिरफ़्तार किया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
23 Jul 2020
इज़रायली सेना ने फ़िलिस्तीन की सांस्कृतिक हस्तियों को गिरफ़्तार किया

कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इज़रायल के सुरक्षा बलों ने 22 जुलाई को पूर्वी येरुशलम में कई प्रमुख और प्रसिद्ध फिलिस्तीनी सांस्कृतिक और साहित्यिक संस्थानों पर छापा मारा जिनमें से तीन के प्रमुखों को "आतंकवाद के वित्तपोषण" के आरोप में हिरासत में ले लिया। खुफिया एजेंटों के साथ-साथ कर जांचकर्ताओं इज़रायल के पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर इन निदेशकों के घरों पर छापा मारा और उनकी गिरफ़्तारी की। इन तीन निदेशकों में से दो को तब इज़रायली एजेंटों द्वारा उनके संबंधित संस्थानों में भेज दिया गया, जहां उन्होंने अहम दस्तावेज़ों को ज़ब्त कर लिया और कुछ कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।

एडवर्ड सईद नेशनल कंज़र्वेटरी ऑफ़ म्यूज़िक (ईएसएनसीएम) के निदेशक सुहैल खुरी, याबूस कल्चरल सेंटर के निदेशक रानिया एलियास और जेरूसलम आर्ट्स नेटवर्क (शफक) के निदेशक दाउद अल-ग़ौल ऐसे तीन लोग थें जिन्हें इज़रायली अधिकारियों ने गिरफ़्तार किया था। अल-गौल के घर पर भी एजेंटों ने छापा मारा और नुकसान पहुंचाया। इज़रायल की पुलिस ने कहा कि तीनों निदेशकों को कई संदेह पर गिरफ़्तार किया गया,जिसमें "आतंकवादी संगठनों को वित्तपोषण, कर चोरी और धोखाधड़ी" जैसे आरोप शामिल थे।

पैलेस्टिनियन अथॉरिटी (PA) के संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में इज़रायली कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि "इन संस्थानों पर हमला फिलिस्तीनी राष्ट्रीय संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत पर हमला है।" पैलेस्टिनियन लिब्रेशन ऑर्गनाइजेशन के एक्जक्यूटिव कमेटी के सदस्य और वरिष्ठ फिलिस्तीनी नेता हनान अशरवी ने भी इस गिरफ़्तारी की निंदा करते हुए एक बयान में कहा कि इज़रायल की सरकार का "फिलिस्तीन की मौजूदगी को मिटाने और घरों के विध्वंस करने, जबरन निकालने और फिलिस्तीनी येरुशेलमवासी की आजीविका को निशाना बनाते हुए शहर के जनसांख्यिकीय और सांस्कृतिक रचना को बदलना चाहती है।"

बुधवार को जिन संस्थानों पर इज़रायल ने छापा मारा वे फिलिस्तीनी सांस्कृतिक और यरुशेलम में साहित्यिक गतिविधियों के केंद्र हैं और वे सबसे प्रसिद्ध और प्रसिद्ध फिलिस्तीनी सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन कराते रहे हैं। यरूशलेम, नबलूस, गाजा, रामल्लाह और बेथलहम में ईएसएनसीएम की कई शाखाओं में हज़ारों छात्रों का दाख़िला है।

Israel
Palestine
Palestinian cultural
Ministry of Culture
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया


बाकी खबरें

  • lalu
    भाषा
    चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया
    15 Feb 2022
    अदालत ने 29 जनवरी को मामले में दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रसाद को इससे पहले चारा घोटाला के चार अन्य मामलों में 14 साल जेल की सजा सुनाई जा चुकी है।
  • kanpur
    महेश कुमार
    यूपी चुनाव: कानपुर क्या बदलाव के लिए तैयार है?
    15 Feb 2022
    कानपुर शहर को औद्योगिक नगरी के नाम से जाना जाता है लेकिन कोविड महामारी ने कानपुर के उद्योग की कमर तोड़ कर रख दी है। बेरोज़गारी बढ़ गई है। जो मज़दूर काम कर रहे हें उनका वेतन काफी कम हो गया है।
  • Gyana Devi
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: बग़ैर किसी सरकारी मदद के अपने वजूद के लिए लड़तीं कोविड विधवाएं
    15 Feb 2022
    राज्य भर के हज़ारों परिवारों को मुआवज़ा मिलने के कोई आसार नहीं हैं, क्योंकि लोगों के पास स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच नहीं है और इसलिए, कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई मौत का वे "सबूत" नहीं दे सकते।
  • एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन ने रूस के प्रति अपनी आक्रमकता को कम किया
    15 Feb 2022
    यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को बाइडेन द्वारा किए गए फ़ोन के बारे में व्हाइट हाउस ने जो बयान जारी किया है वह हालिया अमेरिकी घोषणाओं से अलग है।
  • यूपी चुनाव : किसानों ने कहा- आय दोगुनी क्या होती, लागत तक नहीं निकल पा रही
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : किसानों ने कहा- आय दोगुनी क्या होती, लागत तक नहीं निकल पा रही
    15 Feb 2022
    "हमें तो खेती करने के लिए और क़र्ज़ ही लेना पड़ रहा है फ़ायदे की तो बात ही छोड़ दीजिए। अभी तो हाल यह हो गया है कि खेती में लागत का पैसा भी नहीं निकल पा रहा है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License