NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायली सेना ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में  फ़िलिस्तीनी बच्चों को हिरासत में लिया
8 से 13 वर्ष की आयु के पांच बच्चे अपने गांव के पास खेल रहे थे तभी हथियारों से लैस इज़रायली सशस्त्र कर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उन्हें रिहा करने से पहले घंटों तक हिरासत में रखा।
पीपल्स डिस्पैच
12 Mar 2021
इज़रायली सेना ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में  फ़िलिस्तीनी बच्चों को हिरासत में लिया

अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पूरी तरह से उल्लंघन और फिलिस्तीनी कब्जे वाले क्षेत्रों में इसकी और से जारी दमनकारी कब्जे के साथ साथ इजरायली सेनाओं ने बुधवार को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हेब्रोन में पांच फिलिस्तीनी बच्चों को हिरासत में ले लिया। हथियारों से लैस इजरायली सेना को एक वीडियो में आठ से 13 साल के बीच के बच्चों को नजदीकी पुलिस स्टेशन में घसीटते हुए देखा गया था। इस वीडियो को इजरायली मानवाधिकार समूह B'Tselem द्वारा गुरुवार 11 मार्च को जारी किया गया।

रिहा होने से पहले इन पांचों बच्चों को घंटों तक हिरासत में रखा गया। हालांकि, इजरायली सैनिकों ने 12 और 13 वर्ष की आयु के इन बच्चों में से दो बच्चों को अन्य सवालों का जवाब देने के लिए अगले सप्ताह वापस आने के लिए कहा है। इजरायल के कानून के अनुसार 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे कानून का सामना करने के योग्य हैं।

इज़रायली सैनिकों ने दावा किया कि वे "घुसपैठ" के आरोपों की जांच कर रहे हैं। इन बच्चों को क्षेत्र में खेलते और कुछ जंगली पौधों को इकट्ठा करते देखा गया था तभी नए बसने वाले दो लोग पेड़ों के पीछे आए और बच्चों को डरा दिया और सैनिकों को बुला लिया। ये नए लोग अवैध सीमांत बस्ती हैवट मओन में रह रहे हैं जो फिलीस्तीन के गांव मासाफर यत्ता के करीब है।

फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएफए ने एक रिपोर्ट में कहा कि ठीक इसी दिन अवैध रूप से बसे लोगों ने उसी गांव से दो फिलिस्तीनी बच्चों पर उस समय गोली चलाई जब वे अपनी भेड़ को नजदीक के गांव में चरा रहे थे।

B'Tselem और अन्य मानवाधिकार के समूहों ने इजरायली सेनाओं द्वारा कम उम्र के फ़िलिस्तीनी बच्चों के हिरासत को अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है और साथ नस्लभेद का एक अन्य प्रतीक कहा है।

अंतरराष्ट्रीय मांग और आलोचना के बावजूद 1967 में कब्जे की शुरुआत के बाद से फिलिस्तीनी बच्चों को हिरासत में रखने और सताए जाने की अपनी नीति के साथ इजरायल के कब्जे वाली सेना ने अपनी नीति पर अमल करना जारी रखा है। विभिन्न स्रोतों के अनुसार हर साल इजरायल कम से कम 500 से 700 फिलीस्तीनी बच्चों पर मुकदमा चलाता है। फ़िलिस्तीनी मानवाधिकार समूह Addameer के अनुसार वर्तमान में कम से कम 140 फ़िलिस्तीनी बच्चे इजरायल की जेलों में बंद हैं।

Israel
Palestine
West Bank
occupied west bank

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 12,516 नए मामले, 501 मरीज़ों की मौत
    12 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.40 फ़ीसदी यानी 1 लाख 37 हज़ार 416 हो गयी है।
  • The Perfect Storm Behind India’s Growing Hunger Crisis
    रश्मि सहगल
    भारत के बढ़ते भूख संकट के पीछे एक नहीं, कई कारकों का दुर्लभ संयोग 
    12 Nov 2021
    अर्थशास्त्री और राइट टू फ़ूड कंपेन की प्रमुख प्रचारक दीपा सिन्हा अहम भूख संकेतकों पर भारत के ख़राब प्रदर्शन के कारणों और इन हालात से बाहर निकलने के रास्ते बता रही हैं।
  • opec
    एम. के. भद्रकुमार
    एक और महाशक्ति का पीछा करती तेल की क़ीमत
    12 Nov 2021
    अमेरिका के लिए, आपदा प्रतीक्षा कर रही है क्योंकि मुद्रास्फीति का भूत अर्थव्यवस्था को सता रहा है और आगे सर्दी का मौसम भी आने वाला है।
  • Taliban
    एम. के. भद्रकुमार
    तालिबान सरकार को अमेरिकी मान्यता पूरे खेल को बदल देगी 
    12 Nov 2021
    तालिबान पर बाइडेन की सोच में बदलाव से चीन जैसे देशों पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    SC करेगा पत्रकारों की याचिकाओं पर सुनवाई, आशा वर्कर्स पर यूपी पुलिस का लाठीचार्ज और अन्य ख़बरें
    11 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी सुप्रीम कोर्ट में होगी पत्रकारों की याचिका पर सुनवाई, आशा वर्कर्स पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज और अन्य ख़बरों पर।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License