NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
युद्धविराम की घोषणा के बाद गाज़ा में इज़रायली हमले समाप्त, गाज़ावासियों का जीत का दावा
इस युद्धविराम की मध्यस्थता इजिप्ट द्वारा की गई और 11 दिनों तक चले इज़रायल के हवाई हमलों को समाप्त करते हुए शुक्रवार 21 मई को सुबह 2 बजे युद्धविराम लागू हुआ।
पीपल्स डिस्पैच
21 May 2021
युद्धविराम की घोषणा के बाद गाज़ा में इज़रायली हमले समाप्त, गाज़ावासियों का जीत का दावा

लाखों फिलिस्तीनियों को राहत देते हुए गाजा में शुक्रवार 21 मई को सुबह 2 बजे 11 दिनों तक चले इजरायली हमले को समाप्त करते हुए युद्धविराम लागू हुआ। इजरायल और हमास/इस्लामिक जिहाद दोनों के बीच हुए समझौते पर गुरुवार को मिस्र ने मध्यस्थता की। इजरायल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में घोषणा की कि इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने सर्वसम्मति से इसे बिना किसी शर्त के स्वीकार कर लिया जिसके बाद गाजावासियों ने इजरायल के हमले की समाप्ति को जीत के रूप में मनाया।

युद्धविराम की घोषणा के बाद गाजा में हजारों फिलिस्तीनी जीत के संकेत और फिलिस्तीनी झंडा लहराते हुए सड़कों पर उतर आए। कई फ़िलिस्तीनी लोगों ने ट्विटर पर लिखा कि युद्धविराम समझौते के लिए इज़रायल का समझौता "फ़िलिस्तीनियों की जीत" और इज़रायल की हार है।

कब्जे वाले अन्य क्षेत्रों में भी कई विजय जुलूस निकाले गए। पूर्वी येरुशेलम में हजारों फिलिस्तीनी अल-अक्सा परिसर में इकट्ठा हुए।

फ़िलिस्तीनियों ने इज़रायली आक्रमण का विरोध किया था और गाजा के लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हुए कब्जे वाले सभी क्षेत्रों में कई विरोध प्रदर्शन किए थे। फिलिस्तीनियों ने भी 17 मई को इजरायल के हमलों के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल की थी।

युद्धविराम की घोषणा का चीन सहित विभिन्न देशों ने स्वागत किया है जिसने गाजा के पुनर्निर्माण में मदद करने और अपने घरों को गंवाने वाले लोगों को तत्काल राहत प्रदान करने का भी वादा किया है।

गाजा में 11 दिनों तक चले इजरायली हवाई हमले में 65 बच्चों सहित कम से कम 234 फिलीस्तीनियों की मौत हो गई और 1700 से अधिक लोग घायल हो गए। इसके अलावा नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इजरायली हवाई हमलों में हज़ारों फ़िलिस्तीनी अपने घर खो चुके हैं और घर तबाह हो जाने के बाद वे शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

हमास और इस्लामिक जिहाद समूहों द्वारा किए गए रॉकेट हमलों में इज़रायल के अंदर कम से कम 12 लोग मारे गए थे। युद्धविराम के बाद इज़रायल ने देश के अंदर सभी आपातकालीन प्रतिबंधों को समाप्त करने की घोषणा की।

भले ही इस युद्धविराम का लोगों द्वारा एक अस्थायी राहत के रूप में स्वागत किया गया है वहीं लोगों ने भविष्य में हिंसा से बचने के लिए फिलिस्तीन पर इजरायल के कब्जे को समाप्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

Gaza
Israel
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • श्याम मीरा सिंह
    यूक्रेन में फंसे बच्चों के नाम पर PM कर रहे चुनावी प्रचार, वरुण गांधी बोले- हर आपदा में ‘अवसर’ नहीं खोजना चाहिए
    28 Feb 2022
    एक तरफ़ प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में यूक्रेन में फंसे कुछ सौ बच्चों को रेस्क्यू करने के नाम पर वोट मांग रहे हैं। दूसरी तरफ़ यूक्रेन में अभी हज़ारों बच्चे फंसे हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे…
  • karnataka
    शुभम शर्मा
    हिजाब को गलत क्यों मानते हैं हिंदुत्व और पितृसत्ता? 
    28 Feb 2022
    यह विडम्बना ही है कि हिजाब का विरोध हिंदुत्ववादी ताकतों की ओर से होता है, जो खुद हर तरह की सामाजिक रूढ़ियों और संकीर्णता से चिपकी रहती हैं।
  • Chiraigaon
    विजय विनीत
    बनारस की जंग—चिरईगांव का रंज : चुनाव में कहां गुम हो गया किसानों-बाग़बानों की आय दोगुना करने का भाजपाई एजेंडा!
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के बनारस में चिरईगांव के बाग़बानों का जो रंज पांच दशक पहले था, वही आज भी है। सिर्फ चुनाव के समय ही इनका हाल-चाल लेने नेता आते हैं या फिर आम-अमरूद से लकदक बगीचों में फल खाने। आमदनी दोगुना…
  • pop and putin
    एम. के. भद्रकुमार
    पोप, पुतिन और संकटग्रस्त यूक्रेन
    28 Feb 2022
    भू-राजनीति को लेकर फ़्रांसिस की दिलचस्पी, रूसी विदेश नीति के प्रति उनकी सहानुभूति और पश्चिम की उनकी आलोचना को देखते हुए रूसी दूतावास का उनका यह दौरा एक ग़ैरमामूली प्रतीक बन जाता है।
  • MANIPUR
    शशि शेखर
    मुद्दा: महिला सशक्तिकरण मॉडल की पोल खोलता मणिपुर विधानसभा चुनाव
    28 Feb 2022
    मणिपुर की महिलाएं अपने परिवार के सामाजिक-आर्थिक शक्ति की धुरी रही हैं। खेती-किसानी से ले कर अन्य आर्थिक गतिविधियों तक में वे अपने परिवार के पुरुष सदस्य से कहीं आगे नज़र आती हैं, लेकिन राजनीति में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License