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इज़रायली बलों ने क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फ़िलिस्तीनियों को गिरफ़्तार किया
हालांकि इज़रायल फिलिस्तीनियों को अक्सर गिरफ़्तार करता है और उन्हें महीनों तक अवैध हिरासत में रखता है लेकिन पिछले कुछ महीनों में ऐसी गिरफ़्तारियों की संख्या बढ़ी है।
पीपल्स डिस्पैच
02 Jun 2020
इज़रायल

इज़रायली बलों ने सोमवार, 1 जून को क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम के कई इलाक़ों से 23 फ़िलिस्तीनियों को गिरफ़्तार किया।

पैलेस्टिनियन प्रिजनर्स सोसायटी (पीपीएस) के अनुसार गिरफ़्तार किए गए लोगों में दो पूर्व क़ैदी और दो नाबालिग शामिल हैं।

हेब्रोन से छह और जॉर्डन घाटी के गांव से पांच फ़िलिस्तीनियों को गिरफ़्तार किया गया। गिरफ़्तारी के कारणों को इज़रायली बलों द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया। हेब्रोन शहर के पास बीट उमर नगर से एक 18 वर्षीय स्कूली लड़के और 16 साल के एक नाबालिग़ को गिरफ़्तार किया गया है।

हालांकि इज़़रायली बल फ़िलिस्तीनियों को अक्सर हिरासत में ले लेता है ऐसे में पिछले कुछ हफ्तों में गिरफ़्तारी की संख्या बढ़ गई है। कल की घटना एक महीने के भीतर दूसरी घटना थी जब इज़रायली बलों द्वारा सामूहिक गिरफ़्तारियां की गई थीं।

पिछले महीने फ़िलिस्तीनियों ने इस तरह के एक ऑपरेशन के दौरान इज़रायली बलों का विरोध किया था जिससे दो फ़िलिस्तीनियों और एक इज़रायली सैनिक की मौत हो गई थी।

अपने स्वयं के क़ानूनों सहित मौजूद सभी मानवाधिकारों के नियमों के पूरी तरह उल्लंघन में औपचारिक रूप से आरोप लगाए जाने / मुक़दमा किए जाने या रिहा होने से पहले महीनों तक ऐसे फ़िलिस्तीनी बंदियों को बिना किसी आरोप या औपचारिक जांच के इज़रायल बंदी बनाकर रखता रहा है। उनमें से कुछ को तो बिना किसी औपचारिक आरोप के बार-बार गिरफ़्तार किया जाता है।

पिछले दो महीनों में गिरफ़्तारी की संख्या में वृद्धि को लेकर अनुमान लगाया जाता है कि ये वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों और जॉर्डन घाटी में प्रस्तावित बस्तियों को लेकर किए गए हैं। प्रधानमंत्री नेतन्याहू की अगुवाई वाली इज़़रायल की नई सरकार ने फ़िलिस्तीनियों, पड़ोसी अरबों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कुछ देश द्वारा न मिलाने की अपील और चेतावनी के बावजूद औपचारिक घोषणा के लिए संभावित तारीख़ के रूप में 1 जुलाई की घोषणा की है।

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Palestinian Prisoners Society
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