NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायली सेनाओं ने शेख जर्राह से फ़िलिस्तीनी परिवारों को बेदख़ल के ख़िलाफ़ प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी बल का इस्तेमाल किया
इज़रायल की सर्वोच्च अदालत ने इस विरोध प्रदर्शन के बाद बेदख़ल के आदेश को स्थगित कर दिया। सोमवार को इस अपील पर सुनवाई होगी। कार्यकर्ताओं ने इसे सोशल मीडिया सेंसरशीप क़रार दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
07 May 2021
इज़रायली सेनाओं ने शेख जर्राह से फ़िलिस्तीनी परिवारों को बेदख़ल के ख़िलाफ़ प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी बल का इस्तेमाल किया

गुरुवार 6 मई को शेख जर्राह के निवासियों को बेदखल करने को लेकर विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए जब इजरायली सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया तो किशोर बच्चे सहित कई लोग घायल हो गई और सुरक्षा बलों ने दर्जन भर फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार कर लिया। शाम तक बेदखली को रोकने की खबर सामने आने के बाद भी ये प्रदर्शन जारी रहा। उधर कई कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट को बिना स्पष्टीकरण के हटा दिया गया है।

इस दिन शुरुआती समय में इजरायल के सुप्रीम कोर्ट ने इस इलाके के कम से कम 40 फिलिस्तीनियों के परिवोरों को बेदखल करने के फैसले को सोमवार 10 मई तक के लिए टाल दिया। अदालत सोमवार को चार परिवारों द्वारा बेदखली आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करेगी और तीन और परिवारों द्वारा दायर अपील पर भी गौर करेगी जिनकी बेदखली 1 जुलाई को की जाएगी।

इजरायल की अदालत ने 2 मई को अपने फैसले में फिलिस्तीनी परिवारों को अपने घरों को खाली करने के लिए कहा था जिसमें वे पीढ़ियों से रह रहे हैं। लोगों की नाराजगी के बाद अदालत ने परिवारों को नए बसने वाले यहूदियों के साथ एक समझौता करने के लिए कहा जिन्होंने मामला दायर किया था जिसमें दावा किया गया था कि उक्त जमीन उनकी थी। फिलिस्तीनी परिवारों ने यह कहते हुए इस समझौते के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया कि यह इजरायल के निवासियों के अवैध दावों को वैधता प्रदान करने जैसा होगा।

इजरायल की अदालतों ने इस महीने यह फैसला किया कि पूर्वी येरुशेलम में शेख जर्राह इलाके में बच्चों सहित कम से कम 500 फिलिस्तीनियों को अपने घर खोने का खतरा है। कहा गया कि ये भूमि यहूदियों से संबंधित है।

इस बीच कई फिलिस्तीनी एक्टिविस्टों ने गुरुवार को दावा किया कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक या सेंसर कर दिया गया है। अमेरिका स्थित एक समूह ने दावा किया कि उसे इंस्टाग्राम के बारे में दर्जनों शिकायतें मिली हैं जिसने बिना किसी स्पष्टीकरण के पोस्ट और स्टोरी को हटा दिया है।

इज़रायल फिलिस्तीनियों को बेदखल करना चाहता है और उसी स्थान पर एक यहूदी बस्ती का निर्माण करना चाहता है। यह पहले से ही कुछ परिवारों को बेदखल करने के बाद इस इलाके में यहूदी बस्तियों का निर्माण कर चुका है। इसने नियमित रूप से फिलिस्तीनी घरों को ध्वस्त किया है, फिलिस्तीनियों को नए घर बनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और यहां तक कि उन्हें जबरन बेदखल कर दिया। ये कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार अवैध हैं और रंगभेद और नस्लीय हिंसा की आलोचना की गई है।

Israel
Palestine
Supreme Court

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • workers
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: धीमी मौत मर रहा है भगवान कृष्ण को संवारने-सजाने वाला मथुरा-वृंदावन का उद्योग
    07 Feb 2022
    हिंदुत्व की उच्च डेसिबल की राजनीति हिंदू और मुस्लिम समुदायों से आने वाले कारीगरों, व्यापारियों और निर्माताओं की आजीविका को बचाने में विफल रही है।
  • yogi and amit shah
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा को चुनावों में भगवान और मुसलमान का ही सहारा
    07 Feb 2022
    ख़बरों की इस भाग दौड़ में ख़बरों का मर्म छूट जाता है। इस हफ़्ते की कुछ ख़ास ख़बरें लेकर आए हैं अनिल जैन, जिसमें राम जी की जाति से लेकर केजरीवाल का मोदी मॉडल तक शामिल है। 
  • Lata Mangeshkar
    नम्रता जोशी
    लता मंगेशकर की उपलब्धियों का भला कभी कोई विदाई गीत बन सकता है?
    07 Feb 2022
    संगीत और फ़िल्म निर्माण में स्वर्ण युग के सबसे बड़े नुमाइंदों में से एक लता मंगेशकर का निधन असल में वक़्त के उस बेरहम और अटूट सिलसिले का एक दुखद संकेत है, जो अपने जीवन काल में ही किंवदंती बन चुके…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक महीने बाद कोरोना के एक लाख से कम नए मामले सामने आए  
    07 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 83,876 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 2.62 फ़ीसदी यानी 11 लाख 8 हज़ार 938 हो गयी है।
  • MGNREGA
    डॉ. राजू पाण्डेय
    बजट 2022: गांव और किसान के प्रति सरकार की खटकने वाली अनदेखी
    07 Feb 2022
    कोविड-19 के इस भयानक दौर में यह आशा की जा रही थी कि सरकार न केवल मनरेगा को ज्यादा मजबूती देगी, बल्कि शहरी इलाकों के लिए भी कोई ऐसी ही योजना लाई जाएगी। विगत वित्तीय वर्ष के संशोधित आकलन की तुलना में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License