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इज़रायली सेनाओं ने शेख जर्राह से फ़िलिस्तीनी परिवारों को बेदख़ल के ख़िलाफ़ प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी बल का इस्तेमाल किया
इज़रायल की सर्वोच्च अदालत ने इस विरोध प्रदर्शन के बाद बेदख़ल के आदेश को स्थगित कर दिया। सोमवार को इस अपील पर सुनवाई होगी। कार्यकर्ताओं ने इसे सोशल मीडिया सेंसरशीप क़रार दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
07 May 2021
इज़रायली सेनाओं ने शेख जर्राह से फ़िलिस्तीनी परिवारों को बेदख़ल के ख़िलाफ़ प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी बल का इस्तेमाल किया

गुरुवार 6 मई को शेख जर्राह के निवासियों को बेदखल करने को लेकर विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए जब इजरायली सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया तो किशोर बच्चे सहित कई लोग घायल हो गई और सुरक्षा बलों ने दर्जन भर फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार कर लिया। शाम तक बेदखली को रोकने की खबर सामने आने के बाद भी ये प्रदर्शन जारी रहा। उधर कई कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट को बिना स्पष्टीकरण के हटा दिया गया है।

इस दिन शुरुआती समय में इजरायल के सुप्रीम कोर्ट ने इस इलाके के कम से कम 40 फिलिस्तीनियों के परिवोरों को बेदखल करने के फैसले को सोमवार 10 मई तक के लिए टाल दिया। अदालत सोमवार को चार परिवारों द्वारा बेदखली आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करेगी और तीन और परिवारों द्वारा दायर अपील पर भी गौर करेगी जिनकी बेदखली 1 जुलाई को की जाएगी।

इजरायल की अदालत ने 2 मई को अपने फैसले में फिलिस्तीनी परिवारों को अपने घरों को खाली करने के लिए कहा था जिसमें वे पीढ़ियों से रह रहे हैं। लोगों की नाराजगी के बाद अदालत ने परिवारों को नए बसने वाले यहूदियों के साथ एक समझौता करने के लिए कहा जिन्होंने मामला दायर किया था जिसमें दावा किया गया था कि उक्त जमीन उनकी थी। फिलिस्तीनी परिवारों ने यह कहते हुए इस समझौते के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया कि यह इजरायल के निवासियों के अवैध दावों को वैधता प्रदान करने जैसा होगा।

इजरायल की अदालतों ने इस महीने यह फैसला किया कि पूर्वी येरुशेलम में शेख जर्राह इलाके में बच्चों सहित कम से कम 500 फिलिस्तीनियों को अपने घर खोने का खतरा है। कहा गया कि ये भूमि यहूदियों से संबंधित है।

इस बीच कई फिलिस्तीनी एक्टिविस्टों ने गुरुवार को दावा किया कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक या सेंसर कर दिया गया है। अमेरिका स्थित एक समूह ने दावा किया कि उसे इंस्टाग्राम के बारे में दर्जनों शिकायतें मिली हैं जिसने बिना किसी स्पष्टीकरण के पोस्ट और स्टोरी को हटा दिया है।

इज़रायल फिलिस्तीनियों को बेदखल करना चाहता है और उसी स्थान पर एक यहूदी बस्ती का निर्माण करना चाहता है। यह पहले से ही कुछ परिवारों को बेदखल करने के बाद इस इलाके में यहूदी बस्तियों का निर्माण कर चुका है। इसने नियमित रूप से फिलिस्तीनी घरों को ध्वस्त किया है, फिलिस्तीनियों को नए घर बनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और यहां तक कि उन्हें जबरन बेदखल कर दिया। ये कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार अवैध हैं और रंगभेद और नस्लीय हिंसा की आलोचना की गई है।

Israel
Palestine
Supreme Court

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