NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायली सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भारत सहित दुनिया भर की सरकारों द्वारा एक्टिविस्टों, नेताओं, पत्रकारों की जासूसी के लिए किया गया : रिपोर्ट
एमनेस्टी इंटरनेशनल और पेरिस स्थित फॉरबिडन स्टोरीज़ के निष्कर्षों के आधार पर रविवार को कई मीडिया संगठनों द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इज़रायली स्पाइवेयर का इस्तेमाल लोगों के फ़ोन हैक करने के लिए किया जाता है।
पीपल्स डिस्पैच
19 Jul 2021
इज़रायली सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भारत सहित दुनिया भर की सरकारों द्वारा एक्टिविस्टों, नेताओं, पत्रकारों की जासूसी के लिए किया गया : रिपोर्ट

दुनिया भर के विभिन्न मीडिया संगठनों द्वारा रविवार 18 जुलाई को जारी की गई एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायली स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल करके दुनिया भर की सरकारों द्वारा प्रतिद्वंद्वी नेताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की जासूसी की गई थी।

शुरुआत में एमनेस्टी इंटरनेशनल और पेरिस स्थित गैर-लाभकारी संगठन फॉरबिडन स्टोरीज के निष्कर्षों और गार्जियन तथा 16 अन्य मीडिया संगठन द्वारा जांचे गए तथ्यों पर आधारित इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायली एनएसओ समूह द्वारा बेचे गए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कॉन्टेक्ट डिटेल्स, मेसेज, फोटो, ईमेल और कॉल रिकॉर्ड आदि निकालने के लिए लोगों के फोन हैक करने के लिए किया गया था।

एक बार संक्रमित होने पर पेगासस सॉफ्टवेयर फोन के कैमरे, माइक्रोफोन को गुप्त रूप से सक्रिय कर सकता है।

डेटा लीक की जांच द गार्जियन, वाशिंगटन पोस्ट और भारत में द वायर सहित 15 अन्य मीडिया संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। यह स्पाइवेयर का उपयोग करके इस तरह की जासूसी की पिछली रिपोर्टों की पुष्टि करता है और दावा करता है कि कम से कम 50,000 नंबर हैं जिनकी सरकारी एजेंसियों द्वारा जासूसी की जा सकती थी।

ये मीडिया समूह भविष्य में उन नंबरों के नामों का खुलासा करेंगे जिनको टार्गेट किया गया।

कनाडा स्थित सिटीजन लैब ने दिसंबर में अल जज़ीरा के पत्रकारों के खिलाफ स्पाइवेयर के इस्तेमाल का खुलासा किया था और एमनेस्टी ने पिछले साल जून में मोरक्को में एक्टिविस्टों के खिलाफ इसी तरह के स्पाइवेयर के इस्तेमाल की सूचना दी थी।

नवंबर 2018 में सिटीजन लैब ने भारत, सऊदी अरब और अन्य देशों में असंतुष्टों को निशाना बनाने के लिए इस स्पाइवेयर के इस्तेमाल का खुलासा किया था। व्हिसलब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन ने दावा किया था कि सऊदी हत्यारों द्वारा जमाल खशोगी को ट्रैक करने के लिए पेगासस का इस्तेमाल किया गया था।

सिटीजन लैब्स के निष्कर्षों के आधार पर इसका इस्तेमाल जासूसी के लिए दुनिया भर में लगभग 1,400 लोगों के फोन को संक्रमित करने के लिए किया गया था, व्हाट्सएप ने अमेरिका में एनएसओ समूह के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। यह पता चला है कि भीमा कोरेगांव मामले से जुड़े कई भारतीय एक्टिविस्टों, वकीलों और कई पत्रकारों के फोन इस इजरायली स्पाइवेयर से संक्रमित थे।

एमनेस्टी के कर्मचारी और कई पत्रकारों और एक्टिविस्टों को पेगासस द्वारा निशाना बनाने के बाद एमनेस्टी इंटरनेशनल और इज़रायल में 30 अन्य मानवाधिकार समूहों ने पिछले साल जनवरी में एनएसओ समूह के निर्यात लाइसेंस को रद्द करने के लिए एक मुकदमा दायर किया था। हालांकि, अदालत ने जुलाई में इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता पर्याप्त सबूत देने में विफल रहे हैं कि किसी मानवाधिकार कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया था।

Pegasus
Pegasus spyware
Pegasus software
Israel
NSO Group
Press freedom

Related Stories

पेगासस मामला : न्यायालय ने जांच रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा बढ़ाई

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

धनकुबेरों के हाथों में अख़बार और टीवी चैनल, वैकल्पिक मीडिया का गला घोंटती सरकार! 

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

इज़रायल को फिलिस्तीनी पत्रकारों और लोगों पर जानलेवा हमले बंद करने होंगे

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

भारत को मध्ययुग में ले जाने का राष्ट्रीय अभियान चल रहा है!

भारत में ‘वेंटिलेटर पर रखी प्रेस स्वतंत्रता’, क्या कहते हैं वैकल्पिक मीडिया के पत्रकार?

प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी

Press Freedom Index में 150वें नंबर पर भारत,अब तक का सबसे निचला स्तर


बाकी खबरें

  • up elections
    असद शेख़
    यूपी चुनाव: क्या हैं जनता के असली मुद्दे, जिन पर राजनीतिक पार्टियां हैं चुप! 
    01 Feb 2022
    सपा, बसपा, भाजपा और कांग्रेस की जीत और हार के बीच की इस बहस में कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब नहीं मिल पा रहा है। सवाल ये हैं कि जनता के मुद्दा क्या है? जनता की समस्या क्या है? पश्चिमी यूपी, अवध,…
  • Controversy over Hijab
    भाषा
    हिजाब को लेकर विवाद: छात्रा ने कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया
    01 Feb 2022
    याचिका में कहा गया है कि कॉलेज ने इस्लाम धर्म का पालन करने वाली आठ छात्राओं को प्रवेश नहीं करने दिया। इसमें कहा गया है कि ये छात्राएं हिजाब पहने थीं, इसलिए उन्हें शिक्षा के उनके मौलिक अधिकार से वंचित…
  • UP Health Sector
    एम.ओबैद
    योगी कार्यकाल में चरमराती रही स्वास्थ्य व्यवस्था, नहीं हुआ कोई सुधार
    01 Feb 2022
    "सरकार का दृष्टिकोण ही मंदिर-मस्जिद और हिंदू धार्मिक उत्सवों पर बजट खर्च करना है और राजनीति में इसी के आधार पर सत्ता में आने का मौका तलाशना रहा है। इनके एजेंडे में आम आदमी व बुनियादी सुविधा और…
  • Alwar girl's father's allegation
    भाषा
    अलवर की लड़की के पिता का आरोप: घटना को हादसा मानने के लिए दबाव डाल रही है पुलिस
    01 Feb 2022
    पीड़िता के पिता ने कहा कि वह पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें न्याय चाहिए।
  • covid
    भाषा
    कोरोना अपडेट: देश में 1.67 लाख से अधिक नए मामले,1192 लोगों की मौत
    01 Feb 2022
    आंकड़ों के अनुसार 24 घंटे में संक्रमण से 1,192 और लोगों के जान गंवाने से मृतक संख्या बढ़कर 4,96,242 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License