NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
जेनिन शरणार्थी शिविर में हिंसक छापे के दौरान इज़रायली सैनिकों ने चार फ़िलिस्तीनी युवाओं की हत्या की
इज़रायली सेना ने बाद में मारे गए चार फ़िलिस्तीनियों में से दो के शवों को भी ले लिया। ऐसा कृत्य इज़रायल कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय क़ानून का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए फ़िलिस्तीनियों के प्रति सामूहिक सज़ा के रूप में कर रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
17 Aug 2021
जेनिन शरणार्थी शिविर में हिंसक छापे के दौरान इज़रायली सैनिकों ने चार फ़िलिस्तीनी युवाओं की हत्या की

सोमवार 16 अगस्त को उत्तरी कब्जे वाले वेस्ट बैंक के जेनिन शहर में एक शरणार्थी शिविर में किए गए हिंसक छापेमारी में इज़रायली पुलिस की अंडरकवर यूनिट के साथ इज़रायली सैनिकों ने चार फिलिस्तीनी युवा की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके अलावा कई अन्य को घायल कर दिया और गिरफ्तार कर लिया। इजरायली सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर गुप्त, अंडरकवर यूनिट, मुस्तारीबीन के एजेंटों के साथ शिविर में प्रवेश किया, जिसके कारण फिलिस्तीनियों ने विरोध किया। इसके बाद सैनिकों ने गोलीबारी शुरू कर दी।

मारे गए चार युवकों की पहचान सालेह उमर (19 वर्ष), राएद अबू सैफ (21 वर्ष), नूर अल-दीन अब्दुल्ला जरार (19 वर्ष) और अमजद इयाद आज़मी हुसैनी (20 वर्ष) के रूप में हुई। जेनिन सरकारी अस्पताल के प्रमुख विसम अबू बक्र के अनुसार, छापेमारी के दौरान इजरायली सैनिकों से घायल चार अन्य घायल लोगों का इलाज किया गया। दो फिलिस्तीनियों को भी कथित तौर पर बाद में इजरायली सैनिकों द्वारा गिरफ्तार किया गया था, उनमें से एक की पहचान मोहम्मद अबू ज़िना के रूप में हुई थी। इजरायली सेना ने एक बयान में दावा किया कि फिलिस्तीनियों ने उन पर "गोलीबारी" की, जिससे उन्हें जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, हिंसक छापेमारी में शामिल किसी भी इजरायली सेना को घटना के दौरान कोई चोट नहीं आई।

स्थानीय फ़िलिस्तीनी चिकित्सा स्रोतों ने बाद में इजरायली बलों पर घायल और मरने वाले फ़िलिस्तीनी लोगों को चिकित्सा सहायता देने से रोकने का आरोप लगाया। इस रुकाटवट के परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई।

रिपोर्टों के अनुसार, जेनिन शहर के साथ-साथ बीटा शहर में इस साल मई से हाल ही में खाली की गई इविएटर अवैध इजरायली बस्ती के बगल में एक अवैध इजरायली सेना चौकी के खिलाफ नियमित अर्थात रोजाना प्रदर्शन हो रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों ने इजरायली सरकार को जुलाई में ये बस्ती खाली करने के लिए मजबूर किया। इजरायली सरकार ने दावा किया कि इसे बिना मंजूरी के बनाया गया था। हालांकि, इजरायली सैनिकों को चौकी पर तैनात किया जाना जारी है जिससे फिलीस्तीनियों में चिंताएं बढ़ गई हैं कि इजरायल के अधिकारी पहले की तरह इस बस्ती को मंजूरी देंगे जिसके परिणामस्वरूप अवैध इजरायली सेटलर्स के लाभ के लिए फिलीस्तीनी स्वामित्व वाली भूमि के एक और टुकड़े का पुनः समायोजन हो जाएगा।

Israel
Palestine
West Bank

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • कार्यानन्द शर्मा
    अनीश अंकुर
    कार्यानन्द शर्मा:  चानन व बड़हिया टाल के अनूठे किसान संघर्ष के नेता
    17 Aug 2021
    कार्यानन्द शर्मा, यदुनन्दन शर्मा और स्वामी सहजानन्द सरस्वती उस त्रयी का निर्माण करते हैं जिन्होंने किसानों के अंदर से अंग्रेज़ों व ज़मींदारों दोनों का भय समाप्त किया तथा स्वाधीनता आंदोलन को एक रैडिकल…
  • किसान आंदोलन को और धार देने की कवायद, 26 अगस्त को किसानों का राष्ट्रीय सम्मेलन
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान आंदोलन को और धार देने की कवायद, 26 अगस्त को किसानों का राष्ट्रीय सम्मेलन
    17 Aug 2021
    किसान आंदोलन को दुनिया भर से समर्थन मिल रहा है। एसकेएम ने ऐतिहासिक किसान आंदोलन के 9 महीने पूरे होने के उपलक्ष्य में 26 अगस्त को एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है।
  • झारखंड : प्रशासन ने पर्यावरण मुहिम की आड़ में ग़रीबों को घरों से निकाला
    अर्घ्य भास्कर
    झारखंड : प्रशासन ने पर्यावरण मुहिम की आड़ में ग़रीबों को घरों से निकाला
    17 Aug 2021
    रांची में चलाई जा रही अतिक्रमण विरोधी मुहिम से सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए हैं, लेकिन अनियोजित शहरी विस्तार अब भी जारी है।
  • अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त, समावेशी और नई प्रतिनिधि सरकार का यूएन का आह्वान
    पीपल्स डिस्पैच
    अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त, समावेशी और नई प्रतिनिधि सरकार का यूएन का आह्वान
    17 Aug 2021
    तालिबान ने मंगलवार को सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए आम माफ़ी जारी की। इसने जल्द ही नई सरकार के गठन का भी वादा किया।
  • आरक्षण की बहस पर पुनर्विचार
    प्रोफ़ेसर जी मोहन गोपाल
    आरक्षण की बहस पर पुनर्विचार
    17 Aug 2021
    भारत में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति(ST) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण को लेकर अभूतपूर्व हमले हो रहे हैं। मुख्य आरक्षण विरोधी हमला यही है कि आरक्षण योग्यता को ख़त्म कर देता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License