NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अल-अक़्सा मस्जिद परिसर फिर से खुलने के बाद मस्जिद में घुस गए इज़रायली
इज़रायली पुलिस ने इस इलाक़े से तीन फ़िलिस्तीनी नागरिकों को भी गिरफ़्तार किया है। उन्होंने कुछ दिन पहले मस्जिद के एक प्रमुख मौलाना को भी गिरफ़्तार किया था।
पीपल्स डिस्पैच
01 Jun 2020
 Al-Aqsa mosque

रविवार 31 मई को अल-अक्सा मस्जिद को 70 दिनों के लॉकडाउन के बाद फिर से खोल दिया गया और इससे पहले कि नमाज़ अदा करने के लिए मुस्लिम नमाज़ी मस्जिद के परिसर में प्रवेश करते कि दर्जनों चरमपंथी यहूदी इज़राइली लोगों ने इज़रायली पुलिस की सुरक्षा में मस्जिद परिसर में घुस गए।

अल-अक्सा मस्जिद के डायरेक्टर उमर किसवानी ने समाचार वेबसाइट अनादोलु एजेंसी को बताया कि "इज़रायली पुलिस के संरक्षण में लगभग 105 यहूदी सुबह से ही परिसर में प्रवेश कर चुके हैं।" इज़रायली पुलिस ने गिरफ़्तारी का कारण बताए बिना तीन फिलिस्तीनियों गिरफ़्तार किया जिनमें एक युवा फिलिस्तीनी पुरुष और दो महिलाएं हैं।

क़ब्ज़े वाले यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को पिछले 70 दिनों से कोरोनावायरस महामारी के ख़तरे के कारण बंद कर दिया गया था। फिलिस्तीनी डब्ल्यूएएफए समाचार एजेंसी ने बताया कि नमाज़ियों ने दो महीने से भी ज़्यादा समय के बाद इस पवित्र स्थल पर नमाज़ अदा करने का मौका पाने के लिए जश्न के नारों के साथ परिसर में प्रवेश किया। मस्जिद परिसर की सभी इमारतों को खोल दिया गया ताकि नमाज़ी कोरोनोवायरस के संक्रमण के ख़तरे को बढ़ाने और इसके प्रसार को बढ़ाने से बचने के लिए आवश्यक सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कर सकें।

इससे पहले शुक्रवार 29 मई को इज़रायली पुलिस ने ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से और बल पूर्वक पूर्वी यरुशलम स्थित इस्लामिक काउंसिल के अध्यक्ष और अल-अक्सा मस्जिद के मौलाना शेख इकराम साबरी के घर पर छापा मारा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन पर फ़िलस्तीनी नागरिकों को मस्जिद में नमाज़ पढ़ने के लिए उकसाने और बढ़ावा देने का झूठा आरोप लगाया। वास्तव में 79 वर्षीय मौलाना ने अपने साथी फिलिस्तीनियों को "आने वाले दिनों में किसी भी ख़तरे से अल-अक्सा का बचाव करने के लिए ख़ुद को तैयार करने" के लिए कहा था।

इज़रायल के चरमपंथी यहूदियों का दावा है कि अल-अक्सा मस्जिद का क्षेत्र मूल रूप से एक यहूदी पूजा स्थल था और इसे "टेम्पल माउंट" कहा जाता था। वे मस्जिद के गिराने की बात करते हैं और मांग करते हैं कि इसके स्थान पर एक यहूदी पूजा स्थल बनाया जाए।

Israel
Al-Aqsa mosque
Mosque reopen
Israel Police

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका


बाकी खबरें

  • Hemant Soren
    अनिल अंशुमन
    झारखंड-बिहार: स्थानीय भाषा को लेकर विवाद कहीं महज़ कुर्सी की राजनीति तो नहीं?
    22 Sep 2021
    “किसी भी प्रदेश में वहां की स्थानीय भाषाओं को प्राथमिकता मिलना संविधान सम्मत है। लेकिन अब इस पर भी राजनीति होना संदेह पैदा करता है कि कहीं ये विवाद भी कोई सांप्रदायिक ध्रुविकरण करा कर बुनियादी सवालों…
  • Varanasi
    विजय विनीत
    बदहाली: रेशमी साड़ियां बुनने वाले हाथ कर रहे हैं ईंट-पत्थरों की ढुलाई, तल रहे हैं पकौड़े, बेच रहे हैं सब्ज़ी
    22 Sep 2021
    बनारस से ग्राउंड रिपोर्ट: विश्वविख्यात बनारस की रेशमी साड़ियों का ताना-बाना बिखर रहा है। इसी ताने-बाने में सिसक रही है बुनकरों की जिंदगी। जानने के लिए आपको लिए चलते हैं बनारस की संकरी गलियों में..
  • school
    सौम्या गुप्ता, सी. सरतचंद
    स्कूलों को वक़्त से पहले खोलने की अनुमति क्यों नहीं दी जानी चाहिए
    22 Sep 2021
    केवल स्कूलों को फिर से खोलने से असमान शिक्षा प्रणाली अधिक समान नहीं हो जाएगी जब तक कि सरकारें शिक्षा पर अपने ख़र्च को नहीं बढ़ाती हैं स्थिति में बदलाव लाना असंभव है। स्कूल खोलने से कोविड म्यूटेशन का…
  • SCO
    एम. के. भद्रकुमार
    ईरान की एससीओ सदस्यता एक बेहद बड़ी बात है
    22 Sep 2021
    तेहरान का एससीओ में ज़ोरदार स्वागत के साथ शामिल किया जाना और इस संगठन का जल्दबाज़ी के साथ विस्तार किया जाना दिखाता है कि बीजिंग और मॉस्को के बीच ज़बरदस्त तालमेल है।
  • यूपी: योगी सरकार का "विकासोत्सव" बर्बादी का जश्न है
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: योगी सरकार का "विकासोत्सव" बर्बादी का जश्न है
    22 Sep 2021
    योगी जी का विकास का सारा जश्न दरअसल अर्थव्यवस्था के ध्वंस और कोविड से हलकान, हैरान-परेशान जनता को मुंह चिढ़ाने और उसके जले पर नमक छिड़कने जैसा है। कुछ विश्लेषकों ने ठीक नोट किया है कि "यूपी विकासोत्सव…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License