NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
चुनाव 2022
विधानसभा चुनाव
भारत
राजनीति
जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग ने प्रस्तावों को तैयार किया, 21 मार्च तक ऐतराज़ दर्ज करने का समय
आयोग लोगों के साथ बैठकें करने के लिए ​28​​ और ​29​​ मार्च को केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करेगा।

अनीस ज़रगर
16 Mar 2022
Delimitation
फोटो सौजन्य: पीटीआई

​श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों का पुनर्गठन करने के लिए गठित परिसीमन आयोग ने अपने प्रस्तावों को अंतिम रूप दे दिया है और लोगों से इस बाबत अपनी कोई आपत्ति या सुझाव ​​21 मार्च की शाम पांच बजे तक​​ देने को कहा है। ​

आयोग ने सोमवार को भारत के राजपत्र और जम्मू-कश्मीर में अपने अंतिम प्रस्ताव को प्रकाशित करा दिया है। इसमें यह जानकारी दी गई है कि आयोग ​​28​​ और ​29​​ मार्च को लोगों के साथ बैठकों के लिए केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करेगा।

आयोग ने एक बयान में कहा है कि प्रस्ताव की प्रतियां जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और केन्द्रशासित प्रदेश के सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों के पास संदर्भ के लिए उपलब्ध हैं। 

​​​इस वक्तव्य में कहा गया है कि इन, “प्रस्तावों पर कोई आपत्ति और सुझाव ​​21​ ​मार्च, ​​2022 (​सोमवार) को ​17.00​ बजे तक ​या उससे पहले सचिव, परिसीमन आयोग, अशोका होटल, 50-बी, नीति मार्ग, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली​-110021 ​​तक पहुंच जाना चाहिए।” 

आयोग ने कहा कि लोगों की आपत्तियों और सुझावों पर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में होने वाली सार्वजनिक बैठकों में विचार किया जाएगा। इन बैठकों की जगह और वक्त के बारे में अलग से अधिसूचित किया जाएगा।

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुशील चंद्रा और राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) केके शर्मा शामिल हैं। इस आयोग ने अपने सदस्यों, जो जम्मू एवं कश्मीर संसदीय क्षेत्रों से सांसद भी हैं,उनके विरोधी विचारों को भी अपने प्रस्तावों में शामिल किया है।

इन सांसदों में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य फारूक अब्दुल्ला, हसनैन मसूदी और अकबर लोन शामिल हैं। इन लोगों ने अपनी विस्तृत असहमति में इस क्षेत्र में परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन का हिस्सा बताया था, जो अभी न्यायिक समीक्षा के दायरे में है। 

प्रस्तावित जम्मू-कश्मीर विधानसभा 90 सदस्यीय होगी, ​जिसमें से सात सीटें अनुसूचित जाति (एससी) और नौ सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित होगी। जम्मू मंडल में उधमपुर जिले के रामनगर, कठुआ जिले के कठुआ दक्षिण, सांबा जिले के रामगढ़, बिशनाह, सुचेतगढ़, मरह और अखनूर सीटें शामिल हैं। 

अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों में जम्मू संभाग के राजौरी जिले के राजौरी, दरहल और थन्ना मंडी, पुंछ जिले के सुरनकोट और मेंढर और रियासी जिले के महोर और कश्मीर संभाग के बांदीपोरा जिले के गुरेज, गांदरबल जिले के कांगन और अनंतनाग जिले के कोकरनाग विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। 

आयोग के अनुसार केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में लोकसभा की कुल पांच सीटें ही रहेंगी जबकि जम्मू एवं कश्मीर दोनों संभागों में लोकसभा की दो-दो सीटें रहेंगी। एक निर्वाचन क्षेत्र-अनंतनाग-पुंछ दोनों डिवीजनों में फैला हुआ है, जिस पर सहयोगी सदस्यों ने भी अपना विरोध दर्ज कराया था। आयोग ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए कोई संसदीय निर्वाचन क्षेत्र आरक्षित नहीं रखा है। 

अपने पहले मसौदे में, जम्मू प्रांत में छह नए निर्वाचन क्षेत्र और कश्मीर डिवीजन में एक सीट जोड़ने के लिए परिसीमन आयोग के सुझाव ने क्षेत्र के मुख्यधारा के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल पैदा कर दी थी, जिसने मसौदे को “पक्षपातपूर्ण” और “अस्वीकार्य” कहकर खारिज कर दिया था। 

नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के कार्यकर्ताओं ने परिसीमन आयोग के प्रस्ताव के खिलाफ जनवरी में श्रीनगर में प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि इस प्रस्ताव को अगले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता दिलाने में मदद करने की गरज से बनाया गया है। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनवरी में ही कहा था कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। परिसीमन रिपोर्ट को अंतिम रूप दिए जाने के साथ ही कई राजनीतिक दलों ने अपना चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। उनकी उम्मीद है कि आने वाले महीनों में चुनाव हो सकते हैं। 

 

अंग्रेजी में मूल रूप से लिखे गए लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें

https://www.newsclick.in/Jammu-kashmir-delimitation-commission-finalises-proposals-hear-objections-march-21

Jammu and Kashmir
Article 370
J&K Delimitation

Related Stories


बाकी खबरें

  • Election reform bill passed in both houses
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    चुनाव सुधार बिल दोनों सदनों में पास, विपक्ष ने उठाया निजता के अधिकार का सवाल
    21 Dec 2021
    20 दिसंबर को लोकसभा में पास होने के बाद आज 21 दिसंबर को चुनाव सुधार बिल राज्यसभा में भी बिना किसी बहस के पास कर दिया गया।
  • covid
    एलेक्जेंडर फ्रियूंड
    कोविड: प्रोटीन आधारित वैक्सीन से पैदा हुई नई उम्मीद
    21 Dec 2021
    ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि प्रोटीन आधारित वैक्सीन से ग़रीब देशों में वैश्विक कोरोना टीकाकरण अभियान में तेज़ी आएगी। वैक्सीन का विरोध करने वाले कुछ लोग भी इन्हें चाहते हैं।
  • Bihar: Junior doctors' strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः मांगों की पूर्ति का आश्वासन मिलने के बाद जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ख़त्म
    21 Dec 2021
    प्रदेश के जूनियर डॉक्टरों ने पांच सूत्री मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी, लेकिन सरकार की ओर से इन मांगों को स्वीकार करने का आश्वासन मिलने के बाद आधी रात को हड़ताल समाप्त कर…
  • Madrasa teacher
    असद रिज़वी
    उत्तर प्रदेश: 21 हज़ार मदरसा शिक्षकों को 4 वर्षों से नहीं मिला मानदेय, आमरण अनशन की दी चेतावनी
    21 Dec 2021
    मदरसों में गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शिक्षा प्रदान कराने की योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में 21546 मदरसा शिक्षकों को नियुक्त किया गया था। पिछले चार वर्षों से अधिक समय से मानदेय नहीं मिलने…
  • sc
    भाषा
    स्थानीय चुनावों में ओबीसी आरक्षण: न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर करने पर विचार कर रहा केंद्र
    21 Dec 2021
    महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकारों द्वारा स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए तय किए गए 27 प्रतिशत आरक्षण को खत्म करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद केन्द्र ने यह बात कही।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License