NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जेएनयू, जम्मू कश्मीर मुद्दे पर हंगामा, राज्यसभा दोपहर दो बजे तक स्थगित
वामदलों ने जम्मू कश्मीर में आम लोगों के और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के मुद्दे पर राज्यसभा में सभापति द्वारा चर्चा कराने की अनुमति नहीं देने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Nov 2019
parliament
Image courtesy: janoduniya

विरोध प्रदर्शन कर रहे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और जम्मू कश्मीर में लगातार पाबंदियों को लेकर विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखवाए। इसी बीच वाम, कांग्रेस और अन्य दलों के सदस्यों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि का विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कल हुई पुलिस की कथित कार्रवाई और पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से वहां लगातार जारी पाबंदियों का मुद्दा उठाने का प्रयास किया।

नायडू ने कहा कि उन्हें सदस्यों के पास से तीन कार्य स्थगन नोटिस मिले हैं लेकिन उन्होंने वे तीनों नोटिस स्वीकार नहीं किये। नोटिस अस्वीकार किए जाने की बात सुन कर वाम सदस्यों तथा कांग्रेस सदस्यों ने कुछ कहना चाहा। लेकिन उन्हें सभापति ने अनुमति नहीं दी।

इन सदस्यों के अपनी बात कहने के लिए जोर देने पर सभापति ने कहा, ‘आप पूरे सदन में व्यवधान उत्पन्न करेंगे। यह ऐसे मुद्दे नहीं हैं कि सदन का कामकाज रोका जाए।’

सदन में हंगामा देख नायडू ने सदस्यों को आगाह किया कि यह स्थिति जारी रहने पर उन्हें सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ेगी। उन्होंने शून्यकाल शुरू करने का ऐलान किया। लेकिन हंगामा थमते न देख उन्होंने 11 बज कर करीब दस मिनट पर ही बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

वाम दलों ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

वामदलों ने जम्मू कश्मीर में आम लोगों के और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के मुद्दे पर राज्यसभा में सभापति द्वारा चर्चा कराने की अनुमति नहीं देने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये कहा है कि राष्ट्रीय हित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने के बजाय सदन का स्थगन उचित तरीका नहीं है।

माकपा के राज्यसभा सदस्य के के रागेश ने मंगलवार को इस मुद्दे पर उच्च सदन की बैठक दोपहर दो बजे तक के लिये स्थगित किये जाने के बाद संसद भवन परिसर में संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने सभापति एम वेंकैया नायडू से नियम 267 के तहत कश्मीर और जेएनयू के मुद्दे पर चर्चा कराने का अनुरोध किया था। रागेश ने कहा, ‘हमने अपनी मांग आसन के समक्ष रखी थी लेकिन सभापति ने इस पर संज्ञान लेने के बजाय बैठक को स्थगित कर दिया।’

माकपा के बिनय विस्वम ने कहा कि जेनयू में छात्रों के और जम्मू कश्मीर में जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार हनन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर माकपा के इलामारम करीम ने नियम 267 के तहत चर्चा कराने की मांग की जिसे सभापति ने ठुकरा दिया।

करीम ने कहा कि सोमवार को ही राज्यसभा के 250वें सत्र पर आयोजित चर्चा में स्वयं सभापति और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को वरीयता देने की बात कही थी, लेकिन इसके अगले दिन ही इतने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग को ठुकराना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उल्लेखनीय है कि जेएनयू में फीस बढ़ोतरी का विरोध कर रहे छात्रों पर सोमवार को पुलिस के कथित लाठीचार्ज को वामदलों सहित अन्य विपक्षी दल छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रहे हैं।

विस्वम ने जम्मू कश्मीर से अनुच्देद 370 हटाये जाने के बाद पिछले तीन महीने में हालात सामान्य नहीं होने का हवाला देते हुये सोमवार को नियम 267 के तहत इस मुद्दे पर चर्चा कराने का नोटिस दिया था। सभापति ने इसे अस्वीकार कर दिया था। 

Parliament of India
JNU
JNU Protest
Jammu and Kashmir
Rajya Sabha
M.Venkaiah Naidu
left parties
CPM
CPI(M)
Indian democracy

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा


बाकी खबरें

  • srilanka
    न्यूज़क्लिक टीम
    श्रीलंका: निर्णायक मोड़ पर पहुंचा बर्बादी और तानाशाही से निजात पाने का संघर्ष
    10 May 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने श्रीलंका में तानाशाह राजपक्षे सरकार के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन पर बात की श्रीलंका के मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. शिवाप्रगासम और न्यूज़क्लिक के प्रधान…
  • सत्यम् तिवारी
    रुड़की : दंगा पीड़ित मुस्लिम परिवार ने घर के बाहर लिखा 'यह मकान बिकाऊ है', पुलिस-प्रशासन ने मिटाया
    10 May 2022
    गाँव के बाहरी हिस्से में रहने वाले इसी मुस्लिम परिवार के घर हनुमान जयंती पर भड़की हिंसा में आगज़नी हुई थी। परिवार का कहना है कि हिन्दू पक्ष के लोग घर से सामने से निकलते हुए 'जय श्री राम' के नारे लगाते…
  • असद रिज़वी
    लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी
    10 May 2022
    एक निजी वेब पोर्टल पर काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर की गई एक टिप्पणी के विरोध में एबीवीपी ने मंगलवार को प्रोफ़ेसर रविकांत के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया। उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में घेर लिया और…
  • अजय कुमार
    मज़बूत नेता के राज में डॉलर के मुक़ाबले रुपया अब तक के इतिहास में सबसे कमज़ोर
    10 May 2022
    साल 2013 में डॉलर के मुक़ाबले रूपये गिरकर 68 रूपये प्रति डॉलर हो गया था। भाजपा की तरफ से बयान आया कि डॉलर के मुक़ाबले रुपया तभी मज़बूत होगा जब देश में मज़बूत नेता आएगा।
  • अनीस ज़रगर
    श्रीनगर के बाहरी इलाक़ों में शराब की दुकान खुलने का व्यापक विरोध
    10 May 2022
    राजनीतिक पार्टियों ने इस क़दम को “पर्यटन की आड़ में" और "नुकसान पहुँचाने वाला" क़दम बताया है। इसे बंद करने की मांग की जा रही है क्योंकि दुकान ऐसे इलाक़े में जहाँ पर्यटन की कोई जगह नहीं है बल्कि एक स्कूल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License