NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जेएनयू:नये हॉस्टल मैनुअल को रद्द करने की मांग को लेकर अदालत जाएगा छात्र संघ
जेएनयूएसयू ने एक बयान में कहा कि वह इंटर..हॉल एडमिनिस्ट्रेशन मैनुअल के खिलाफ सोमवार को याचिका दायर करेगी। जेएनयूएसयू ने दावा किया कि इसे छात्र संघ की प्रतिक्रिया लिये बिना अक्टूबर में ‘‘अवैध तरीके’’ से पारित किया गया था।
भाषा
20 Jan 2020
jnu

 दिल्ली:जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने रविवार को कहा कि वह 20 जनवरी को अदालत का दरवाजा खटखटाएगा और नये हॉस्टल मैनुअल को रद्द करने का अनुरोध करेगा, जिसमें फीस बढ़ोतरी का प्रावधान है।
जेएनयूएसयू ने एक बयान में कहा कि वह इंटर..हॉल एडमिनिस्ट्रेशन मैनुअल के खिलाफ सोमवार को याचिका दायर करेगी। जेएनयूएसयू ने दावा किया कि इसे छात्र संघ की प्रतिक्रिया लिये बिना अक्टूबर में ‘‘अवैध तरीके’’ से पारित किया गया था।

जेएनयूएसयू इस मुद्दे को लेकर करीब तीन महीने से हड़ताल पर है। छात्र संघ ने छात्रों से पंजीकरण और सभी शैक्षणिक गतिविधियों का बहिष्कार जारी रहने का आग्रह किया।

छात्र संघ ने कहा कि अर्जी में ‘‘पुरानी दरों पर बिना किसी विलंब शुल्क’’ के पंजीकरण का अनुरोध किया गया है।
इस महीने के शुरू में विश्वविद्यालय में दो छात्र समूहों के बीच पंजीकरण के मुद्दे पर झड़प हुई थी। आंदोलन के बीच पांच जनवरी को नकाबपोश लोगों ने विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ की थी और छात्रावासों में घुसकर छात्रों एवं शिक्षकों पर हमला किया था। इसको लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी।

जेएनयूएसयू ने छात्रों से यह भी अपील की कि वे तब तक परीक्षाओं और कक्षाओं का बहिष्कार करें जब तक उन्हें मानसून सत्र 2019 के शैक्षणिक बैकलॉग को पूरा करने के लिए ‘‘बफर टाइम’’ नहीं मिलता। 

छात्र संघ ने यह भी मांग की कि जेएनयू प्रशासन ‘‘अत्यधिक शुल्क वृद्धि के खिलाफ संघर्ष करने वाले छात्रों के खिलाफ सभी दंडात्मक कार्रवाइयों को पूरी तरह से रद्द करे।’’

आंदोलनकारी छात्रों के अनुसार, उन्हें उस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था जहाँ आईएचए मैनुअल पारित किया गया था। आंदोलनकारी छात्रों के अनुसार उसमें छात्रावास शुल्क वृद्धि के लिए प्रावधान हैं और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के छात्रों के लिए छात्रावास सुविधा प्राप्त करने के लिए कोई आरक्षण नीति नहीं है।
     

JNU JNUSU JNUTA MHRD UGC Violence in JNU Aishe Ghosh JNU Fee Hike fee hike Educational Institutes Higher Education

Related Stories


बाकी खबरें

  • प्रियंका शंकर
    रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?
    19 Mar 2022
    हालांकि यूक्रेन में युद्ध जारी है, और नाटो ने नॉर्वे में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जो अभ्यास ठंडे इलाके में नाटो सैनिकों के युद्ध कौशल और नॉर्वे के सैन्य सुदृढीकरण के प्रबंधन की जांच करने के…
  • हर्षवर्धन
    क्रांतिदूत अज़ीमुल्ला जिन्होंने 'मादरे वतन भारत की जय' का नारा बुलंद किया था
    19 Mar 2022
    अज़ीमुल्ला ख़ान की 1857 के विद्रोह में भूमिका मात्र सैन्य और राजनीतिक मामलों तक ही सिमित नहीं थी, वो उस विद्रोह के एक महत्वपूर्ण विचारक भी थे।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: महंगाई-बेरोजगारी पर भारी पड़ी ‘नमक पॉलिटिक्स’
    19 Mar 2022
    तारा को महंगाई परेशान कर रही है तो बेरोजगारी का दर्द भी सता रहा है। वह कहती हैं, "सिर्फ मुफ्त में मिलने वाले सरकारी नमक का हक अदा करने के लिए हमने भाजपा को वोट दिया है। सरकार हमें मुफ्त में चावल-दाल…
  • इंदिरा जयसिंह
    नारीवादी वकालत: स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा पहलू
    19 Mar 2022
    हो सकता है कि भारत में वकालत का पेशा एक ऐसी पितृसत्तात्मक संस्कृति में डूबा हुआ हो, जिसमें महिलाओं को बाहर रखा जाता है, लेकिन संवैधानिक अदालतें एक ऐसी जगह होने की गुंज़ाइश बनाती हैं, जहां क़ानून को…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
    19 Mar 2022
    मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License