NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
JNU: पुलिस की दबंगई छात्रों पर ही क्यों?
फ़ीस वृद्धि के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को किससे ख़तरा होता है कि पुलिस उन्हें इतनी बर्बरता से पीटती है। हाल ही के दिनों में जब वकीलों और पुलिस में झड़पें हुई थीं तो पुलिस हिंसा के ख़िलाफ़ खड़ी थी, पर अब जब ये खुद छात्रों पर लाठी बरसा रहे हैं, तब क्या? 'बोल के लब आज़ाद हैं तेरे' के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा JNU छात्रों पर पुलिस द्वारा की गयी बर्बरता की आलोचना कर रहे हैं। 
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
19 Nov 2019

फ़ीस वृद्धि के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को किससे ख़तरा होता है कि पुलिस उन्हें इतनी बर्बरता से पीटती है। हाल ही के दिनों में जब वकीलों और पुलिस में झड़पें हुई थीं तो पुलिस हिंसा के ख़िलाफ़ खड़ी थी, पर अब जब ये खुद छात्रों पर लाठी बरसा रहे हैं, तब क्या? 'बोल के लब आज़ाद हैं तेरे' के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा JNU छात्रों पर पुलिस द्वारा की गयी बर्बरता की आलोचना कर रहे हैं। 

JNU
JNU Student Protest
Police lathicharge on students
Delhi Police -lawyers
JNUSU
Bol Ki Lab Azaad Hain Tere
JNUTA
SFI
AISA
DSF
AISF
Aishe Ghosh

Related Stories

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें

दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

कोलकाता: बाबरी मस्जिद विध्वंस की 29वीं बरसी पर वाम का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • अमेरिका-ईरान के बीच JCPOA का वापस लौटना इतना आसान नहीं
    एम. के. भद्रकुमार
    अमेरिका-ईरान के बीच JCPOA का वापस लौटना इतना आसान नहीं
    03 Aug 2021
    इब्राहिम रैसी के औपचारिक तौर पर ईरान के राष्ट्रपति घोषित होने के बाद, अब 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) पर चीज़ें किसी भी तरफ़ जा सकती हैं।
  • ओलंपिक में महिला खिलाड़ी: वर्तमान और भविष्य की चुनौतियां
    कुमुदिनी पति
    ओलंपिक में महिला खिलाड़ी: वर्तमान और भविष्य की चुनौतियां
    03 Aug 2021
    बहुत सारे कारक हैं जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्टीय स्तर पर महिला खिलाड़ियों को बाधित करते रहे हैं। आइए डालते हैं एक नज़र ओलंपिक में भाग ले रहीं भारतीय महिला खिलाड़ियों और उनके रास्ते की बाधाओं पर।
  •  शिवराज सरकार
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अपने ही मृतक कर्मचारियों के परिजनों से 50 हजार रुपये ठग रही है शिवराज सरकार : माकपा
    03 Aug 2021
    मृतक कर्मचारियों के जिन परिजनों को मुआवजा मिला भी है, वह भी पांच लाख रुपए की बजाय सिर्फ साढ़े चार लाख रुपए है। संबंधित कर्मचारी की मृत्यु के समय दाह संस्कार के समय दिए जाने वाले एक्सग्रेसिया की 50…
  • बिजली कर्मचारियों ने किया चार दिवसीय सत्याग्रह शुरू
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिजली कर्मचारियों ने किया चार दिवसीय सत्याग्रह शुरू
    03 Aug 2021
    मंगलवार के सत्याग्रह में यूपी, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़ और दिल्ली के कर्मचारियों और इंजीनियरों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
  • इज़रायली सुप्रीम कोर्ट ने शेख़ जर्राह जबरन बेदख़ली मामले पर फ़ैसला स्थगित किया
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायली सुप्रीम कोर्ट ने शेख़ जर्राह जबरन बेदख़ली मामले पर फ़ैसला स्थगित किया
    03 Aug 2021
    अदालत ने फ़िलिस्तीनियों को एक समझौते की पेशकश की जिसके अनुसार फ़िलिस्तीनी इस भूमि के यहूदी स्वामित्व को स्वीकार करने के बदले में अगली तीन पीढ़ियों के लिए अपने घरों में रह सकते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License