NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
जेएनयू ने दिया छात्रावास खाली करने का निर्देश, छात्रों और शिक्षकों ने किया विरोध
जब सरकार और डॉक्टर, लोगों को बिना वजह घर से न निकलने और सफ़र न करने की सलाह दे रहे हैं, जेएनयू प्रशासन चाहता है कि छात्र, हॉस्टल छोड़कर चले जाएं!
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Mar 2020
JNU

दिल्ली : कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को छात्रावास खाली करने का निर्देश देते हुए कहा है कि मेस सुविधाएं अगले 48 घंटों के तक ही उपलब्ध रहेंगी।   

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा था कि उप राज्यपाल अनिल बैजल ने सभी सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों और सार्वजनिक उपक्रमों की गतिविधियों को अलग-अलग बांटने और सभी गैर जरूरी सेवाएं स्थगित करने को कहा है।

जेएनयू प्रशासन का यह निर्देश केजरीवाल के बयान के बाद आया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि संस्थान तत्काल प्रभाव से 31 मार्च तक बंद रहेगा।

निर्देश में कहा गया, ‘‘विश्वविद्यालय में छात्रावास, स्कूल और प्रशासन की सेवाओं सहित सभी गतिविधियां 31 मार्च तक निलंबित हैं। इसलिए सभी छात्रों को छात्रावासों को खाली करना होगा।’’

जेएनयू प्रशासन ने कहा कि सभी मूल्यांकन / परीक्षा / कक्षा प्रस्तुति गतिविधियों को 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

सभी शोधार्थियों के शोधप्रबंध जमा करने की समय सीमा को उचित रूप से बढ़ाया जाएगा।

निर्देश में कहा गया, ‘‘छात्रों को छात्रावास छोड़कर घर जाने में सुविधा के लिए अगले 48 घंटों तक मेस सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उसके बाद 22 मार्च से 31 मार्च तक कोई भी मेस सुविधा और अन्य सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।’’

विश्वविद्यालय के विभिन्न विद्यालयों / विशेष केंद्रों में अनुसंधान प्रयोगशालाएं 31 मार्च तक यथासंभव हो बंद हो सकती हैं।

निर्देश में कहा गया है,‘‘ अपने-अपने देश नहीं जा पाने वाले विदेशी छात्रों के लिए अंतर-हॉल प्रशासन आवश्यक व्यवस्था करेगा।’’

जेएनयू छात्र और शिक्षक संघ ने इस फैसले की निंदा की है और कहा है कि यह पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना और अमावनीय निर्णय है।

जेएनयू में पीएचडी के छात्र और एसएफआई के नेता  अक्षत ने कहा यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा के साथ खिलावड़ है। प्रशासन को चाहिए कि वो कैंपस में ही छात्रों को सुरक्षित रहने के इंतज़ाम करे न कि छात्रों को बाहर करे। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को खाने के पैकेट दिए जा  सकते है। लेकिन कैंपस ख़ाली करना और छात्रों को सफर करने के लिए मजबूर करना पूरी तरह से गलत निर्णय है।

जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आईशी घोष ने कहा कि कैंपस छात्रों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान है। क्योंकि वहां इस महामारी से बचाव करना आसान है। इसके साथ ही छात्रों के पास घर जाने के पैसे नहीं हैं। पिछले कई दिनों से लोगों के ट्रेन और फ्लाइट के टिकट कैंसिल किए जा रहे है। अधिकतर छात्र दूसरे राज्य से हैं, उन्हे 24 घंटे का सफर करना होगा। क्या इस समय सफर करना उचित होगा? सरकार और डॉक्टर खुद सभी को सफर से बचने के लिए बोल रहे हैं, लेकिन जेएनयू प्रशासन चाहता है हम बाहर जाएं। यह पूरी तरह से गलत निर्णय है इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

इसके साथ ही शिक्षक संघ ने भी बयान जारी कर इस फैसले को तर्कहीन और मूर्खतापूर्ण कदम कहा है। उनका कहना है कि क्या कोरोना से बचाव का केवल यही रास्ता है कि बच्चों को उठकर बाहर कर दिया जाए?  शिक्षक संघ ने छात्रों की सहायता के लिए अपना ईमेल दिया है, जिसपर छात्र मदद मांग सकते है अगर उन्हें किसी चीज की ज़रूरत है। इसके साथ शिक्षक संघ ने इस बेतुके फरमान को वापस लेने की मांग की है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

JNU
Jawaharlal Nehru University
JNU Administration
Coronavirus
novel coronavirus
JNU student
JNU teachers

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 

कोरोना अपडेट: देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब स्ट्रेन BA.4 और BA.5 का एक-एक मामला सामने आया

कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत

कोरोना अपडेट: दुनियाभर के कई देशों में अब भी क़हर बरपा रहा कोरोना 

कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की संख्या 20 हज़ार के क़रीब पहुंची 

देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, PM मोदी आज मुख्यमंत्रियों संग लेंगे बैठक


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत
    14 May 2022
    देश में आज चौथे दिन भी कोरोना के 2,800 से ज़्यादा मामले सामने आए हैं। आईआईटी कानपूर के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल कहा है कि फिलहाल देश में कोरोना की चौथी लहर आने की संभावना नहीं है।
  • afghanistan
    पीपल्स डिस्पैच
    भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी
    14 May 2022
    आईपीसी की पड़ताल में कहा गया है, "लक्ष्य है कि मानवीय खाद्य सहायता 38% आबादी तक पहुंचाई जाये, लेकिन अब भी तक़रीबन दो करोड़ लोग उच्च स्तर की ज़बरदस्त खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। यह संख्या देश…
  • mundka
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?
    14 May 2022
    मुंडका स्थित इमारत में लगी आग तो बुझ गई है। लेकिन सवाल बरकरार है कि इन बढ़ती घटनाओं की ज़िम्मेदारी कब तय होगी? दिल्ली में बीते दिनों कई फैक्ट्रियों और कार्यस्थलों में आग लग रही है, जिसमें कई मज़दूरों ने…
  • राज कुमार
    ऑनलाइन सेवाओं में धोखाधड़ी से कैसे बचें?
    14 May 2022
    कंपनियां आपको लालच देती हैं और फंसाने की कोशिश करती हैं। उदाहरण के तौर पर कहेंगी कि आपके लिए ऑफर है, आपको कैशबैक मिलेगा, रेट बहुत कम बताए जाएंगे और आपको बार-बार फोन करके प्रेरित किया जाएगा और दबाव…
  • India ki Baat
    बुलडोज़र की राजनीति, ज्ञानवापी प्रकरण और राजद्रोह कानून
    13 May 2022
    न्यूज़क्लिक के नए प्रोग्राम इंडिया की बात के पहले एपिसोड में अभिसार शर्मा, भाषा सिंह और उर्मिलेश चर्चा कर रहे हैं बुलडोज़र की राजनीति, ज्ञानवापी प्रकरण और राजद्रोह कानून की। आखिर क्यों सरकार अड़ी हुई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License