NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
जेएनयू: फीस वृद्धि के मसले पर छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठी चार्च
राष्ट्रपति भवन की तरफ मार्च कर रहे जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों को पुलिस ने भीकाजी कामा प्लेस मेट्रो स्टेशन के पास रोक लिया और उन पर लाठीचार्ज किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Dec 2019
JNU

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र सोमवार को एक बार फिर से फीस वृद्धि के मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरे। इस बार भी पुलिस ने छात्रों पर  लाठी चार्च किया।

आपको बता दें कि जेएनयू के छात्र राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिए जेएनयू से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च कर रहे थे। छात्रों ने राष्ट्रपति से छात्रावास फीस वृद्धि के मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। क्योंकि राष्ट्रपति जेएनयू के विजिटर भी हैं। इस मार्च को देखते हुए पुलिस ने सुबह से ही जेएनयू के आस पास भाारी पुलिस बल की तैनाती कर दी थी। एक तरीके से पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था।

इतना ही नहीं पुलिस ने छात्रों के प्रदर्शन के मद्देनजर तीन मेट्रो स्टेशन केंद्रीय सचिवालय, लोक कल्याण मार्ग और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर एग्जिट और एंट्री को बंद कर दिया गया था।

छात्र जब घेराबंदी वाले क्षेत्र में पहुंचे तो उन्होंने बैरीकेड को पार करने का प्रयास किया जिसके बाद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया।
jnu 2.JPG
इससे पहले जेएनयू के सभी गेट पर बैरिकेड लगा दिया गया और सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई, ताकि छात्र राष्ट्रपति भवन तक जुलूस न निकाल सकें। लेकिन बाद में बैरिकेड्स खोल दिए गए। पुलिस ने बाबा गंगनाथ मार्ग को भी खोल दिया। पुलिस ने सरोजनी नगर डिपो तक छात्रों को मार्च निकालने की इजाजत दी थी। इसके आगे जाने पर पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी।

जेएनयू छात्रसंघ ने जेएनयू से राष्ट्रपति भवन तक इस पदयात्रा का आह्वान किया था। जेएनयूएसयू ने इसका आह्वान अपने महीने भर लंबे विरोध प्रदर्शन के सकारात्मक नतीजे नहीं आने के बाद किया। प्रशासन ने उनकी हास्टल फीस की प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग को अस्वीकार कर दिया।

आपको बात दें कि जेएनयू छात्र हॉस्टल  की फीस बढ़ाए जाने के खिलाफ एक महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने प्रशासन की बार-बार चेतावनियों के बावजूद आगामी सेमेस्टर परीक्षाओं का बहिष्कार करने का भी आह्वान किया है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जेएनयू में सामान्य कामकाज बहाल करने और प्रदर्शनरत छात्रों तथा प्रशासन के बीच मध्यस्थता करने के तरीकों को तलाश करने के लिए तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है। समिति ने मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

JNU
JNU Student Protest
Police lathicharge on students
MHRD
education system

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने वाले सैकड़ों शिक्षक सड़क पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?

प्रत्यक्ष कक्षाओं की बहाली को लेकर छात्र संगठनों का रोष प्रदर्शन, जेएनयू, डीयू और जामिया करेंगे  बैठक में जल्द निर्णय

बीएचयू: सोते हुए छात्रों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई, थाना घेराव के बाद गिरफ़्तार छात्र हुए रिहा

दिल्ली : विश्वविद्यालयों को खोलने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने हिरासत में  लिया


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    मुकुंद झा
    किसान आंदोलन ने देश को संघर्ष ही नहीं, बल्कि सेवा का भाव भी सिखाया
    14 Dec 2021
    किसी भी जंग के मैदान में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है रसद यानी भोजन के भंडार की। यही तय करता है कि लड़ाई का अंजाम क्या होगा? क्योंकि बिना खाना-पानी के इतनी लंबी लड़ाई लड़ना संभव नहीं है।
  • lakhimpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    साज़िश के तहत हुआ लखीमपुर हत्याकांड : एसआईटी
    14 Dec 2021
    इस मामले में देश भर के किसानों और विपक्षी दलों ने लंबे समय से ये मांग की है कि आरोपी आशीष के पिता गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त किया जाए मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भारतीय जनता…
  • South Korea
    पीपल्स डिस्पैच
    कोरियाई युद्ध के ख़ात्मे के लिए दक्षिण कोरिया ने बहुपक्षीय समझौते की घोषणा की
    14 Dec 2021
    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जाए इन ने कहा कि 1953 में बराबरी पर खत्म हुए कोरियाई युद्ध में शामिल रहे चारों पक्षों ने सैद्धांतिक तौर पर इस युद्ध के ख़ात्मे पर सहमति दे दी है। यह आगे शांति प्रक्रिया…
  • kisan andolan
    शिव इंदर सिंह
    किसान आंदोलन की जीत का जश्न कैसे मना रहे हैं प्रवासी भारतीय?
    14 Dec 2021
    किसानों की जीत का जश्न न सिर्फ भारत में मनाया गया, बल्कि विदेशों में बसने वाले भारतीय लोगों ने भी अपनी खुशी का इज़हार किया है। प्रवासी भारतीयों ने किसान आंदोलन के विजयी रूप में स्थगित होने के बाद…
  • mayawati
    भाषा
    ताबड़तोड़ घोषणाएं, शिलान्यास से किसी पार्टी का जनाधार नहीं बढ़ने वाला : मायावती
    14 Dec 2021
    मायावती ने सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘चुनाव घोषित होने से कुछ समय पहले केंद्र व उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा ताबड़तोड़ घोषणाएं, शिलान्यास व आधे-अधूरे कार्यों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License