NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जेएनयू राजद्रोह मामला: कोर्ट का दिल्ली सरकार को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
पुलिस ने अदालत में दलील दी कि कन्हैया कुमार और अन्य लोगों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी अभी तक नहीं दी गयी है और मंजूरी का अनुरोध करने वाला पत्र जीएनसीटीडी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार) के पास लंबित है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Feb 2020
JNU

दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को दिल्ली सरकार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य पर राजद्रोह के मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी के मुद्दे पर तीन अप्रैल को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (सीएमएम) पुरुषोत्तम पाठक ने दिल्ली पुलिस को यह निर्देश भी दिया कि दिल्ली सरकार को कन्हैया कुमार पर अभियोजन के लिए जरूरी मंजूरी के बारे में याद दिलाया जाए। पुलिस ने दलील दी कि कन्हैया कुमार और अन्य लोगों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी अभी तक नहीं दी गयी है और मंजूरी का अनुरोध करने वाला पत्र जीएनसीटीडी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार) के पास लंबित है।

इसके बाद अदालत ने निर्देश जारी किये। पुलिस ने कन्हैया कुमार और जेएनयू के पूर्व छात्रों उमर खालिद तथा अनिर्बान भट्टाचार्य समेत अन्य लोगों के खिलाफ अदालत में 14 जनवरी, 2019 को आरोपपत्र दाखिल किया और कहा था कि उन्होंने 9 फरवरी, 2016 को परिसर में एक समारोह में लगाये गये देशद्रोह के नारों का समर्थन किया और जुलूस निकाला था। उस समय मीडिया से बातचीत में कन्हैया कुमार ने कहा था, "मैं इसके लिए दिल्ली पुलिस और मोदी जी का धन्यवाद करना चाहूँगा कि आखिरकार 3 साल बाद चार्जशीट दाखिल की गई और चुनाव से कुछ दिन पहले इसका दाखिल होना दिखा रहा है कि ये राजनीति से प्रेरित है,परन्तु मुझे न्यायपालिका पर विश्वास है।"

आपको बता दें कि अप्रैल-मई, 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में कन्हैया कुमार भी बिहार के बेगूसराय से सीपीआई के उम्मीदवार थे। इस संबंध में दिल्ली सरकार ने अभियोग के लिए मंजूरी को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया है। इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कुछ महीने पहले कहा था कि दिल्ली सरकार का गृह विभाग सभी तथ्यों पर विचार-विमर्श के बाद उचित निर्णय लेगा और इस मामले में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। हालांकि अब राजनीतिक अपडेट ये है कि अब जल्द ही बिहार में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं और वहां कन्हैया कुमार की अगुवाई में सीएए-एनआरसी-एनपीआर के विरोध में 'जन गण मन' यात्रा चल रही है, जिसपर लगातार हमले हो रहे हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

JNU
Kanhaiya Kumar
JNU Sedition case
sedition CASE

Related Stories

राजद्रोह मामला : शरजील इमाम की अंतरिम ज़मानत पर 26 मई को होगी सुनवाई

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 

बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

जेएनयू छात्र झड़प : एबीवीपी के अज्ञात सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

जेएनयू में फिर हिंसा: एबीवीपी पर नॉनवेज के नाम पर छात्रों और मेस कर्मचारियों पर हमले का आरोप

JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License