NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
जेएनयू में छात्रा से छेड़छाड़, छात्र संगठनों ने निकाला विरोध मार्च
जेएनयू परिसर में पीएचडी कर रही एक छात्रा के साथ सोमवार रात कथित तौर पर छेड़खानी की गई। मामला सामने आने के बाद मंगलवार को छात्रों और शिक्षकों ने परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Jan 2022
JNU protest

नयी दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सभी छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से एक स्वर से छेड़खानी के आरोपी को पकड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। घटना के विरोध में जेएनयू छात्र संघ के नेतृत्व में छात्रों ने मार्च मेन गेट से वसंत कुंज थाना तक निकाला और थाने का घेराव किया। यहां पर छात्रों ने जेएनयू प्रशासन, दिल्ली पुलिस के खिलाफ ढपली बजाकर और हाथों में तख्तियां लेकर पीड़िता के लिए न्याय की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्होंने पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का समय दिया है और अगर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

जेएनयू परिसर में पीएचडी कर रही एक छात्रा के साथ सोमवार रात कथित तौर पर छेड़खानी की गई। मामला सामने आने के बाद मंगलवार को छात्रों और शिक्षकों ने परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाया।

पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस ने कहा कि मामला दर्ज किया गया है और आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीम जुटी हुई हैं।

इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि वसंत कुंज उत्तर पुलिस थाने में सोमवार की रात 12 बजकर करीब 45 मिनट पर एक पीसीआर कॉल आई, जिसमें जेएनयू परिसर में एक छात्रा के साथ छेड़खानी की शिकायत की गई। इसके बाद पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) गौरव शर्मा वसंत कुंज उत्तर के थाना प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंचे।

शर्मा ने कहा, ‘‘पूछताछ से पता चला है कि पीएचडी कर रही एक छात्रा सोमवार रात करीब 11 बजकर 45 मिनट पर जेएनयू परिसर में टहल रही थी। जब वह विश्वविद्यालय के पूर्वी द्वार के पास से गुजर रही थी, तभी परिसर के अंदर से एक बाइक सवार आया और उसके साथ छेड़खानी की कोशिश की।’’

शर्मा के मुताबिक, छात्रा ने छेड़खानी के विरोध में शोर मचाया, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया। उन्होंने बताया कि वसंत कुंज उत्तर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश जारी है।

उन्होंने दावा किया कि पूर्वी द्वार के पास टहलने के दौरान आरोपी ने पीड़िता को घेर लिया, उसे घसीटा और कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जब छात्रा ने विरोध किया तो आरोपी उसका मोबाइल छीनकर फरार हो गया।

हिंदुस्तान अख़बार की खबर के मुताबिक मामले में आरोपी को पकड़ने के लिए वसंत कुंज नॉर्थ थाना पुलिस के साथ जिला पुलिस ने स्पेशल स्टाफ, एएटीएस और अन्य टीमों को लगाया गया है। करीब छह टीमें आरोपी की पहचान के लिए प्रयास कर रही हैं, लेकिन 24 घंटे बाद भी पुलिस के पास आरोपी के बारे में कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है।

छात्र संघ ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष ने इस घटना को लेकर कहा है कि यह बेहद चिंताजनक है है कि इस तरह की गंभीर घटना कैंपस के भीतर हुई , फिर भी जेएनयू प्रशासन ने इस बारे में अभी तक पीड़िता के समर्थन में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। वहीं, पुलिस का रैवेया भी इस मामले में अभीतक ढुलमुल ही रहा है।

छात्र संगठन स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इण्डिया ने भी एक बयान जारी कर इस घटना की निंदा की है और आरोपी की तुरंत गिरफ़्तारी की मांग उठाई है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि, “जेएनयू कैंपस में भी बार-बार यौन उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं क्योंकि वर्तमान में कैंपस में सुरक्षा और जेंडर जस्टिस के नाम पर बनी आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) इनसे निपटने में विफल रही है।”

आईसीसी को इन्होंने जेएनयू प्रशासन की कठपुतली संस्था बताते हुए कहा कि, “इसने छात्रों को सुरक्षित महौल तो नहीं दिया, बल्कि कई घटनाओं में पीड़ित लोगों को ही दोषी करार देने की कोशिश की है। छात्र संगठन ने फिर से जेंडर सेंसटाइजेशन कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हरैसमेंट (जीएससीएएसएच) को बहाल करने की मांग की है।

वर्तमान सरकार और प्रशासन की समर्थित माने जाने वाले दक्षिणपंथी छात्र संगठन अखिल भरतीय विद्दार्थी परिषद (एबीवीपी) जेएनयू इकाई ने भी इस घटना को लेकर जेएनयू प्रशासन पर हमला बोला और कहा कैंपस में छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जेएनयू प्रशासन और यहां की सुरक्षा एजेंसी की है, लेकिन इस मामले में प्रशासन की उदासीनता दिखाई दे रही है।

शिक्षकों ने भी सुरक्षा पर उठाए सवाल

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) और छात्र संघ ने आरोप लगाया है कि यहां तैनात सुरक्षा एजेंसी के सामने ही परिसर में सुरक्षा चूक की घटनाएं हुई हैं और 5 जनवरी, 2020 को नकाबपोश लोगों द्वारा किए गए हमले के आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हो पाए हैं।

जेएनयूटीए की सचिव मौसमी बसु ने कहा, ''संकाय सदस्यों के घरों में चोरी की घटनाएं भी हो चुकी हैं। 5 जनवरी को नकाबपोश लोगों ने परिसर में घुसकर छात्रों व शिक्षकों पर हमला किया था और अब यह घटना हुई है।''

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

JNU
Protests
sexual harassment

Related Stories

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

यूपी: मुज़फ़्फ़रनगर में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के लिए कौन ज़िम्मेदार है?

यूपी: ललितपुर बलात्कार मामले में कई गिरफ्तार, लेकिन कानून व्यवस्था पर सवाल अब भी बरकरार!

यूपी: आज़मगढ़ में पीड़ित महिला ने आत्महत्या नहीं की, सिस्टम की लापरवाही ने उसकी जान ले ली!

क्या सेना की प्रतिष्ठा बचाने के लिए पीड़िताओं की आवाज़ दबा दी जाती है?

यूपी: सिस्टम के हाथों लाचार, एक और पीड़िता की गई जान!

जमशेदपुर : बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी आश्रय गृह के निदेशक, वार्डन सहित चार लोग मध्य प्रदेश से गिरफ्तार

चेन्नई यौन उत्पीड़न मामला बाल शोषण के कई अन्य पहलू से भी पर्दा उठाता है!

सेलिब्रिटी पत्रकार तरुण तेजपाल की जीत आम नौकरीपेशा महिलाओं की हार क्यों लगती है?

होली पर पुरुषों ने कमीज़ उतारकर महिला छात्रावास के इर्द-गिर्द की परेड: छात्राओं का आरोप


बाकी खबरें

  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    पेट्रोल पर ज़्यादा टैक्स, अमीरों का फ़ायदा
    18 Jun 2021
    पेट्रोल डीज़ल के बढ़ते दामों के चलते महंगाई दर आसमां छू रही है। इसका कारण है पेट्रोल पर अत्याधिक टैक्स। सरकार कॉर्पोरेट का टैक्स कम कर रही है, और आम आदमी से टैक्स वसूल रही है। इसलिए पेट्रोल के दाम…
  • स्विस बैंक
    भाषा
    स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा बढ़ा, कांग्रेस ने सरकार से की श्वेत पत्र लाने की मांग
    18 Jun 2021
    कांग्रेस ने इस मामले में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि 2020 में “जब 97 प्रतिशत भारतीय और ज्यादा ग़रीब हो गए, तो ये कौन लोग हैं, जो ‘आपदा में अवसर’ खोज रहे हैं?’’ कांग्रेस ने इस पूरे मामले में…
  • एस्ट्राज़ेनेका की मोनोक्लोनल एंटीबॉडी थेरेपी लंबे परीक्षण में असफल
    संदीपन तालुकदार
    एस्ट्राज़ेनेका की मोनोक्लोनल एंटीबॉडी थेरेपी लंबे परीक्षण में असफल
    18 Jun 2021
    ब्रिटिश-स्वीडिश फ़ार्मास्युटिकल कंपनी यह जानने करने के लिए एक परीक्षण कर रही थी कि क्या दो प्रकार के एंटीबॉडी के मिश्रण का उपयोग करने वाली थेरेपी लोगों उन में कोविड-19 विकसित होने से रोक सकती है या…
  •  ट्विटर
    भाषा
    संसदीय समिति ने ट्विटर से कहा: देश का कानून सर्वोपरि, आपकी नीति नहीं
    18 Jun 2021
    पिछले कुछ दिन से केंद्र और ट्विटर के बीच अनेक विषयों पर गतिरोध की स्थिति है।
  • राष्ट्रपति विद्या देवी
    भाषा
    नेपाल: राष्ट्रपति विद्या देवी ने कहा- उच्चतम न्यायालय नहीं पलट सकता उनका फ़ैसला
    18 Jun 2021
    राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से कहा गया है कि राष्ट्रपति के फैसले की न्यायिक समीक्षा नहीं की जा सकती है। कहा गया, ‘‘संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत राष्ट्रपति का कोई भी कदम याचिका का विषय नहीं बन सकता है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License