NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एबीवीपी सदस्यों के कथित हमले के ख़िलाफ़ जेएनयू छात्रों ने निकाली विरोध रैली
जेएनयूएसयू सदस्यों का कहना है कि एक संगठन द्वारा रीडिंग सत्र आयोजित करने के लिए बुक किए गए यूनियन रूम पर एबीवीपी के सदस्यों ने क़ब्ज़ा कर लिया था। एबीवीपी सदस्यों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कार्यक्रम में बाधा डाली और छात्रों पर हमला किया।
दित्सा भट्टाचार्य
16 Nov 2021
Translated by महेश कुमार
एबीवीपी सदस्यों

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों द्वारा छात्रों पर किए गए कथित हमले के विरोध में सोमवार शाम रैली निकाली। धरना-प्रदर्शन में सैकड़ों छात्रों ने हिस्सा लिया।

जेएनयूएसयू ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने रविवार, 14 नवंबर को जेएनयू यूनियन रूम को रीडिंग सेशन के लिए बुक करने वाले छात्रों के साथ मारपीट की और उन पर हमला किया। हमले के दौरान कई छात्र घायल हो गए।

हमले शुरू होने से ठीक पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), जेएनयू इकाई ने कहा: "कैंपस में एबीवीपी अपनी गुंडागर्दी के क्रम को बढ़ाते हुए – 14 नवम्बर को रीडिंग सेशन आयोजित करने वाले एक संगठन द्वारा बुक किए गए यूनियन रूम पर कब्जा कर लिया था। जबकि रुम बुक करने वाला संगठन पिछले कुछ दिनों से इस सत्र के संचालन के लिए प्रचार कर रहा था।"

बयान में आगे कहा गया है कि एबीवीपी के गुंडे कमरे से बाहर निकलने से इनकार कर रहे थे और आपराधियों की तरह धमकी दे रहे थे। एसएफआई-जेएनयू ने सभी लोकतांत्रिक छात्रों से यूनियन कार्यालय पहुंचने और कैंपस के लोकतंत्र को एबीवीपी के ढोंग से बचाने का आह्वान किया।

स्कूल ऑफ़ इंटरनेशनल स्टडीज़ के छात्र और समाजवादी छात्र सभा के एक कार्यकर्ता विवेक पांडे पर कथित तौर पर एक दर्जन से अधिक एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने लोहे और लकड़ी की कुर्सियों से बेरहमी से हमला किया। उनके बचाव में आए छात्रों को भी पीटा गया। कई छात्रों ने कहा कि महिला छात्रों को परेशान किया गया, उनके साथ मारपीट की गई और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।

सोमवार को मीडिया से बात करते हुए, जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा कि: "मुख्यधारा का मीडिया इसे विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच झड़प के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रहा है। यह ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है कि यह कोई झगड़ा या झड़प नहीं थी। यह एबीवीपी से जुड़े छात्रों का हम पर हमला था।"

हमला करने वाले छात्र पांडे ने मीडिया को बताया कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब एबीवीपी के गुंडों ने उन पर हमला किया है। पिछले एक साल में "मुझ पर यह पांचवा हमला है। मैंने हमले के बारे में पुलिस को सूचित कर दिया है। छात्र यहां अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने आए थे, और जिसे एबीवीपी बर्दाश्त नहीं कर सकती है।"

द हंड्रेड फ्लावर्स ग्रुप ने फ्रेडरिक एंगेल्स की पुस्तक, सोशलिज्म: यूटोपियन एंड साइंटिफिक पर एक पठन यानि रीडिंग और चर्चा का आयोजन किया था। संगठन ने यूनियन रूम बुक किया था और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दो दिनों से अधिक समय तक प्रचार किया था। एक बयान में, समूह ने कहा, "जैसे ही हमारा कार्यक्रम शुरू होने वाला था, एबीवीपी के गुंडों ने जबरन जेएनयूएसयू कार्यालय पर कब्जा कर लिया और इस पठन सत्र में बाधा डालने का हर संभव प्रयास किया। उपरोक्त किसी भी प्रक्रिया का पालन किए बिना एबीवीपी ने मनमाने ढंग से और पूरी तरह से अलोकतांत्रिक रूप से दावा किया कि उन्हे भी जेएनयूएसयू कार्यालय को बैठक के लिए इस्तेमाल करने का अधिकार है।"

आगे कहा गया कि, "उचित प्रक्रिया का पालन करने के बारे में कोई तार्किक जवाब देने में विफल, एबीवीपी के गुंडों ने जल्द ही गुंडागर्दी का सहारा लेना शुरू कर दिया जैसा कि संघ परिवार के गुंडे अक्सर सड़कों पर करते हैं।"

जेएनयूएसयू ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि विश्वविद्यालय परिसर के लोकतांत्रिक वातावरण को नष्ट करने के एबीवीपी के बार-बार किए जाने वाले प्रयास सफल नहीं होंगे। हंड्रेड फ्लावर्स ग्रुप की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, "यह ध्यान में रखते हुए कि ये गुंडे कैंपस के राजनीतिक माहौल में जहर घोलने के अपने प्रयास को तेज करते जा रहे हैं, हमें सड़कों पर इन फासीवादियों का एकजुट रूप से विरोध करने के लिए तैयार रहना चाहिए।"

दक्षिण पश्चिम पुलिस के पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा के मुताबिक दोनों पक्ष (वामपंथी छात्र संगठन और एबीवीपी) एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने आउटलुक इंडिया को बताया कि "हमें ऐसा कुछ नहीं लगा कि मौक़े पर कोई झगड़ा हुआ है। पूछताछ करने पर पता चला कि छात्रों के दो गुटों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी।" उन्होंने कहा, "जांच जारी है और तदनुसार कार्रवाई की जाएगी।"

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

JNU Students Hold Protest Rally Against Alleged Attack by ABVP Members

Students' Protest
JNU Protest
JNUSU
Jawaharlal Nehru University
ABVP
SFI
AISA

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

डीवाईएफ़आई ने भारत में धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का आह्वान किया

लखनऊ: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत के साथ आए कई छात्र संगठन, विवि गेट पर प्रदर्शन

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

नई शिक्षा नीति से सधेगा काॅरपोरेट हित


बाकी खबरें

  • श्याम मीरा सिंह
    यूक्रेन में फंसे बच्चों के नाम पर PM कर रहे चुनावी प्रचार, वरुण गांधी बोले- हर आपदा में ‘अवसर’ नहीं खोजना चाहिए
    28 Feb 2022
    एक तरफ़ प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में यूक्रेन में फंसे कुछ सौ बच्चों को रेस्क्यू करने के नाम पर वोट मांग रहे हैं। दूसरी तरफ़ यूक्रेन में अभी हज़ारों बच्चे फंसे हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे…
  • karnataka
    शुभम शर्मा
    हिजाब को गलत क्यों मानते हैं हिंदुत्व और पितृसत्ता? 
    28 Feb 2022
    यह विडम्बना ही है कि हिजाब का विरोध हिंदुत्ववादी ताकतों की ओर से होता है, जो खुद हर तरह की सामाजिक रूढ़ियों और संकीर्णता से चिपकी रहती हैं।
  • Chiraigaon
    विजय विनीत
    बनारस की जंग—चिरईगांव का रंज : चुनाव में कहां गुम हो गया किसानों-बाग़बानों की आय दोगुना करने का भाजपाई एजेंडा!
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के बनारस में चिरईगांव के बाग़बानों का जो रंज पांच दशक पहले था, वही आज भी है। सिर्फ चुनाव के समय ही इनका हाल-चाल लेने नेता आते हैं या फिर आम-अमरूद से लकदक बगीचों में फल खाने। आमदनी दोगुना…
  • pop and putin
    एम. के. भद्रकुमार
    पोप, पुतिन और संकटग्रस्त यूक्रेन
    28 Feb 2022
    भू-राजनीति को लेकर फ़्रांसिस की दिलचस्पी, रूसी विदेश नीति के प्रति उनकी सहानुभूति और पश्चिम की उनकी आलोचना को देखते हुए रूसी दूतावास का उनका यह दौरा एक ग़ैरमामूली प्रतीक बन जाता है।
  • MANIPUR
    शशि शेखर
    मुद्दा: महिला सशक्तिकरण मॉडल की पोल खोलता मणिपुर विधानसभा चुनाव
    28 Feb 2022
    मणिपुर की महिलाएं अपने परिवार के सामाजिक-आर्थिक शक्ति की धुरी रही हैं। खेती-किसानी से ले कर अन्य आर्थिक गतिविधियों तक में वे अपने परिवार के पुरुष सदस्य से कहीं आगे नज़र आती हैं, लेकिन राजनीति में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License