NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जेएनयू अपडेट : हमले के बाद क्या-क्या हुआ?
जेएनयू हमले के बाद राजनीति तो गर्माई ही है, जेएनयू प्रशासन और पुलिस पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की एफआईआर में छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष का नाम शामिल करने पर भी विवाद है। इसी बीच सुबूत जुटाने एफएसएल की कई टीमें मंगलवार को जेएनयू पहुंची।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Jan 2020
JNU
Image courtesy: TOI

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले की घटना के बाद परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विश्वविद्यालय के विभिन्न द्वारों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। हालांकि इस मामले में पुलिस की ही भूमिका संदिग्ध है कि उसने समय पर कार्रवाई नहीं की।

इसके अलावा पुलिस द्वारा इस मामले में दर्ज एफआईआर पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि दो एफआईआर में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष को भी आरोपी बनाया गया है, जो इस हमलेें में सबसे ज़्यादा गंभीर रूप से घायल हुईं थीं। हालांकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि दो प्राथमिकियां जेएनयू के सर्वर कक्ष में तोड़फोड़ के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पांच जनवरी को दी गई एक शिकायत पर दर्ज की गई हैं। प्रशासन ने छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष सहित अन्य पदाधिकारियों के नाम तोड़फोड़ के संबंध में दिये थे लेकिन पुलिस ने उसका नाम और अन्य छात्रों के नाम आरोपियों के कॉलम में नहीं डाले हैं।

इसके अलावा हमले में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस वीडियो फुटेज और चेहरे पहचानने की प्रणाली का इस्तेमाल कर रही है। इस सिलसिले में सुबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की कई टीमें मंगलवार को जेएनयू पहुंची।

सूत्रों ने बताया कि एफएसएल की भौतिकी, रसायन और जीवविज्ञान विभागों की टीमें विश्वविद्यालय में हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस दोषियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और चेहरे पहचानने की प्रणाली का इस्तेमाल कर रही है। एफएसएल से फोटो विशेषज्ञों की एक टीम भी परिसर में पहुंची। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने एफएसएल से सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने के लिए एक कंप्यूटर फॉरेंसिक टीम भेजने का अनुरोध किया है और इसके बुधवार को परिसर में पहुंचने की संभावना है।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जनता से जेएनयू हमले की वीडियो क्लिप, सूचना साझा करने की भी अपील की है।

सुचरिता सेन ने पुलिस में की शिकायत

जेएनयू में हुए हमले के दौरान सिर में चोट लगने से घायल हुईं जेएनयू की प्रोफेसर सुचरिता सेन ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। सेन ने कहा कि बाहरी लोग लाठी, छड़ और घातक हथियारों के साथ विश्वविद्यालय परिसर में घुसे थे।

उन्होंने कहा कि पहले उनके कंधे पर एक बड़े पत्थर से मारा गया और फिर उनके सिर पर वार हुआ, जिसके बाद काफी खून बहने लगा और वह जमीन पर गिर गईं।

हिंदू रक्षा दल ने ली जिम्मेदारी दक्षिणपंथी समूह हिंदू रक्षा दल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में जेएनयू परिसर में हुए हमले की कथित तौर पर जिम्मेदारी ली है। यह वीडियो, सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था और फिर यह वायरल हो गया। इस वीडियो में एक व्यक्ति खुद को पिंकी चौधरी बताते हुए कह रहा है कि जो लोग “राष्ट्रविरोधी गतिविधियों” का सहारा लेंगे, उनके साथ जेएनयू छात्रों और अध्यापकों जैसा ही सलूक किया जाएगा। इस व्यक्ति ने बाद में समाचार चैनलों से कहा कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त अन्य लोगों को इसी तरह के हमलों का सामना करना पड़ेगा। बहरहाल, चौधरी के दावों पर पुलिस की कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं आई।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को कहा कि जेएनयू हमले में शामिल ‘‘नकाबपोश’’ हमलावरों को जल्द ही बेनकाब किया जाएगा। जेएनयू और देश के अन्य हिस्सों में हिंसा भड़काने के लिए जानबूझकर गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं।

उधर, माकपा ने जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय परिसर में हुए हमले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी को लेकर उनपर आरोप लगाते हुए कहा कि वह या तो इसमें शामिल हैं या अयोग्य हैं।

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी की खामोशी बहुत कुछ बोलती है। एक प्रधानमंत्री तब चुप नहीं रह सकता जब उसके आवास से कुछ किलोमीटर की दूरी पर ही छात्रों की पीटा जाए...या तो वह इसमें शामिल है या अयोग्य।’’

येचुरी ने रविवार को हमले के पूर्वनियोजित होने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी को इसके लिए लिए जिम्मेदार ठहराया था।

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा, लड़की की ‘‘हत्या’’ का प्रयास करने वालों की बजाय ‘‘हिंसा में घायल लड़की’’ के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किया जाना निंदनीय है। ओवैसी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्होंने यूनियन अध्यक्ष की हत्या करने का प्रयास किया। पहली बात यह है कि जांच यह होनी चाहिए कि पुलिस ने उन्हें प्रवेश कैसे करने दिया। दूसरी, कुलपति ने क्या किया। तीसरा, पुलिस ने गुंडा तत्वों को सुरक्षित निकलने कैसे दिया।’’

गौरतलब है कि रविवार को नकाबपोश लोगों की एक भीड़ ने यहां दक्षिण दिल्ली स्थित जेएनयू परिसर में घुस कर तीन छात्रावासों में विद्यार्थियों को निशाना बनाया था। डंडों, सरिया और पत्थरों से हमला किया था। छात्रावास में खिड़कियां, फर्नीचर तथा निजी सामान तोड़ दिये थे। उन्होंने एक महिला छात्रावास में भी हमला किया था। साथ ही, शिक्षकों पर भी हमला किया गया था। इस हमले में जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की अध्यक्ष आइशी घोष सहित 34 लोग घायल हो गये थे। जेएनयूएसयू ने इस हमले के लिए आरएसएस से संबद्ध एबीवीपी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है।

JNU
JNUSU
JNUTA
JNU attacked
Attack in JNU
JNU Administration
delhi police

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

जहांगीरपुरी : दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर ही सवाल उठा दिए अदालत ने!

अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

मोदी-शाह राज में तीन राज्यों की पुलिस आपस मे भिड़ी!

पंजाब पुलिस ने भाजपा नेता तेजिंदर पाल बग्गा को गिरफ़्तार किया, हरियाणा में रोका गया क़ाफ़िला


बाकी खबरें

  • RSS
    वसीम अकरम त्यागी
    बहुसंख्यकवाद का बढ़ता ख़तरा: पीड़ित को ही मुजरिम ठहराने की कोशिशें
    10 Dec 2021
    पिछले महीने नवंबर में प्रधानमंत्री मोदी रोम से पोप फ्रांसिस के साथ मुलाक़ात कर और उन्हें भारत आने का निमंत्रण देकर लौटे। इधर प्रधानमंत्री मोदी की पार्टी के ही अनुषांगिक संगठनों के लोग ईसाई समुदाय को…
  • clean air
    टिकेंदर सिंह पंवार
    हर नागरिक को स्वच्छ हवा का अधिकार सुनिश्चित करे सरकार
    10 Dec 2021
    दिल्ली जर्मनी के शहर लीपज़िग और चीन की राजधानी पेइचिंग से सबक ले सकती है, जिन्होंने अपनी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करके ऑटोमोबाइल पर निर्भरता को घटा दिया है। 
  • surrogacy
    गौरी आनंद
    सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (विनियमन) विधेयक 2021 क्या है?
    10 Dec 2021
    इस विधेयक का उद्देश्य सरोगेसी अधिनियम की धारा 15 के तहत एक राष्ट्रीय सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी और सरोगेसी बोर्ड की स्थापना करना है।
  • poverty
    डॉ. अमिताभ शुक्ल
    विकास की वास्तविकता दर्शाते बहुआयामी गरीबी सर्वेक्षण के आँकड़े
    10 Dec 2021
    इस सर्वेक्षण के निष्कर्ष सारे विकास को उन करोड़ों की जनसंख्या के लिए बेमानी साबित कर देते हैं, जिनके जीवन स्तर पर विकास के लिए व्यय किए गए खरबों रूपए से प्रकाश की किरण नही पहुंची।
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    जीत कर घर लौट रहा है किसान !
    09 Dec 2021
    किसान जीत गया। 11 दिसंबर को सिंघु बॉर्डर और किसान आंदोलन स्थल अब खाली हो रहे हैं । मगर किसानों ने उनके शब्दों में एक अत्याचारी और तानाशाही सरकारको झुका दिया है। किसानों ने चेतावनी दी है के अगर सरकार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License