NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
जेएनयू हिंसा: छात्रों ने पुलिस मुख्यालय का घेराव किया
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा के बाद राष्ट्रीय राजधानी के अलग-अलग विश्वविद्यालय के सैड़कों छात्रों ने आईटीओ स्थित दिल्ली पुलिस के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Jan 2020
delhi headquater
Image Courtesy: Hindustan Times

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा के बाद राष्ट्रीय राजधानी के अलग-अलग विश्वविद्यालय के सैड़कों छात्रों ने आईटीओ स्थित दिल्ली पुलिस के पुराने मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। जेएनयू के छात्रों के साथ प्रदर्शन करने वालों में दिल्ली विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र और नागरिक समाज के लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और मांग की कि पुलिस जेएनयू परिसर को छोड़ें।

आपको बता दें कि इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े किये जा रहे हैं। जेएनयू परिसर में रविवार रात को उस वक्त हिंसा भड़क गयी थी, जब लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला किया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था जिसके बाद प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा था। हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हो गये थे, जिन्हें एम्स में भर्ती कराया गया। फिलहाल अब उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है।

कल रविवार का पुलिस मुख्यालय का नजारा उसी तरह का था जैसाकि 15 दिंसबर को जामिया हिंसा के बाद था। बड़ी संख्या में जमा हुए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहां नारा लग रहा था कि 'आर हो या पार हो आज एफआईआर हो।' इसके अलावा 'दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद, अमित शाह इस्तीफ़ा दो' के नारे भी लग रहे थे।

छात्रों के समर्थन में सीपीएम पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात पहुंची। उन्होंने कहाकि वो जेएनयू के घायल छात्रों से मिलकर आई हैं। कैंपस में छात्रों और शिक्षकों के साथ मारपीट की गई है। पुलिस और प्रशासन की खिंचाई करते हुए उन्होंने कहा, 'यह क्या हो रहा हमारे कैंपस में छात्र सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस मूक दर्शक बनी रही है।'

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी आईटीओ पहुंचे। उन्होंने कहा कि कुछ संस्थान ऐसे हैं जहाँ सरकार ने आसानी से काबू पा लिया है लेकिन कुछ ऐसे संस्थान है जहाँ सरकार काबू नहीं पा रही है। जेएनयू ऐसा ही संस्थान है और सबसे मुखर है इसलिए उसपर अधिक हमले हो रहे हैं।
जेएनयू के घटना पर उन्होंने कहाकि हमारे गृह मंत्री के शब्दावली में क़ानून व्यवस्था जैसा शब्द नहीं है। यह छात्र आज उन्हें यही समझाने के लिए यहाँ आये हैं। उन्होंने पुलिस के रवैये को लेकर भी चिंता जाहिर की। चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा भी वहां पहुंची और छात्रों पर हुए बर्बर हमले की निंदा की।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस के जनसम्पर्क अधिकारी (पीआरओ) एमएस रंधावा ने छात्रों और शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की।

इसके बाद छात्रों और शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल ने चार मांगों के साथ दिल्ली पुलिस के जनसम्पर्क अधिकारी मनदीप सिंह रंधावा को एक आवेदन सौंपा है। इसमें घायलों को चिकित्सीय मदद मुहैया कराना और हिंसा में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग शामिल है।

सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी भी आईटीओ पहुंचे और पुलिस के जनसम्पर्क अधिकारी मनदीप सिंह रंधावा से बात की और उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें आश्वस्त किया हैकि दोषियों पर करवाई करेगी।

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजीब रे ने कहा, ‘पुलिस ने हमें आश्वासन दिया है कि वह मामले की जांच करेगी और हमारी मांगों पर गौर करेगी।’ लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा की हम जानते हैं कि यह सब बिना पुलिस के मिलीभगत के संभव नहीं है।

पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी चले गए लेकिन उन्होंने कहाकि हमारा संघर्ष सड़कों पर जारी रहेगा और इस तरह के हिंसा से हम डरने वाले नहीं है। छात्र और शिक्षक इसका ज़बाब देंगे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि जब गीदड़ की मौत आती है तो शहर की तरफ भागता है और किसी सरकार या राजनीतिक दल की मौत आती है तो कैंपस पर हमले करते हैं। 

JNU
Violence in JNU
JNUSU
ITO Protest
Delhi Police Headquarters
Sitaram yechury
CPM
Congress
Salman Khurshid
Brinda Karat

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • SC
    अजय कुमार
    “आरक्षण मेरिट के ख़िलाफ़ नहीं”, सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले को ज़बानी याद करने की ज़रूरत है
    21 Jan 2022
    मेरिट के पूरे विचार को बदलने की जरूरत है। आरक्षण की वजह से मेरिट खराब नहीं होता, बल्कि आरक्षण की वजह से ही मेरिट हासिल किया जा सकता है।
  • protest against Yogi government
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपीः योगी सरकार पर अभ्यर्थियों ने लगाया शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले का आरोप
    21 Jan 2022
    अभ्यर्थियों का दावा था कि 69 हज़ार शिक्षक भर्ती में ओबीसी वर्ग को 27% की जगह केवल 3.86% ही आरक्षण मिला वहीं एससी वर्ग को भी 21% की जगह मात्र 16.6% आरक्षण मिला।
  •  Amar Jawan Jyoti
    सोनिया यादव
    बुझ गई 50 साल से जल रही अमर जवान ज्योति, विपक्ष ने लगाया इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप
    21 Jan 2022
    70 के दशक से इंडिया गेट पर जल रही अमर जवान ज्योति की लौ के विलय को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने है। कांग्रेस सहित अन्य दलों ने भी इसे लेकर मोदी सरकार पर सीधा हमला बोला और इसे बीजेपी की एक साज़िश…
  • weekend curfew
    भाषा
    दिल्ली में जारी रहेगा वीकेंड कर्फ़्यू, आधी क्षमता पर खुल सकेंगे प्राइवेट दफ़्तर
    21 Jan 2022
    दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को वीकेंड कर्फ़्यू हटाने का प्रस्ताव रखा था मगर एलजी ने कहा कि कोरोना की स्थिति सुधरने तक इसे लागू रखा जाए।
  • Ghaffar Khan
    राजमोहन गांधी
    सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 
    21 Jan 2022
    राजमोहन गांधी की लिखी किताब, 'गफ़्फ़ार ख़ान: नॉनवायलेंट बादशाह ऑफ़ द पख़्तून्स' का एक अंश।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License