NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जामिया हिंसा : 10 छात्रों ने दिल्ली पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराया
दिल्ली पुलिस ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 10 छात्रों को नोटिस देकर उनसे 15 दिसंबर की हिंसा के मामले में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा था। दूसरी ओर हिंसा को लेकर एनएचआरसी की जांच पूरी हो गई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Feb 2020
Jamia
फाइल फोटो

नई दिल्ली : जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुछ छात्रों ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया, जो 15 दिसंबर को विश्वविद्यालय परिसर में एक कथित पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हो गए थे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

दिल्ली पुलिस ने बुधवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 10 छात्रों को नोटिस देकर उनसे 15 दिसंबर की हिंसा के मामले में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर पहुंची थी और छात्रों को नोटिस थमाए थे।

जिन छात्रों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, उनमें कुछ ऐसे भी छात्र हैं, जिन्हें घटना की रात हिरासत में लिया गया था। इसमें से कुछ की पहचान हाल में सामने आए सीसीटीवी के वीडियो क्लिप्स के जरिए की गयी है और कुछ ऐसे छात्र हैं, जो घटना के दिन घायल हो गए थे। सूत्रों ने बताया कि कुछ और छात्रों को अपने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाए जाने की संभावना है।

एनएचआरसी की जांच पूरी

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस की कार्रवाई की जांच कर रही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की टीम ने अपनी तहकीकात पूरी कर ली है लेकिन अपनी रिपोर्ट अभी आयोग के अध्यक्ष को नहीं सौंपी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

जामिया परिसर में प्रवेश के बाद पुलिस की ज़्यादतियों की जांच करने के लिए एनएचआरसी की सात सदस्य टीम गठित की गई थी। टीम ने शिक्षकों, मुख्य प्रॉक्टर, लाइब्रेरियन और पुस्तकालय के अन्य स्टाफ के अलावा 94 छात्रों की गवाहियों को रिकॉर्ड किया है। पुलिस ने विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में घुस कर लाठीचार्ज किया था।

एनएचआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) एचएल दत्तू ने कहा," उन्होंने जांच पूरी कर ली है। रिपोर्ट अभी मेरे पास नहीं आई है। मैंने रिपोर्ट जमा करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की है। एक रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में बहुत समय लगता है।"

पिछली 15 दिसंबर को पुलिस ने विश्वविद्यालय से कुछ मीटर की दूरी पर संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसक हुई भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले दागे थे।

पुलिस विश्वविद्यालय में भी घुस गई थी और कहा था कि परिसर में 'दंगाई' घुस गए थे। बहरहाल, जामिया के छात्रों ने इस बात से इनकार किया है कि वे हिंसा में शामिल थे और पुलिस पर पुस्तकालय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Jamia Milia Islamia
Jamia Violence
delhi police
NHRC
central university

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

जहांगीरपुरी : दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर ही सवाल उठा दिए अदालत ने!

अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’

मोदी-शाह राज में तीन राज्यों की पुलिस आपस मे भिड़ी!

पंजाब पुलिस ने भाजपा नेता तेजिंदर पाल बग्गा को गिरफ़्तार किया, हरियाणा में रोका गया क़ाफ़िला

नफ़रती भाषण: कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को ‘बेहतर हलफ़नामा’ दाख़िल करने का दिया निर्देश


बाकी खबरें

  • प्रभात पटनायक
    गिरते टीकाकरण का कारण कम उत्पादन या निजीकरण की नीति?
    07 Jun 2021
    18 से 44 वर्ष तक आयु के लोगों के टीकाकरण के लिए राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों के बीच यह होड़ हो रही है। उनसे अलग-अलग दाम तो लिए ही जा रहे हैं। पर उन्हें आपूर्तियों के एक ही हिस्से में से आपस में…
  • क्या सेंट्रल विस्टा से होगा देश के इतिहास पर ख़तरा?
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या सेंट्रल विस्टा से होगा देश के इतिहास पर ख़तरा?
    06 Jun 2021
    सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के कारण कुछ पुरानी इमारतों को तोड़ा जा सकता है. क्या नेशनल archives को भी इससे नुकसान होगा? नीलांजन के साथ 'इतिहास के पन्ने ' के इस अंक में पर चर्चा करते हैं
  • ‘इतवार की कविता’ : यह सदी किसके नाम
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    ‘इतवार की कविता’ : यह सदी किसके नाम
    06 Jun 2021
    “अन्न का उजाला”, एक शानदार रूपक है। जिसे रचा है वरिष्ठ कवि और संस्कृतिकर्मी शोभा सिंह ने और जिसके जरिये उन्होंने सत्ता द्वारा रचे गए आज के अंधेरे को रेखांकित किया है, उसे चुनौती दी है। वह कहती हैं-“…
  • तिरछी नज़र: शौक़ बड़ों की चीज़ है
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: शौक़ बड़ों की चीज़ है
    06 Jun 2021
    प्रधान सेवक का बड़ा मन है, बड़ी इच्छा है, बड़ा सपना है, उन्हें बड़ा शौक़ है...। उनका शौक़ बड़ा है, इसलिये उनके मकान का काम चल रहा है, आम आदमी का शौक़ छोटा है इसलिये आम आदमी के मकान का काम बंद है।
  • हेल्थ बीमा होने के बावजूद अगर इलाज का खर्च जेब से करना पड़े तो बीमा लेने का क्या फ़ायदा? 
    अजय कुमार
    हेल्थ बीमा होने के बावजूद अगर इलाज का खर्च जेब से करना पड़े तो बीमा लेने का क्या फ़ायदा? 
    06 Jun 2021
    आजकल हेल्थ बीमा होने के बाद भी कोरोना के साथ-साथ एक और लड़ाई लड़नी पड़ रही है। स्वास्थ्य बीमा कंपनियां तरह-तरह का पेच लगाकर हॉस्पिटल का खर्चा देने में आनाकानी कर रही हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License