NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
जामिया हिंसा: गिरफ्तार 10 लोगों में कोई छात्र शामिल नहीं, कैंपस के बाहर छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ रविवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की तरफ से एक भी गोली नहीं चलाई गई थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Dec 2019
jamia violence
Image courtesy: Social Media

नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास हुई हिंसा में कथित तौर पर शामिल आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि आरोपियों को सोमवार की रात गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में कोई भी छात्र नहीं है। विश्वविद्यालय रविवार को उस वक्त जंग के मैदान में तब्दील हो गया था जब पुलिस परिसर में घुस आई थी और वहां बल प्रयोग किया था।

दरअसल, संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा और आगजनी हुई थी जिसमें चार डीटीसी बसों, 100 निजी वाहनों और 10 पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।

पुलिस ने एक भी गोली नहीं चलाई: एमएचए

वहीं, गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ रविवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की तरफ से एक भी गोली नहीं चलाई गई थी। ऐसे आरोप लग रहे थे कि पुलिस ने जामिया में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं थी।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदर्शन के संबंध में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कुछ और आसामाजिक तत्वों का पता लगाया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कहा, “दिल्ली पुलिस ने जामिया में प्रदर्शन के दौरान एक भी गोली नहीं चलाई थी। गिरफ्तार किए गए सभी 10 व्यक्तियों की आपराधिक पृष्ठभूमि रही है। और आसामाजिक तत्वों की तलाश जारी है।”
 
जामिया विश्वविद्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन

संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी के खिलाफ मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रखते हुए छात्र और स्थानीय नागरिकों समेत कई प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगे और प्लेकार्ड लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के बाहर एकत्रित हुए।
 
सर्द मौसम की परवाह न करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय के बाहर छोटे मार्च निकाले और सरकार विरोधी नारे लगाए। हालांकि उन्होंने इस दौरान यह ध्यान भी रखा कि यातायात बाधित न हो। छात्रों ने बताया कि उनके कई सहपाठी अपने-अपने घर जा चुके हैं लेकिन उन्होंने यहीं रहने का और तब तक लड़ाई जारी रखने का फैसला किया जब तक कि नागरिकता कानून में किए गए संशोधन वापस नहीं लिए जाते।

रविवार को प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के बाद यह लगातार दूसरा दिन है जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहा है। सोमवार को हजारों की संख्या में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर रविवार को पुलिस के विश्वविद्यालय प्रशासन की इजाजत बिना जामिया परिसर में दाखिल होने और विवि के पुस्तकालय में आंसू गैस के गोले छोड़ने की घटना की जांच की मांग की।

आपको बता दें सोमवार को प्रदर्शन की अगुवाई छात्रों की बहनों, दादियों समेत सभी आयु वर्ग की महिलाओं ने की। उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक न्याय के लिए लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। उनके समर्थन में नजदीक के इलाकों के रहवासी और छात्रों के अभिभावक भी सामने आए।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Jamia Milia Islamia
Jamia Protest
Jamia Violence
delhi police
CAB
CAA

Related Stories

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

दिल्ली: प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर पुलिस का बल प्रयोग, नाराज़ डॉक्टरों ने काम बंद का किया ऐलान

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

दिल्ली: ऐक्टू ने किया निर्माण मज़दूरों के सवालों पर प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट को दिखाने के लिए बैरिकेड हटा रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा

दिल्ली सरकार के विश्वविद्यालय के सफ़ाई कर्मचारियों ने कपड़े उतार कर मुख्यमंत्री आवास पर किया प्रदर्शन!

दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच: बद से बदतर होती भ्रांतियां


बाकी खबरें

  • UP
    सतीश भारतीय, परंजॉय गुहा ठाकुरता, शेखर
    विश्लेषण: विपक्षी दलों के वोटों में बिखराव से उत्तर प्रदेश में जीती भाजपा
    29 Mar 2022
    आज ज़रूरत इस बात की है कि जिन राज्यों में भी भाजपा को जीत हासिल हो रही है, उन राज्यों के चुनाव परिणामों का विश्लेषण बारीकी से किया जाए और यह समझा जाए कि अगर विपक्ष एकजुट रहा होता तो क्या परिणाम…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ भारत बंद का दिखा दम !
    29 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की। उन्होंने नज़र डाला है दिल्ली-एनसीआर और देश में हड़ताल के व्यापक असर पर।
  • sanjay singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    विपक्ष के मोर्चे से भाजपा को फायदा: संजय सिंह
    29 Mar 2022
    इस ख़ास अंक में नीलू व्यास ने बात की आप के सांसद संजय सिंह से और जानना चाहा Aam Aadmi Party के आगे की योजनाओं के बारे में। साथ ही उन्होंने बात की BJP और देश की राजनीति पर.
  • Labour Code
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल : दिल्ली एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों में दिखा हड़ताल का असर
    28 Mar 2022
    केंद्रीय मज़दूर संगठनों ने सरकार की कामगार, किसान और जन विरोधी नीतियों के विरोध में 28 और 29 मार्च दो दिन की देशव्यापी हड़ताल की शुरआत आज तड़के सुबह से ही कर दी है । हमने दिल्ली एनसीआर के साहिबाद…
  • skm
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों मिला मजदूरों की हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन
    28 Mar 2022
    मज़दूरों की आम हड़ताल को किसानों का समर्थन मिला है. न्यूज़क्लिक से बातचीत में ऑल इंडिया किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धवले ने कहा कि सरकार मजदूरों के साथ साथ किसानों के साथ वादाखिलाफी कर रही है. खाद, बीज…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License