NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ्रांस के अगले प्रधानमंत्री होंगे ज्यां कैस्टेक्स
कैस्टेक्स, एडवर्ड फिलिप की जगह लेंगे। सरकार को कोरोना वायरस संकट के दौरान और रविवार को हुए चुनाव से पहले आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। फेरदबल का फैसला मतदान से पहले ही कर लिया गया था।
एपी
03 Jul 2020
Jean Castex

पेरिस: फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर ज्यां कैस्टेक्स के नाम की घोषणा की।

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लगाए गए लॉकडाउन के बाद देश को फिर खोलने की योजना बनाने में कैस्टेक्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सुर्खियों से दूर रहकर काम करने वाले कैस्टेक्स, एडवर्ड फिलिप की जगह लेंगे। इससे पहले दिन में फिलिप ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

कुछ महीने से लॉकडाउन के कारण ठहर चुकी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए मैक्रों सरकार में, बदलाव कर रहे हैं।

कैस्टेक्स (55) लोक सेवक के तौर पर कई सरकारों के साथ काम कर चुके हैं। संक्रमण के कारण लागू पाबंदियों में क्रमिक तौर पर ढील दिए जाने की फ्रांस की योजना सफल रही है।

सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव होने की संभावना है।

मैक्रों ने बृहस्पतिवार को विभिन्न स्थानीय समाचार पत्रों को दिए साक्षात्कार में कहा था कि वह देश के पुनर्निर्माण के लिए ‘‘नई राह’’ खोज रहे हैं।

उन्होंने पिछले तीन साल में फिलिप के ‘‘शानदार काम’’ की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे देश का नेतृत्व करने के लिए राह का चयन करना होगा।’’

यह फेरबदल ऐसे समय में किया गया है, जब कुछ दिन पहले स्थानीय चुनावों में मैक्रों की पार्टी को फ्रांस के बड़े शहरों में हार का सामना करना पड़ा था।

सरकार को कोरोना वायरस संकट के दौरान और रविवार को हुए चुनाव से पहले आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। फेरदबल का फैसला मतदान से पहले ही कर लिया गया था।

देश में मार्च और अप्रैल में संक्रमण के चरम पर पहुंचने के दौरान सरकार को मास्क, जांच और चिकित्सकीय उपकरणों के अभाव के कारण आलोचना का शिकार होना पड़ा था।

लॉकडाउन के कारण रोजगार सृजन के मैक्रों के प्रयासों को भी धक्का लगा।

सरकार ने कारोबार को सहारा देने के लिए 460 अरब यूरो के आपात पैकेज के साथ ही कर में कटौती और अन्य वित्तीय मदद की घोषणा की है।

Jean Castex
France
Next PM Jean Castex

Related Stories

फ्रांस में मैक्राँ की जीत से दुनियाभर में राहत की सांस

माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है

मॉस्को कर रहा है 'गुड कॉप, बैड कॉप' का सामना

अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन को आतंकवाद का स्रोत नहीं बनना चाहिए : भारत, फ्रांस

विशेष : पांडिचेरी के आज़ादी आंदोलन में कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका

कटाक्ष: ये जासूसी-जासूसी क्या है?

क़यामत का एक निरर्थक गिरजाघर

अतिदक्षिणपंथी और मैक्रोनवादी फ़्रांस का क्षेत्रीय चुनाव हार गए, जबकि ट्रेडिशनल पार्टियों ने बनाई पकड़

अमेरिका ने डेनमार्क की गुप्त एजेंसी की मदद से जर्मनी, फ़्रांस सहित यूरोप में अपने क़रीबी सहयोगियों की जासूसी की

क्यों पराजित हुआ पेरिस कम्यून ?


बाकी खबरें

  • Budget 2022
    भरत डोगरा
    जलवायु बजट में उतार-चढ़ाव बना रहता है, फिर भी हमेशा कम पड़ता है 
    18 Feb 2022
    2022-23 के केंद्रीय बजट में जलवायु परिवर्तन, उर्जा नवीनीकरण एवं पर्यावरणीय संरक्षण के लिए जिस मात्रा में समर्थन किये जाने की आवश्यकता है, वैसा कर पाने में यह विफल है।
  • vyapam
    भाषा
    व्यापमं घोटाला : सीबीआई ने 160 और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया
    18 Feb 2022
    केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वर्ष 2013 के प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) में धांधली करने के आरोप में 160 और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया है। आरोपियों में प्रदेश के तीन निजी मेडिकल…
  • Modi
    बी सिवरमन
    मोदी के नेतृत्व में संघीय अधिकारों पर बढ़ते हमले
    18 Feb 2022
    मोदी सरकार द्वारा महामारी प्रबंधन के दौरान अनुच्छेद 370 का निर्मम हनन हो, चाहे राज्यों के अधिकारों का घोर उल्लंघन हो या एकतरफा पूर्ण तालाबंदी की घोषणा हो या फिर महामारी के शुरुआती चरणों में अत्यधिक…
  • kannauj
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: कन्नौज के पारंपरिक 'इत्र' निर्माता जीवनयापन के लिए कर रहे हैं संघर्ष
    18 Feb 2022
    कच्चे माल की ऊंची क़ीमतें और सस्ते, सिंथेटिक परफ्यूम के साथ प्रतिस्पर्धा पारंपरिक 'इत्र' निर्माताओं को पहले से कहीं अधिक प्रभावित कर रही है।
  • conteniment water
    सौरभ शर्मा
    यूपी चुनाव: कथित तौर पर चीनी मिल के दूषित पानी की वजह से लखीमपुर खीरी के एक गांव में पैदा हो रही स्वास्थ्य से जुड़ी समस्यायें
    18 Feb 2022
    लखीमपुर खीरी ज़िले के धरोरा गांव में कथित तौर पर एक चीनी मिल के कारण दूषित होते पानी के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांव के लोग न सिर्फ़ स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, बल्कि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License