NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
झांसी: बीजेपी नेताओं का पुलिस पर हमला!, विपक्ष ने योगी सरकार पर उठाए सवाल
एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान पुलिस से सत्तधारी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के भिड़ने का  वीडियो वायरल हो रहा है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी आरोप लग रहे हैं कि बीजेपी नेताओं ने एसपी सिटी विवेक कुमार को निशाना बनाकर पीटा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Dec 2020
झांसी

उत्तर प्रदेश पुलिस एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला गाड़ी पलटने या एनकाउंटर करने का नहीं बल्कि खुद झांसी पुलिस के एसपी यानी सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस के सरेआम पिटने का है। पुलिस की इस फ़ज़ीहत का आरोप किसी और पर नहीं बल्कि सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के नेता और कार्यकर्ताओं पर लगा है। हालांकि पुलिस इस पूरे विवाद को मामूली धक्का-मुक्की का नाम दे रही है लेकिन इस घटना के वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं वो कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।

इस पूरे मामले पर विपक्ष पुलिस और प्रशासन की दुर्गति के लिए सरकार पर निशाना साध रही है तो वहीं बेहतर कानून व्यवस्था और अपराधियों को प्रदेश से बाहर का रास्ता दिखाने का दावा करने वाली योगी सरकार चुप्पी साधे हुए है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक शुक्रवार, 4 दिसंबर को यूपी के झांसी के महाविद्यालय में एमएलसी चुनाव की मतगणना चल रही थी। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को बढ़त मिलते देख भारतीय जनता पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओँ ने मतगणना स्थल पर हंगामा शुरू कर दिया। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की वे पुलिस से ही भिड़ गए। पुलिस वालों का ही डंडा छीनकर उनपर हमला कर दिया।

लाइव हिंदुस्तान में छपी खबर के मुताबिक पहली वरीयता में सपा प्रत्याशी करीब ढाई हजार वोटों से आगे रहे।  इसके बाद द्वतीय वरीयता की गिनती शुरू हुई तो उसमें भी करीब दो हजार वोटों से आगे हो गए। यह खबर मतगणना स्थल के बाहर पहुंची तो भाजपा के सदर व बबीना विधायक और बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें मतगणना स्थल में अंदर जाने से रोका जिस पर झड़प हो गई। आक्रोशित विधायक बाहर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

दृश्य डराने वाले हैं, भाजपा का एक नेता SP सिटी विवेक त्रिपाठी को खुले आम पीट रहे हैं।

खैर सत्ता के आगे घुटने टेक कमज़ोरों पर अत्याचार करने वाली, गरीबों का चालान काटने वाली, पत्रकारों पर मुक़दमे लिखने वाली उत्तरप्रदेश पुलिस अपनी इस हालत की ज़िम्मेदार खुद है।

वक्त रहते सबक लीजिए। pic.twitter.com/ilqCnTvOet

— Rohini Singh (@rohini_sgh) December 4, 2020

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक नीले रंग का कुर्ता पहने शख्स पुलिस अधिकारी का डंडे के सहारे गला दबाने की कोशिश कर रहा है। नीला कुर्ता पहने शख्स बीजेपी का झांसी महानगर का अध्यक्ष प्रदीप सरावगी बताया जा रहा है। वहीं वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि जिस पुलिस अधिकारी पर हमला हो रहा है वो झांसी के एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी हैं।  

हालांकि घटना के बाद झांसी पुलिस ने सफाई में कहा है कि चुनाव के दौरान भीड़ के साथ पुलिस की सिर्फ धक्का मुक्की हुई है और वोटों की गिनती शांतिपूर्ण ढंग से हुई है।

पुलिस क्या कह रही है?

इस संबंध में झांसी पुलिस ने ट्वीट करके इस बात को माना कि पुलिसवालों के साथ धक्का-मुक्की हुई है। हालांकि उन्होंने एसपी विवेक त्रिपाठी को पीटे जाने की खबर को भ्रामक और फेक न्यूज करार दिया।

बी.के.डी. कालेज झाँसी में इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक विधान परिषद चुनाव की चल रही मतगणना के दौरान हुई धक्का मुक्की के संबंध में वाइट देते हुये #SSPJhansi @Dineshdcop @Uppolice @adgzonekanpur @IgrangeJhansi pic.twitter.com/4SOSjRq5yF

— Jhansi Police (@jhansipolice) December 4, 2020

इस घटना पर झांसी पुलिस की ओर एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा है, “झांसी में एमएलसी चुनाव में मतगणना शांतिपूर्ण हुई है। कुछ लोगों ने गेट के अंदर घुसने की कोशिश की, इसी बीच धक्का मुक्की हुई है। किसी के साथ भी लाठीचार्ज नहीं हुआ है। एसपी सिटी के ऊपर हमले की जो खबरें चल रही हैं वो गलत खबर है। कोई सिपाही घायल नहीं हुआ, सिर्फ धक्का मुक्की हुई है।”

विपक्ष का सरकार पर निशाना

इस घटना के बाद एक बार फिर विपक्ष के नेताओं ने योगी सरकार के ‘बेहतर कानून व्यवस्था’ और ‘अपराधियों के प्रदेश छोड़कर कर भागने’ के दावों पर सवाल उठाए हैं।

<

विधान परिषद के चुनाव में सपा की जीत व अपनी हार से बौखलाए भाजपाइयों ने मतगणना में घपले की कोशिश में झाँसी की पुलिस पर जानलेवा हमला किया. पुलिस पर हमलावार भाजपाइयों की तुरंत गिरफ़्तारी हो. भाजपा लोकतंत्र को निर्लज्ज होकर लूटना चाहती है.

उप्र में क़ानून-व्यवस्था पूरी तरह ठप्प है.

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 4, 2020

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में कहा, “विधान परिषद के चुनाव में सपा की जीत व अपनी हार से बौखलाए भाजपाइयों ने मतगणना में घपले की कोशिश में झाँसी की पुलिस पर जानलेवा हमला किया। पुलिस पर हमलावार भाजपाइयों की तुरंत गिरफ़्तारी हो। भाजपा लोकतंत्र को निर्लज्ज होकर लूटना चाहती है। उप्र में क़ानून-व्यवस्था पूरी तरह ठप्प है।”

वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू ने भी घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री के दावों पर सवाल उठाया साथ ही यूपी पुलिस को आत्ममंथन करने की बात कही।

झांसी में भाजपा विधायकों के सामने ही भाजपा नेता ने एसपी सिटी को पटक - पटक कर पीटा। सरकार के आगे घुटने टेक चुकी पुलिस को आत्ममंथन करना चाहिए।

सत्ता दल के नेताओं को गुंडागर्दी सरकार पर सवाल है। सीएम को बताना चाहिए कि वह कौन से गुंडों को उप्र से बाहर जाने की बात करते है? pic.twitter.com/mewueXJkeY

— Ajay Kumar Lallu (@AjayLalluINC) December 4, 2020

अजय लल्लू ने अपने ट्वीट में लिखा, “झांसी में भाजपा विधायकों के सामने ही भाजपा नेता ने एसपी सिटी को पटक-पटक कर पीटा। सरकार के आगे घुटने टेक चुकी पुलिस को आत्ममंथन करना चाहिए। सत्ता दल के नेताओं को गुंडागर्दी सरकार पर सवाल है। सीएम को बताना चाहिए कि वह कौन से गुंडों को उप्र से बाहर जाने की बात करते है?”

गौरतलब है कि यूपी पुलिस की फजीहत का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बलिया का गोलीकांड हो या कानपुर का विकास दुबे मामला, बुलंदशहर में इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या हो या लखनऊ का चर्चित विवेक तिवारी एनकाउंटर कांड अक्सर यूपी पुलिस कभी अपनी वजहों से तो कभी सत्तापक्ष के कारण सवालों के घेरे में ही नज़र आती है। 

Uttarpra
Jhansi
BJP
BJP Leaders
UP police
MLC Election
Yogi Adityanath
yogi government
viral video
Social Media

Related Stories

बीजेपी के चुनावी अभियान में नियमों को अनदेखा कर जमकर हुआ फेसबुक का इस्तेमाल

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार

पंजाब विधानसभा चुनाव: प्रचार का नया हथियार बना सोशल मीडिया, अख़बार हुए पीछे

कैसे भाजपा की डबल इंजन सरकार में बार-बार छले गए नौजवान!

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

मुख्यमंत्री पर टिप्पणी पड़ी शहीद ब्रिगेडियर की बेटी को भारी, भक्तों ने किया ट्रोल

मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!

सांप्रदायिक घटनाओं में हालिया उछाल के पीछे कौन?


बाकी खबरें

  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    संतूर के शहंशाह पंडित शिवकुमार शर्मा का मुंबई में निधन
    10 May 2022
    पंडित शिवकुमार शर्मा 13 वर्ष की उम्र में ही संतूर बजाना शुरू कर दिया था। इन्होंने अपना पहला कार्यक्रम बंबई में 1955 में किया था। शिवकुमार शर्मा की माता जी श्रीमती उमा दत्त शर्मा स्वयं एक शास्त्रीय…
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    ग़ाज़ीपुर के ज़हूराबाद में सुभासपा के मुखिया ओमप्रकाश राजभर पर हमला!, शोक संतप्त परिवार से गए थे मिलने
    10 May 2022
    ओमप्रकाश राजभर ने तत्काल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम, गाजीपुर के एसपी, एसओ को इस घटना की जानकारी दी है। हमले संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया। उन्होंने कहा है कि भाजपा के…
  • कामरान यूसुफ़, सुहैल भट्ट
    जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती
    10 May 2022
    आम आदमी पार्टी ने भगवा पार्टी के निराश समर्थकों तक अपनी पहुँच बनाने के लिए जम्मू में भाजपा की शासन संबंधी विफलताओं का इस्तेमाल किया है।
  • संदीप चक्रवर्ती
    मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF
    10 May 2022
    AIFFWF ने अपनी संगठनात्मक रिपोर्ट में छोटे स्तर पर मछली आखेटन करने वाले 2250 परिवारों के 10,187 एकड़ की झील से विस्थापित होने की घटना का जिक्र भी किया है।
  • राज कुमार
    जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप
    10 May 2022
    सम्मेलन में वक्ताओं ने उन तबकों की आज़ादी का दावा रखा जिन्हें इंसान तक नहीं माना जाता और जिन्हें बिल्कुल अनदेखा करके आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन तबकों की स्थिति सामने रखी जिन तक आज़ादी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License