NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
झारखंड विधानसभा चुनाव एग्जिट पोल: इस बार बीजेपी सरकार नहीं बनने के आसार
‘आज तक’ ने अपने एग्जिट पोल में दावा किया कि भाजपा को सिर्फ 22 से 32 सीटें मिलेंगी वहीं झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को 38 से 50 तक सीटें मिलेंगी।
भाषा
21 Dec 2019
jharkhand election
साभार : प्रभात

रांची: झारखंड विधानसभा के लिए पांच चरणों में चुनाव संपन्न होने के बाद शुक्रवार को आये एग्जिट पोल के नतीजों में किसी भी एक दल की सरकार बनती नहीं दिख रही है और भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने की संभावना है।

‘आज तक’ ने अपने एग्जिट पोल में दावा किया कि भाजपा को सिर्फ 22 से 32 सीटें मिलेंगी वहीं झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को 38 से 50 तक सीटें मिलेंगी। इस सर्वेक्षण के अनुसार भाजपा की सहयोगी रही आजसू को तीन से पांच सीटें, झारखंड विकास मोर्चा:प्रः को दो से चार सीटें मिलेंगी। अन्य छोटी पार्टियों और निर्दलीयों के खाते में चार से सात सीटें जाने की बात कही गयी है।

आज तक के मुख्यमंत्री पद के लिए सर्वेक्षण में झामुमो नेता हेमंत सोरेन को 29 प्रतिशत लोगों की पसंद बताया गया है वहीं भाजपा नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री रघुवर दास को 26 प्रतिशत लोगों की पसंद बताया गया है।

एबीपी-सी वोटर्स के एग्जिट पोल में जहां झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को 35 सीटें मिलने की बात कही गयी है वहीं भाजपा को 32 सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की गयी है। इस सर्वेक्षण ने आजसू को पांच, झाविमो को तीन एवं निर्दलीय तथा अन्य को छह सीटें मिलने की बात कही है।

यदि एबीपी-सी वोटर्स का सर्वेक्षण सही साबित होता है तो उसके अनुसार राज्य में एक बार फिर भाजपा-आजसू की सरकार का भी गठन हो सकता है। राज्य की पिछली सरकार भी इन्हीं दलों ने मिलकर गठित की थी।

वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को 81 सदस्यीय विधानसभा में 37 सीटें मिली थीं, आजसू को पांच, झामुमो को 19, कांग्रेस को छह, झाविमो को आठ सीटें मिली थीं। अन्य दलों एवं निर्दलीयों को छह सीटें मिली थीं। बाद में झाविमो के छह विधायक दल बदल कर भाजपा में शामिल हो गये थे जिसके बाद झाविमो के पास महज दो सीटें रह गयी थीं।

झारखंड के स्थानीय चैनल न्यूज 11 भारत ने अपने सर्वेक्षण में भाजपा को 30 से 35 सीटें, झारखंड मुक्ति मोर्चा को 17 से 22 सीटें, कांग्रेस को नौ से बारह और आजसू को आठ से बारह एवं झाविमो:प्रः को चार से छह सीटें मिलने का अनुमान लगाया है।

इस एग्जिट पोल में छोटे दलों तथा निर्दलीयों को आठ से दस सीटें मिलने की बात कही गयी है। झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच कुल पांच चरणों में आज 81 विधानसभा सीटों के लिए मतदान का काम पूरा हो गया। 23 दिसंबर को मतगणना होगी।

jharkhand elections
Jharkhand Exit Poll
BJP
Congress
jharkhand mukti morcha

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • मुजफ्फरनगर दंगा: मंत्री सुरेश राणा, संगीत सोम, साध्वी प्राची पर फिर से चलेगा दंगा भड़काने का मुकदमा
    सबरंग इंडिया
    मुजफ्फरनगर दंगा: मंत्री सुरेश राणा, संगीत सोम, साध्वी प्राची पर फिर से चलेगा दंगा भड़काने का मुकदमा
    14 Aug 2021
    योगी सरकार ने मार्च 2021 में सुरेश राणा, संगीत सोम आदि के मुकदमे, राजनीति से प्रेरित बताते हुए वापस ले लिए थे। इसी से मुजफ्फरनगर दंगे से जुड़े इन मुकदमों के दोबारा खुलने को योगी सरकार के लिए एक बड़ा…
  • आज़ाद भारत में आज़ादी का अर्थः अमृत महोत्सव मनाने और समझने का अंतर
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    आज़ाद भारत में आज़ादी का अर्थः अमृत महोत्सव मनाने और समझने का अंतर
    14 Aug 2021
    आज़ादी को समझने और उसे कायम रखने का मूल मंत्र समता के कार्यक्रमों को बढ़ाने और भाईचारे यानी बंधुत्व पर जोर देने में है। इनके बिना आज़ादी लड़खड़ा रही है। आज़ादी कमजोर हो रही है झूठ और निगरानी के बढ़ते…
  • बिहार में जातीय जनगणना का मुद्दा बीजेपी की परेशानी क्यों बना हुआ है?
    सोनिया यादव
    बिहार में जातीय जनगणना का मुद्दा बीजेपी की परेशानी क्यों बना हुआ है?
    14 Aug 2021
    बिहार विधानसभा में पहली बार 18 फरवरी, 2019 और फिर 27 फरवरी, 2020 में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मांग की गई थी कि 2021 में होने वाली जनगणना जाति आधारित हो। हालांकि अब इस पर राज्य की एनडीए सरकार…
  • कानपुर में मुस्लिम युवक की पिटाई, यूपी में फैलता किसान आंदोलन और अन्य ख़बरें
    न्यूज़क्लिक टीम
    कानपुर में मुस्लिम युवक की पिटाई, यूपी में फैलता किसान आंदोलन और अन्य ख़बरें
    13 Aug 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंड अप में आज हमारी नज़र रहेगी कानपुर में मुस्लिम युवक की पिटाई, यूपी में फैल रहा किसान आंदोलन और अन्य ख़बरों पर।
  • शेयर में छोटे निवेशक लगा रहे हैं सट्टा?
    न्यूज़क्लिक टीम
    शेयर में छोटे निवेशक लगा रहे हैं सट्टा?
    13 Aug 2021
    पिछले 17 महीनों में सेंसेक्स में 220% का उछाल आया है। दरबारी अर्थशास्त्री कह रहे हैं कि इससे सबसे ज़्यादा छोटे निवेशकों को फ़ायदा हुआ है। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि छोटे निवेशक खरीद फ़रोक्त ज़रूर कर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License