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भारत
राजनीति
झारखंड विधानसभा चुनाव : बुजुर्गों और विकलांगों के लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था
इस योजना को चुनाव आयोग ने पायलट  प्रोजेक्ट के आधार पर शुरू किया है और वर्तमान विधानसभा चुनावों में झारखंड राज्य में रामहाल, पाकुड़, जामताड़ा, देवघर, गोड्डा, बोकारो, धनबाद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में ही यह सुविधा उपलब्ध होगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Nov 2019
jharkhand elections
Image Courtesy: Hindustan Times

झारखंड विधानसभा चुनावों के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है।  यहां भारत के चुनाव इतिहास में पहली बार 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक और विकलांग लोगों को पोस्टल बैलेट सुविधा का उपयोग करके अपने वोट डालने का अवसर दिया जाएगा। चुनाव आयोग ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है, जो पीपुल्स अधिनियम के प्रतिनिधित्व की धारा 6 के खंड 3 के तहत है।

CEC ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त उचित विचार और चुनाव नियमों के आचरण में कानून मंत्रालय द्वारा किए गए संशोधनों के बाद अधिसूचना जारी की,  इसके लिए आवश्यक है कि वोटर  80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों या विकलांग हो। उन्हीं को पोस्टल मतों के माध्यम से अपने वोट डालने के लिए।
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इस योजना को चुनाव आयोग ने पायलट  प्रोजेक्ट के आधार पर शुरू किया है और वर्तमान विधानसभा चुनावों में झारखंड राज्य में रामहाल, पाकुड़, जामताड़ा, देवघर, गोड्डा, बोकारो, धनबाद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में ही यह सुविधा उपलब्ध होगी।

हालांकि, जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए अगले साल की शुरुआत में दिल्ली चुनाव होने तक इंतजार करना होगा क्योंकि आयोग अभी भी आवश्यक सेवाओं की पहचान पर विचार-विमर्श कर रहा है।

उपरोक्त श्रेणियों में आने वाले मतदाताओं को वोट देने की इच्छा होने पर अपनी विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव के लिए अधिसूचना के पांच दिनों के भीतर पोस्टल बैलेट के लिए आवेदन करना होगा।

इस पूरे मामले पर सीपीएम राज्य सचिव प्रकाश विपल्व ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए, इस फैसले का स्वागत किया।  उनके मुताबिक इस तरह के कदम लोकतंत्र के लिए प्रगतिशील कदम हैं। उन्होंने कहा कि हम और हमारी पार्टी की बहुत समय से मांग रही है कि उन सभी लोगों को वोट का मौका मिलना चाहिए जिनका नाम वोटर लिस्ट में है।  इसके लिए जो भी जरूरी कदम है उन्हें उठाना चाहिए।

आपको बता दें कि इस फैसले से पहले चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा की थी, सभी ने इस फैसले का स्वगत किया था।

सूत्रों के मुताबिक बुजुर्गों और विकलंगों के लिए पोस्टल वोट की व्यवस्था पहले पूरे राज्य में होनी थी लेकिन कई जिलों के डीएम ने इसको अव्यवहारिक बताते हुए लागू करने में असमर्थता जताई थी।  इसकी बड़ी वजह नक्सल समस्या को बताया जा रहा था। यही कारण है कि यह पूरे राज्य में न लागू होकर केवल कुछ विधानसभा क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है।

आपको बता दें कि झारखंड में कुल पांच चरणों में चुनाव होने हैं। प्रथम चरण में कुल 13 विधानसभा सीटों के लिए 30 नवंबर को मतदान होगा।  इनमें चतरा, गुमला, विशुनपुर, लोहरदगा, मनिका, लातेहार, पांकी, डाल्टनगंज, विश्रामपुर, छतरपुर, हुसैनाबाद, गढ़वा और भवनाथपुर शामिल हैं।

Jharkhand Assembly Elections
Postal Ballot System
Elderly and disabled
election commission
CEC

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