NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
झारखंड: आदिवासी को हिंदू कहे जाने पर आक्रोशित हो रहे आदिवासी समुदाय के लोग 
आदिवासियों को हिंदू बताए जाने की तीव्र निंदा करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत, नरेंद्र मोदी, अमित शाह व जेपी नड्डा के साथ-साथ इनके सभी आदिवासी नेताओं के पुतले जलाए गए।
अनिल अंशुमन
19 Mar 2021
झारखंड: आदिवासी को हिंदू कहे जाने पर आक्रोशित हो रहे आदिवासी समुदाय के लोग 

आदिवासी समाज के लोग सभी धर्मों का सम्मान करते हैं लेकिन यदि किसी धर्म विशेष की पार्टी और उसके लोगों–नेताओं द्वारा हमारी स्वतंत्र धार्मिक पहचान पर आघात होगा तो सहन नहीं किया जाएगा! हम आदिवासी समुदाय के लोग प्रकृति पूजक होते हैं और हमारी अलग सामाजिक-सांस्कृतिक परंपरा और जीवन है। राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर आदिवासी समाज को हिन्दू कहे जाने के खिलाफ आक्रोशित आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी।

ये सभी झारखंड विधानसभा में प्रदेश भाजपा प्रस्तावित नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री नेता बाबूलाल मराण्डी और भाजपा राज्यसभा सांसद समीर उरांव द्वारा आदिवासियों को हिन्दू बताए जाने के खिलाफ अपना विरोध प्रकट करने एकत्र हुए थे। जहां भाजपा-आरएसएस विरोधी नारे लगाते हुए उनके नेताओं के पुतले भी जलाए।

ज्ञात हो की पिछले दिनों झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वर्चुवल कार्यक्रम में साफ तौर से कहा कि आदिवासी कभी भी हिन्दू नहीं थे और न हैं! जवाब में भाजपा ने अपने आदिवासी नेताओं द्वारा आदिवासियों को हिन्दू बताने की मुहिम सी चला रखी है। इसी के तहत अपने कई मीडिया संबोधनों तथा भाजपा संचालित आदिवासी संगठनों के कार्यक्रमों में बाबूलाल मराण्डी ने कहा कि जनजातीय आदिवासी समाज जन्म से ही हिन्दू है और जो ये नहीं मानते हैं उन्हें जनजाति होने का लाभ नहीं मिलना चाहिए। लगभग इसी तर्ज़ पर भाजपा के राज्य सभा सांसद समीर उरांव ने भी कहा कि आज़ादी के पहले ही से कतिपय विदेशी ताकतों ने इस समुदाय के लोगों को बरगलाकर हिन्दू धर्म से अलग करने की साजिशें की हैं। भोले-भाले आदिवासियों को लगातार हिन्दू धर्म के खिलाफ भड़काकर आपना स्वार्थ साधा जा रहा है। 

फिलहाल ये मुद्दा तीखे सामाजिक टकराव का सियासी रंग लेता जा रहा । प्रदेश के कई आदिवासी बाहुल्य इलाकों में आदिवासी सामाजिक और धार्मिक संगठनों के नेतृत्व में सड़कों पर प्रतिवाद किया जा रहा है। जगह-जगह प्रतिवाद मार्च निकालकर भाजपा के आदिवासी नेताओं समेत आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, नरेंद्र मोदी-अमित शाह इत्यादि के पुतले जलाकर आक्रोश प्रदर्शन का सिलसिला लगातार जारी है।

16 मार्च को जमशेदपुर में दिसोम जाहेर गढ़ व खूंटी में केंद्रीय सरना समिति, 14 मार्च को बोकारो के जेना मोड़ तथा 11 मार्च को राजधानी रांची के अलावा राज्य के कई आदिवासी इलाकों में समुदाय के बुद्धिजीवी-सामाजिक कार्यकर्त्ता व समुदाय के लोगों ने भारी तादाद में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शित किया। आदिवासियों को हिन्दू बताए जाने की तीव्र निंदा करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत, नरेंद्र मोदी, अमित शाह व जेपी नड्डा के साथ-साथ इनके सभी आदिवासी नेताओं के पुतले जलाए।

इन प्रतिवाद कार्यक्रमों में सभी वक्ताओं ने तीखे अंदाज़ में एक स्वर से बाबूलाल मराण्डी, समीर उरांव, कड़िया मुंडा व नीलकंठ सिंह मुंडा इत्यादि नेताओं का विरोध करते हुए कहा कि ये सभी नेता अपनी पार्टी भाजपा और आरएसएस के निर्देश पर हिंदुत्ववादी सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति के लिए ही आदिवासी समाज पर हिन्दू धर्म को थोप रहें हैं। मनगढ़ंत व्याख्याएँ कर आदिवासी समाज की स्वतंत्र धार्मिक–सांस्कृतिक अस्मिता पर चोट पहुंचा रहें हैं। आदिवासी समुदाय द्वारा सरना धर्म कोड की मांग उठाए जाने को कमजोर करने की साजिश हो रही है। आदिवासियों को हिन्दू, सनातनी, वनवासी व सदान इत्यादि बताकर व्यापक समाज के लोगों को भी गुमराह किया जा रहा है।

वक्ताओं ने यह भी पूछा कि जब देश के सुप्रीम कोर्ट तक ने आदिवासी समाज को स्वतंत्र धार्मिक रूढ़ि–संस्कृति व परम्पराओं वाला समाज घोषित कर चुका है तो ये कौन होते हैं हमें हिन्दू बताने वाले। कई सामाजिक संगठनों ने तो पुनः यह चेतावनी दुहराई कि वे भाजपा–आरएसएस के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। क्योंकि हमारे मौलिक अधिकार, मानवीय अधिकार और आदिवासी अधिकारों पर हमला कर जबरन हिन्दू बनाने पर तुले हुए हैं।

फिलहाल हालात यही हैं कि व्यापक आदिवासी समुदाय में भाजपा–आरएसएस के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जिसमें सबसे अधिक निशाने पर हैं भाजपा नेता बाबूलाल मराण्डी। इनके समेत सभी भाजपा आदिवासी नेताओं के सामाजिक बहिष्कार करने तक की बातें कहीं जा रहीं हैं। 

चर्चित आदिवासी नेता सालखन मूर्मू ने भी कहा है कि वे एससी–एसटी एक्ट के तहत बाबूलाल जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ करेंगे।

वरिष्ठ आदिवासी बुद्धिजीवी व आदिवासी मामलों के कानूनी विशेषज्ञ प्रेमचंद मूर्मू जी ने स्पष्ट कहा है कि देश के जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश जी तक ने भी माना है कि अन्य धर्मों के लोगों से अगल आदिवासी समाज के लोग प्रकृति पूजक होते हैं। ये किसी जाति विशेष में विभाजित नहीं होते हैं बल्कि एक समुदाय के रूप में जाने जाते हैं। यहाँ वर्ण आधारित समाज व्यवस्था नहीं होती है। मूर्मू जी ने यह भी कहा कि आदिवासी जब किसी ज़रूरत से जंगल के पेड़ अथवा पौधों को काटते हैं तो पहले उसकी वंदना कर अनुमति मांगते हैं। इतना ही नहीं इस तरह से काटते हैं कि वह दोबारा उग जाये।

सनद रहे कि 2021 की जनगणना होनी है और देश के सभी आदिवासी समुदाय के लोग अपने लिए अलग धर्म कोड की मांग को लेकर लगातार आंदोलित हैं। जिसके लिए झारखंड विधान सभा ने तो सरना धर्म कोड का विशेष प्रस्ताव पारित कर अनुमोदन हेतु केंद्र सरकार के पास भेज दिया है। कई राज्यों में भी आदिवासी समुदाय के लोग वहाँ की सरकारों से उनके अलग धर्म कोड का प्रस्ताव पारित करने की मांग कर रहें हैं।

ऐसे में आदिवासी समुदाय को जबरिया हिन्दू घोषित करना क्या देश की बहुधार्मिक–सांस्कृतिक ताने बाने वाली लोकतान्त्रिक व्यवस्था के लिहाज से सही और संविधान सम्मत है? आदिवासी समुदायों को उन्हें फिर से मानसिक गुलाम बना दिये जाने के आसन्न खतरों का एहसास होना, कैसे गलत कहा जा सकता है?

Jharkhand
aadiwasi womens
Aadiwasi Protests
tribal communities
Hindu
BJP
RSS

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

गुजरात: पार-नर्मदा-तापी लिंक प्रोजेक्ट के नाम पर आदिवासियों को उजाड़ने की तैयारी!

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण


बाकी खबरें

  • योगी
    अनिल जैन
    जनसंख्या नियंत्रण कानून: योगी पर उल्टा पड़ सकता है ध्रुवीकरण का यह दांव
    13 Jul 2021
    योगी सरकार ने अपने अभी तक के कार्यकाल में आम तौर पर अपना हर कदम ध्रुवीकरण को ध्यान में रख कर ही उठाया है। जनसंख्या नियंत्रण कानून के जरिए भी वह यही करने जा रही है। इस काम में ढिंढोरची मीडिया भी उसका…
  • क्यूबा के लोगों ने क्रांति की रक्षा और नाकाबंदी को समाप्त करने का आह्वान किया
    पीपल्स डिस्पैच
    क्यूबा के लोगों ने क्रांति की रक्षा और नाकाबंदी को समाप्त करने का आह्वान किया
    13 Jul 2021
    देश के ख़िलाफ़ चल रहे अस्थिरता के प्रयास के समक्ष कई राजनीतिक और सामाजिक नेताओं और संगठनों ने क्यूबा सरकार और क्यूबा क्रांति के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है।
  • पढ़ाई कर रहे डॉक्टरों की निजी ज़िंदगी: कोविड से किस तरह प्रभावित हुए हैं जूनियर डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य
    कृतिका नौटियाल
    पढ़ाई कर रहे डॉक्टरों की निजी ज़िंदगी: कोविड से किस तरह प्रभावित हुए हैं जूनियर डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य
    13 Jul 2021
    पर्यटक स्थलों पर भीड़ लगाने वाले और कोविड मानदंडों का उल्लंघन करने वाले नागरिकों को इस बात को ध्यान में रखने की ज़रूरत है कि दूसरी लहर ने किस तरह क़हर बरपाया था, जिससे मौत, तबाही और बढ़ती मानसिक…
  • हरियाणा में हिन्दू महापंचायत के दौरान भड़काऊ भाषण देने वालों के ख़िलाफ़ माकपा की तरफ से मुकदमा दर्ज करने की मांग  
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हरियाणा में हिन्दू महापंचायत के दौरान भड़काऊ भाषण देने वालों के ख़िलाफ़ माकपा की तरफ से मुकदमा दर्ज करने की मांग  
    13 Jul 2021
    हरियाणा के पटौदी में हिन्दू महापंचायत के दौरान मुस्लिमों के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण दिया गया। इस पर माकपा के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर उनसे भड़काऊ भाषण देने वालों और हिंदू महा पंचायत के…
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब चार महीने बाद 32 हज़ार नए मामले, 2,020 मरीज़ों की मौत
    13 Jul 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 32,906 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.40 फ़ीसदी यानी 4 लाख 32 हज़ार 778 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License