NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
झारखंड चुनाव: त्रिशंकु विधानसभा के आसार, रघुबर का जाना लगभग तय !
झारखंड विधानसभा के लिए पांच चरणों में चुनाव संपन्न होने के बाद शुक्रवार को आये एग्जिट पोल के नतीजों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। ज्यादातर एग्जिट पोल में महागठबंधन आगे है।
अनिल अंशुमन
21 Dec 2019
jharkhand election
Image courtesy: The Indian Express

झारखंड विधानसभा के लिए पांच चरणों में चुनाव संपन्न होने के बाद शुक्रवार को आये एग्जिट पोल के नतीजों में बीजेपी की सरकार जाते हुए दिख रही है। यही बात विधान सभा चुनाव के पूर्व से ही कई वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक व वामपंथ समेत विभिन्न विपक्षी नेताओं द्वारा की जा रही थी। हालांकि उनकी बातों को मुख्यधारा का मीडिया कोई महत्व नहीं देता था। 20 दिसंबर को पांचवे और अंतिम चरण का मतदान सम्पन्न होते ही उसी मीडिया को एकस्वर से अलापना पड़ रहा है कि भाजपा मुश्किल में और त्रिशंकु विधान सभा के आसार है।

कानूनविद रश्मि कत्यायान का कहना है कि यदि ईवीएम का जिन्न नहीं निकला तो भाजपा गठबंधन सरकार का जाना तय है। किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने के संदर्भ में उनका स्पष्ट मानना है कि यह स्वस्थ लोकतत्र की निशानी है। क्योंकि डी से ही डेमोक्रेसी और डिसेंट (जनादेश) दोनों होते हैं, जिसका साफ मतलब यही है कि वोट देनेवाली जनता (मतदाता) ने स्वविवेक से काम लिया है। जो वर्तमान सरकार की नीतियों–कारगुजारियों से क्षुब्ध होकर एक स्पष्ट जनादेश बनकर सामने आया है। साथ ही, जिस विपक्ष की सरकार को एक आस्थिर सरकार होने का बहु दुष्प्रचारित छवि गोदी मीडिया द्वारा स्थापित कर की जा रही थी, समय रहते हेमंत सोरेन ने उसे ठीक कर लोगों का विश्वास जीतने का काम किया है।

वहीं,  झारखंड के वरिष्ठ आंदोलनकारी व एआईपीएफ नेता बशीर अहमद के अनुसार प्रदेश की जनता के जिन बुनियादी और ज़रूरी सवालों को इस सरकार ने हाशिये पर डाल रखा था, लोगों ने जनादेश उन्हीं सवालों पर दिया है। इसीलिए यह विपक्षी महागठबंधन और उसके दलों से प्रभावित होने से अधिक सत्ताधारी भाजपा सरकार को हटाने के लिए है। जिसमे मोदी सरकार द्वारा देश पर थोपे गए संविधान विरोधी एनआरसी के खिलाफ उमड़ रहा व्यापक लोगों का आक्रोश भी शामिल है क्योंकि इसने मुसलमानों से अधिक झारखंड के आदिवासियों को आक्रांत कर रखा है।

कुछ ऐसा ही मानना आदिवासी बुद्धिजीवी वाल्टर कंडुलना का है। उन्होंने कहा कि हमलोग काफी पहले से ही कह रहे हैं कि मोदी–रघुवर शासन आदिवासी विरोधी है। इस शासन में हमारे जंगल, ज़मीन और प्राकृतिक खनिजों की लूट की पूरी छूट हुई है। नरेंद्र मोदी मंच से चाहें जितना भी आदिवासी हित की बात करें लेकिन असलियत तो खुली आखों से सभी देख और भोग रहें हैं। यही कारण है कि राज्य के सारे आदिवासी सिर्फ क्षुब्ध ही नहीं बल्कि आक्रोशित हैं।

दूसरी ओर जंगल बचाओ अभियान से जुड़े झारखंड जन संस्कृति मंच के ज़ेवियर कुजूर का मानना है कि एक तो भाजपा यहाँ की माटी की स्वाभाविक राजनीतिक पार्टी नहीं है दूसरे, इसकी कट्टर हिंदूवादी विभाजनकारी नीतियों से हमारे यहाँ का पूरा सामाजिक ताना बाना तहस–नहस हो रहा है। हमें पिछड़ा कहा जाता है लेकिन मॉब लिंचिंग जैसी जघन्य और अमानवीय सोच तो यहाँ के समाज में कभी नहीं रही है। सबसे बढ़कर यहां के लोग बाहर से थोपी हुई चीज़ को लंबे समय तक नहीं बर्दाश्त कर सकते हैं। झामुमो ने भी बहुत कुछ नहीं किया है लेकिन झारखंड व आदिवासी विरोधी कभी नहीं रही है।

राजधानी व प्रदेश के कई वरिष्ठ चिंतकों, विश्लेषकों और सामाजिक कार्यकर्त्ताओं के प्राथमिक अनुमान के आकलन में लगभग यही मानना है कि जनादेश में किसी का स्पष्ट बहुमत संभवतः संदिग्ध हो लेकिन वर्तमान की सरकार को दुबारा बहुमत का जनादेश तो नहीं ही मिलने जा रहा है।

भाजपा के 65 पार के नारे को राज्य के लोगों ने पहले चरण के मतदान से ही नकारना शुरू कर दिया था। विपक्षी महागठबंधन भी जो शुरुआती समय में बहुत सहज और ठोस नहीं दिख रहा था, जैसे जैसे चुनाव आगे बढ़ता गया, लोगों का मन मिजाज उसे भी एक ठोस स्वरूप देता गया। कइयों ने तो यह भी कहा कि रघुवर दास की ऊटपटाँग बोली और दबंग भाव भंगिमा झारखंडियों के पार्टी नफरत–हिकारत को साफ दर्शाती है। जिसने काफी लोगों को आहात और नाराज़ किया है।

सबूत के तौर पर जामताड़ा में आखिरी चरण की चुनावी सभा में मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच से हेमंत सोरेन को गाली देने की घटना पेश कर रहें हैं। एक नागरिक समूह का यह भी मानना है कि भाजपा के अंदर भी रघुवर दास विरोधी गुट निरंतर उन्हें अपदस्थ करने के लिए सक्रिय है। इस लिहाज से यह भी संभव हो कि भाजपा ही भाजपा को हरा दे।

सभी राष्ट्रीय मीडिया व अखबारों में प्राथमिक एग्जिट पोल में सत्ताधारी भाजपा को कई सीटों का नुकसान दिखाया जा रहा। इसके घटक दल रहे आजसू की भी कोई बढ़त नहीं बताई गई है। हालांकि प्रथम चरण के प्रचार अभियान के दौरान जब पलामू प्रमंडल की एक चुनावी सभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वे फिर से मिलकर रघुवर दास जी के नेतृत्व में दुबारा सरकार बनाएँगे तो दूसरे ही दिन आजसू प्रवक्ता ने प्रेस वार्ता कर कह दिया कि गठबंधन का मुखिया मंच से नहीं पंच से तय होगा!

हालांकि 23 दिसंबर को सारे कयास और आकलन स्पष्ट हो ही जाएँगे लेकिन सूत्रों के मुताबिक भाजपा खेमे में मीडिया आकलन से थोड़ी चिंता की लकीरें ज़रूर खींच आई है। जो संभवतः गलत नहीं कही जा सकती है क्योंकि झारखंड जैसे आदिवासी–मूलवासी बाहुल्य प्रदेश के विधान सभा के चुनावी भाषणों में प्रधानमंत्री व गृहमंत्री जी द्वारा ‘ अपनी पार्टी की सरकार के विकास कार्यों पर वोट मांगने ’ के बजाए धारा 370, कश्मीर मसला और अयोध्या में चार महीनों में मंदिर बना देने की घोषणा जैसे वक्तव्य नहीं दिये जाते।

Jharkhand Assembly Elections 2019
BJP
Raghubar Das
Jharkhand Exit Poll
BJP Alliances
AJSU

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • यमन पर सऊदी अत्याचार के सात साल
    पीपल्स डिस्पैच
    यमन पर सऊदी अत्याचार के सात साल
    30 Mar 2022
    यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला युद्ध अब आधिकारिक तौर पर आठवें साल में पहुंच चुका है। सऊदी नेतृत्व वाले हमले को विफल करने की प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए हज़ारों यमन लोगों ने 26 मार्
  • imran khan
    भाषा
    पाकिस्तान में संकटग्रस्त प्रधानमंत्री इमरान ने कैबिनेट का विशेष सत्र बुलाया
    30 Mar 2022
    यह सत्र इस तरह की रिपोर्ट मिलने के बीच बुलाया गया कि सत्ताधारी गठबंधन के सदस्य दल एमक्यूएम-पी के दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। 
  • national tribunal
    राज वाल्मीकि
    न्याय के लिए दलित महिलाओं ने खटखटाया राजधानी का दरवाज़ा
    30 Mar 2022
    “नेशनल ट्रिब्यूनल ऑन कास्ट एंड जेंडर बेस्ड वायोंलेंस अगेंस्ट दलित वीमेन एंड माइनर गर्ल्स” जनसुनवाई के दौरान यौन हिंसा व बर्बर हिंसा के शिकार 6 राज्यों के 17 परिवारों ने साझा किया अपना दर्द व संघर्ष।
  • fracked gas
    स्टुअर्ट ब्राउन
    अमेरिकी फ्रैक्ड ‘फ्रीडम गैस’ की वास्तविक लागत
    30 Mar 2022
    यूरोप के अधिकांश हिस्सों में हाइड्रोलिक फ्रैक्चरिंग का कार्य प्रतिबंधित है, लेकिन जैसा कि अब यूरोपीय संघ ने वैकल्पिक गैस की आपूर्ति के लिए अमेरिका की ओर रुख कर लिया है, ऐसे में पिछले दरवाजे से कितनी…
  • lakhimpur kheri
    भाषा
    लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब
    30 Mar 2022
    पीठ ने कहा, ‘‘ एसआईटी ने उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को जांच की निगरानी कर रहे न्यायाधीश के दो पत्र भेजे हैं, जिन्होंने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के वास्ते राज्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License