NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
झारखंड उपचुनाव : बेकाबू होते कोरोना महामारी संक्रमण से मतदाता त्रस्त, चुनाव आयोग अपनी धुन में मस्त !
कोरोना महामारी संक्रमण के संगीन हालातों का असर चुनाव आयोग के रवैये में बिल्कुल नहीं दिख रहा है ।  अब भी चुनाव आयोग 17 अप्रैल को मधुपुर में उपचुनाव कराने पर पूरी तरह से अड़ा हुआ है ।  
अनिल अंशुमन
15 Apr 2021
झारखंड उपचुनाव : बेकाबू होते कोरोना महामारी संक्रमण से मतदाता त्रस्त, चुनाव आयोग अपनी धुन में मस्त !

17 अप्रैल को झारखंड प्रदेश की मधुपुर सीट पर भी विधान सभा का उपचुनाव होना तय है । जबकि देश के कई राज्यों की भांति झारखंड प्रदेश में भी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बेकाबू सी दीख रही है । प्रतिदिन लोग इतनी बड़ी तादाद में इस क़दर संक्रमित हो रहें हैं कि राजधानी के किसी भी अस्पतालों में बेड खाली नहीं है। 

इस कारण समय पर ज़रूरी उपचार के इंतज़ार में अस्पताल ढूंढते- ढूंढते और उसके गेट तक पहुँचकर मरने वाले संक्रमित मरीजों का सिलसिला थम नहीं रहा।
    
झारखंड हाई कोर्ट ने तो इस बाबत राज्य की सरकार को फटकार लगाते हुआ साफ कह दिया है कि प्रदेश में हेल्थ एमर्जेंसी जैसे हालात हो गए हैं और इंतज़ाम काफी नहीं है । काश कि ऐसी ही फटकारें भाजपा शासित प्रदेशों के भी हाई कोर्ट वहाँ की सरकारों को लगाते ।        

बहरहाल , कुछ भी हो कोरोना महामारी संक्रमण के बढ़ते ताज़ा और संगीन हालातों का असर चुनाव आयोग के रवैये में तो बिलकुल ही नहीं दिख रहा है । इसीलिए चुनाव में महामारी संक्रमण से बचाव के सारे दिशा निर्देशों को धता बताये जाने की स्थिति को भी अनदेखा कर वह 17 अप्रैल को मधुपुर में उपचुनाव कराने पर पूरी तरह से अड़ा हुआ है ।       
                                             
उधर मधुपुर उपचुनाव को लेकर प्रदेश के सभी प्रमुख सियासी दलों की चुनावी सक्रियता भी अपने शबाब पर है । यहाँ भी वही अचंभा दिख रहा है कि  कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनज़र सारे शिक्षण संस्थानों को बंद कर शादी - त्योहारों इत्यादि पर भी होनेवाली लोगों की जुटानों पर रोक लगाकर पूरे प्रदेश में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है । लेकिन सिर्फ मधुपुर उप चुनाव का इलाका ही इस क़दर मुक्त है मानो यहाँ महामारी संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।
    
 झारखंड प्रदेश के संथाल परगना और देवघर ज़िला स्थित मधुपुर विधान सभा सीट पर हो रहा उपचुनाव वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार के वरिष्ठ झामुमो नेता और राज्य अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के असामयिक निधन के कारण हो रहा है । 3 अक्तूबर 2020 को कोरोना संक्रमण से ठीक होने के उपरांत उनकी मौत हो गयी । 2019 के विधान सभा चुनाव में उन्होंने झामुमो उम्मीदवार के तौर पर भाजपा प्रत्याशी को हराकर लगातार दूसरी बार अपनी जीत दर्ज़ की थी।

 इस उपचुनाव में हेमंत सोरेन ने हाजी हुसैन अंसारी जी के बेटे और वर्तमान में उनकी सरकार के पर्यटन मंत्री हाफिजुल अंसारी को पार्टी का प्रत्याशी बनाया है । लेकिन भाजपा ने पिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर रहनेवाले अपनी पार्टी के स्थापित नेता और पुराने प्रत्याशी को टिकट न देकर पिछले चुनाव में तीसरे स्थान पर रहने वाले आजसू प्रत्याशी के चुनाव घोषणा से पहले भाजपा का दामन थामने वाले नेता को पार्टी का प्रत्याशी बनाया है।

झारखंड के सभी वामपंथी दलों ( सीपीआई , सीपीएम , भाकपा माले व मासस ) ने झामुमो के प्रत्याशी को सक्रिय समर्थन देते हुए चुनाव अभियान में सक्रिय हैं।
        
 राजधानी से लेकर मधुपुर की चर्चाओं में यह बात भी प्रमुखता से आ रही है कि यह कैसा विरोधाभास है कि जहां भाजपा खुद शासन में होती है तो विपक्ष द्वरा कोई भी सवाल उठाए जाने को विकास विरोधी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगा देती है। 

लेकिन मधुपुर उप चुनाव में जहां वह विपक्ष के तौर पर अपने पूरे चुनावी अभियान में हेमंत सरकार के खिलाफ उन्हीं सारे सवालों को उठा रही है जिनको लेकर खुद उसकी सरकारें सवालों के निशाने पर हैं। 

मसलन प्रदेश भाजापा व उसके नेता हेमंत सोरेन सरकार पर 5 लाख रोजगार देने की घोषणा नहीं पूरा किए जाने का सवाल उठाकर हमलावर है। जबकि पड़ोसी राज्य बिहार विधान सभा चुनाव में उसने अपनी सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 19 लाख नौकरी देने की घोषणा की थी । आज उसे लागू करवाने की मांग को लेकर वहाँ के छात्र,युवा जब आए दिन धरना- प्रदर्शन कर रहें हैं तो उनकी सरकार आँसू गैस और लठियों की बौछार की भाषा में बात कर रही है ।       

इसी प्रकार से प्रदेश भाजपा नेता व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और वर्तमान प्रदेश भाजपा विधायक दल नेता बाबू लाल मराण्डी समेत सारे नेता चुनावी प्रचार में दावा कर रहें हैं कि 14 महीनों में ही हेमंत सरकार पूरी तरह से विफल साबित हो गयी है, इसे हटाना होगा।

 केंद्र समेत भाजपा शासित राज्यों में कोरोना महामारी संक्रमण को रोकने में सफलता का कोई उदाहरण पेश करने की बजाय झारखंड सरकार पर फिसड्डी होने का आरोप चस्पा कर रहें हैं । रोचक दृश्य तब सामने आ जाता है जब इस कोरोना संक्रमण आपदा से निपटना छोड़ पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रधान मंत्री, गृह मंत्री व अन्य केंद्रीय मंत्रियों के रात दिन लगे रहने पर कुछ नहीं बोलते। 

लेकिन मधुपुर उपचुनाव में अपनी पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में हेमंत सोरेन के चुनावी प्रचार में आने पर सवाल उठाते हुए कह रहे हैं कि राज्य में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री राजधानी छोड़ चुनाव में व्यस्त हैं। अपनी केंद्र की सरकार द्वारा झारखंड के साथ किए जा रहे सुनियोजित भेदभाव और उपेक्षा के सवाल के जवाब में उल्टा आरोप लगा रहें हैं कि हेमंत सोरेन सरकार अपनी नाकामी छुपाकर केंद्र को बदनाम कर रही है।

अपने चुनावी प्रचार अभियानों में हेमंत सोरेन समेत गठबंधन सरकार के सभी घटक दल नेता भी एक स्वर से दावा कर रहें हैं कि पिछले विधान सभा चुनाव की भांति इस बार भी मधुपुर सीट का जनादेश उनके पक्ष में रहेगा । वर्तमान भाजपा प्रत्याशी को झारखंड में भाजपा द्वारा चलायी का रही खरीद फरोख्त राजनीति का नमूना बताते हुए आरोप लगा रहें हैं कि अपने ही सहयोगी आजसू के नेता को अपने पाले में कर लिया है।    

बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी महागठबंधन प्रत्यशी के समर्थन में चुनावी प्रचार करते हुए भाजपा पर बिहार में चीटिंग से अपनी सरकार बनाने का आरोप लगाया है ।                                        

मधुपुर उपचुनाव का मतदान 17 अप्रैल को मतदान होना है और इसका परिणाम 2 मई को आयेगा। 
                                          
नतीजा जो भी सामने आए लेकिन फिलहाल एक नतिज़ा तो सामने है ही कि कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण का शिकार हो रहा लोकतन्त्र का ‘ लोक ’ जितना भी मरे अथवा तंग तबाह हो जाये लेकिन तंत्र जैसे कि चुनव आयोग को इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है।

Jharkhand
By Elections
Jharkhand by-election
Hemant Soren
left parties
election commission
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • fact check
    किंजल
    UP का वीडियो दिल्ली के सरकारी स्कूल में मदरसा चलाने के दावे के साथ वायरल
    30 Nov 2021
    वीडियो को गौर से देखने पर ऑल्ट न्यूज़ ने स्कूल के बोर्ड पर ‘प्राथमिक विद्यालय मिर्ज़ापुर’ लिखा हुआ पाया. प्राथमिक विद्यालय मिर्ज़ापुर, गाज़ियाबाद के विजयनगर इलाके में है. यानी, ये घटना उत्तर प्रदेश की है…
  • tripura
    संदीप चक्रवर्ती, शांतनु सरकार
    त्रिपुरा नगर निकाय चुनावों में ‘धांधली’ के चलते विपक्ष का निराशाजनक प्रदर्शन 
    30 Nov 2021
    यह पहली बार नहीं है जब राज्य को चुनाव पूर्व हिंसा और चुनाव के दिन ‘धांधली’ देखने को मिल रही है, ऐसा ही कुछ दो साल पहले पंचायत चुनावों के दौरान भी देखने में आया था।
  •  Pentagon
    सोनाली कोल्हटकर
    पेंटागन का भारी-भरकम बजट मीडिया की सुर्खियां क्यों नहीं बनता?
    30 Nov 2021
    पेंटागन का भारी-भरकम बजट आम अमेरिकियों के कल्याण के लिए मिलने वाले सरकारी लाभों से चुराया जा रहा है। लेकिन कॉरपोरेट मीडिया या नीति-निर्माता इसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं, इस मुद्दे पर उनसे बहस की…
  • Rajya Sabha
    भाषा
    राज्यसभा की ऐतिहासिक सबसे बड़ी कार्रवाई में 12 सांसद निलंबित
    30 Nov 2021
    राज्यसभा के 12 सांसदों को वर्तमान शीत सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह उच्च सदन के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 2020 में आठ सांसदों को निलंबित किया गया था,…
  • media
    अभिषेक पाठक
    कृषि कानून वापसी पर संसद की मुहर, लेकिन गोदी मीडिया का अनाप-शनाप प्रलाप जारी!
    30 Nov 2021
    आज के दौर में मोदी सरकार शोले फ़िल्म में अमिताभ बच्चन के उस सिक्के जैसी हो गई है जिसके दोनों ओर 'मास्टरस्ट्रोक' लिखा है। गोदी मीडिया के उन एंकरों पर तरस भी आता है जिन्होंने सालभर इस कानून और सरकार का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License