NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अगले महीने होने वाले संसदीय चुनावों से पहले जॉर्डन को नया प्रधानमंत्री मिला
देश में बढ़ती आर्थिक परेशानी को दूर करने और COVID-19 महामारी से निपटने की ज़िम्मेदारी नए प्रधान मंत्री बिशर अल-खसवाने पर होगी।
पीपल्स डिस्पैच
13 Oct 2020
जॉर्डन
Image courtesy: Al Jazeera

बिशर अल-खसवाने ने सोमवार 12 अक्टूबर को जॉर्डन के नए प्रधानमंत्री के रुप में पदभार संभाला। उन्हें किंग अब्दुल्ला द्वितीय द्वारा पद की शपथ दिलाई गई। बिशर ने उमर अल-रज्जाज़ की जगह ली जिन्होंने संसद के विघटन के बाद 3 अक्टूबर को इस्तीफा दे दिया था।

जॉर्डन के संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री को संसद भंग होने के एक सप्ताह के भीतर इस्तीफा देना होता है। किंग ने चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद सितंबर के अंतिम सप्ताह में संसद को भंग कर दिया था। संसद के लिए नए चुनाव 10 नवंबर को होंगे और नई सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इसकी निगरानी करे।

बिशर से पहले के प्रधामंत्री का कार्यकाल छोटा था। आईएमएफ द्वारा लागू कर वृद्धि के ख़िलाफ़ विरोध के बाद उमर रज़ाज़ को किंग द्वारा नियुक्त किया गया था। इस विरोध ने जून 2018 में तत्कालीन प्रधानमंत्री हानी मुल्की को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया था।

बिशर अल-खसवाने (51 वर्ष) पूर्व राजनयिक हैं और पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नियुक्त होने से पहले वह किंग के नीति सलाहकार थे। उनके पास जॉर्डन की अर्थव्यवस्था को मैनेज करने का मुश्किल काम होगा जिसके इस साल COVID-19 के चलते हुए लॉकडाउन और अन्य कारणों से 6% कम होने की उम्मीद है। ज्यादातर सहायता पर निर्भर देश में गरीबी और बेरोजगारी अधिक से अधिक लोगों की बढ़ती जा रही है। लोग बुनियादी सेवाओं की कमी की शिकायत कर रहे हैं। जॉर्डन के लोग भी सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का विरोध कर रहे हैं जो कि ये जाहिर तौर पर COVID-19 के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए किया गया है।

देश में COVID-19 संक्रमण के 26,000 से अधिक मामले हैं और इसकी वजह से कुल 207 मौत हुई हैं। पिछली सरकार को समय पर इसके प्रसार को रोकने में विफल रहने पर लोगों की आलोचना झेलनी पड़ी थी। इस बीमारी से निपटने के लिए प्रभावी उपाय करने में विफल रहने के लिए सरकार की आलोचना की गई थी।

नई कैबिनेट में 32 सदस्य हैं जिनमें पिछली सरकार में विदेशी और वित्त मंत्री क्रमशः अयमान सफादी और मोहम्मद अल-इस्सिस को बरकरार रखा गया है। इस देश में आने वाली चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए कई टेक्नोक्रेट को सरकार में शामिल किया गया है।

Jordan
Bisher al-Khaswaneh
COVID-19
Mohamad al-Ississ
International news

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • Yeti Narasimhanand
    न्यूज़क्लिक टीम
    यति नरसिंहानंद : सुप्रीम कोर्ट और संविधान को गाली देने वाला 'महंत'
    23 Apr 2022
    यति नरसिंहानंद और अ(संतों) का गैंग हिंदुत्व नेता यति नरसिंहानंद गिरी ने दूसरी बार अपने ज़मानत आदेश का उल्लंघन करते हुए ऊना धर्म संसद में मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रती बयान दिए हैं। क्या है यति नरसिंहानंद…
  • विजय विनीत
    BHU : बनारस का शिवकुमार अब नहीं लौट पाएगा, लंका पुलिस ने कबूला कि वह तलाब में डूबकर मर गया
    22 Apr 2022
    आरोप है कि उनके बेटे की मौत तालाब में डूबने से नहीं, बल्कि थाने में बेरहमी से की गई मारपीट और शोषण से हुई थी। हत्या के बाद लंका थाना पुलिस शव ठिकाने लगा दिया। कहानी गढ़ दी कि वह थाने से भाग गया और…
  • कारलिन वान हाउवेलिंगन
    कांच की खिड़कियों से हर साल मरते हैं अरबों पक्षी, वैज्ञानिक इस समस्या से निजात पाने के लिए कर रहे हैं काम
    22 Apr 2022
    पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करने वाले लोग, सरकारों और इमारतों के मालिकों को इमारतों में उन बदलावों को करने के लिए राजी करने की कोशिश कर रहे हैं, जिनके ज़रिए पक्षियों को इन इमारतों में टकराने से…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छत्तीसगढ़ :दो सूत्रीय मांगों को लेकर 17 दिनों से हड़ताल पर मनरेगा कर्मी
    22 Apr 2022
    मनरेगा महासंघ के बैनर तले वे 4 अप्रैल से हड़ताल कर रहे हैं। पूरे छत्तीसगढ़ के 15 हज़ार कर्मचारी हड़ताल पर हैं फिर भी सरकार कोई सुध नहीं ले रही है।
  • ईशिता मुखोपाध्याय
    भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 
    22 Apr 2022
    राज्य के पास छात्रों और युवाओं के लिए शिक्षा और नौकरियों के संबंध में देने के लिए कुछ भी नहीं हैं। ऊपर से, अगर छात्र इसका विरोध करने के लिए लामबंद होते हैं, तो उन्हें आक्रामक राजनीतिक बदले की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License