NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन की गिरफ़्तारी का एक साल: आज भी इंसाफ़ के लिए भटक रही हैं पत्नी रिहाना
एक साल से पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन के परिवार पर क्या गुज़र रही है? आखिर उनका परिवार जेल में गुज़रे कप्पन के 365 दिनों को लेकर क्या सोचता है? सिद्दीक़ कप्पन को ज़मानत न मिलने को लेकर कानून विशेषज्ञ क्या कहते हैं? इन सब पहलुओं के जवाब जान लेना ज़रूरी है।
ज़ाकिर अली त्यागी
05 Oct 2021
Journalist Siddique Kappan with his wife Rihana
अपनी पत्नी रिहाना के साथ पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन

हाथरस में दलित युवती के बलात्कार और उसकी हत्या के मामले की कवरेज पर निकले पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन को मथुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर UAPA के तहत जेल भेज दिया था। जेल में उन्हें एक साल का वक़्त गुज़र गया।

एक साल से पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन के परिवार पर क्या गुज़र रही है? आखिर उनका परिवार जेल में गुज़रे कप्पन के 365 दिनों को लेकर क्या सोचता है? सिद्दीक़ कप्पन को ज़मानत न मिलने को लेकर कानून विशेषज्ञ क्या कहते हैं? इन सब पहलुओं के जवाब जान लेना ज़रूरी है।

न्यूज़क्लिक के लिए इन्हीं अहम सवालों के जवाब लेने के लिए पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन की पत्नी व कानून विशेषज्ञ से टेलीफ़ोन पर बात की गई।

मलयालम मीडिया हाउस अज़ीहमुखाम डॉट कॉम के पत्रकार कप्पन दिल्ली में रहकर ही अपनी पत्रकारिता कर रहे थे, कप्पन को उनके साथी मसूद अहमद, मोहम्मद आलम और अतीकुर्रहमान के साथ पिछले साल 5 अक्टूबर को यमुना एक्सप्रेस के रास्ते हाथरस जाते वक़्त मथुरा के मांट टोल प्लाजा पर, यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था। वे हाथरस में एक दलित युवती के बलात्कार और हत्या के मामले को कवर करने जा रहे थे।

एक वर्ष से अपने पति सिद्दीक़ कप्पन की ज़मानत के लिए संघर्ष कर रही रिहाना कप्पन से जब हमने बात की तो रिहाना ने कहा कि " एक वर्ष से मेरा पति आतंकवादी गतिविधि के आरोप में मथुरा जेल में है, उनका जुर्म सिर्फ़ दिल्ली से हाथरस कांड की ग्राउंड रिपोर्ट करने के लिए निकलना है, 5 अक्टूबर को मथुरा टोल प्लाजा पर मेरे पति को यूपी पुलिस ने उनके 3 अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया।”

पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन

रिहाना ने आगे कहा “राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हाथरस जा रहे थे तो उन्हें पुलिस ने रोका जिसके बाद मेरे पति को उनके मीडिया हाउस ने हाथरस कांड की ग्राउंड रिपोर्ट करने के लिए भेजा, वह मलयालम भाषा जानते हैं इसलिए वो अपने साथ उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए एक्टिविस्ट को ले गये, पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर, आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त बताकर जेल भेज दिया"

सवाल- क्या आपकी अपने पति कप्पन से इस 1 साल के बीच मुलाकात हुई?

रिहाना- "मेरी अपने पति सिद्दीक़ी कप्पन से कोई मुलाक़ात नही हुई, उनकी माँ के स्वास्थ्य की स्थिति गंभीर हो रही थी तो 15 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 5 दिन की अंतरिम जमानत दे दी. अदालत ने यूपी पुलिस की निगरानी में केरल भेजने का आदेश दिया था, वह यहां आये और अपनी माँ व बच्चों से मुलाक़ात कर पुलिस टीम के साथ लौट गये। जिस दिन वह पुलिस टीम के साथ यहां से जा रहे थे मैं अपना साहस और इच्छाशक्ति खो रही थी, कोरोना महामारी के दौरान उनको मधुमेह की बीमारी ने जकड़ा हुआ था जिसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के अस्पताल में भर्ती किया गया। 

सुप्रीम कोर्ट ने मुझे अस्पताल में अपने पति के साथ रहने की इजाज़त दी थी, लेकिन पुलिस ने कोर्ट के आदेश को नही माना और कप्पन जिस रूम में एडमिट थे पुलिस ने मुझे वहां से दूर रखा"

सवाल- कप्पन को जेल में 1 साल हो गया है उनके बिना कैसा महसूस करती हैं? क्या उन्हें न्याय नहीं मिल रहा?

रिहाना- कप्पन को अभी तक शांतिभंग के आरोप में जमानत मिली है, लेकिन वे UAPA और मनी लांड्रिंग के आरोप में अभी भी जेल में हैं, जिनमें अभी तक कोई सुनवाई नही हो पा रही, मैं 3 महीनों से लगातार कोशिश कर रही हूँ लेकिन अभी तक हमें चार्जशीट नही मिल पाई है।

ये भी पढ़ें: सिद्दीकी कप्पन को "चुपके से" एम्स से छुट्टी देकर मथुरा जेल ले जाया गया

पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन की पत्नी रिहाना

रिहाना ने आगे कहा “मेरा पति मलयालम और ख़ासकर मुस्लिम होने की सज़ा भुगत रहा है, कप्पन का बस ये जुर्म है कि वह पीड़िता की माँ के दर्द को अपनी स्टोरी में पिरोकर देश के सामने रखना चाहते थे, लेकिन मुझे न्याय ना देकर ये महसूस कराया गया है कि हम मुसलमान हैं और सरकार मुस्लिम व पत्रकार विरोधी है। मैं आज भी अपने पति की जल्द रिहाई की उम्मीद लिये अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही हूँ, अब इच्छाशक्ति और साहस भी खो रही हूँ क्योंकि कप्पन मधुमेह के रोगी हैं और 1 साल से जेल में हैं"

क्या कहते हैं कानूनी विशेषज्ञ?

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने हमसे सिद्दीक़ी कप्पन के मामले में बताया "कप्पन को यूपी सरकार ने सुनियोजित तरीके से गिरफ्तार कर काले कानून UAPA व शांतिभंग के आरोप व पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का सदस्य बता जेल भेजा था। यूपी की जांच एजेंसिया कप्पन के दिल्ली फ्लैट पर तलाशी लेने आईं, लेकिन कुछ नही मिल पाया तो मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कर दिया। सिद्दीक़ी कप्पन के मामले का यदि फेयर ट्रायल कराया जाये तो वह जल्द बरी होंगे लेकिन सरकार तो पत्रकारों की ग्राउंड रिपोर्ट से इसलिए डरती है कि कहीं सरकार का चेहरा पब्लिक डोमेन में ना आ जाये। इसलिए कप्पन को काले कानूनों के तहत मनमाने तरीके से गिरफ्तार कर जेल में रखा हुआ है, यह गिरफ्तारी लोकतंत्र के लिए ख़तरा साबित हुई है।”

इसे भी पढ़ें: अदालत ने केरल के पत्रकार कप्पन से दोबारा पूछताछ के अनुरोध वाली याचिका खारिज की

Siddique Kappan
DUJ
KUJ
Press Club
Hathra Rape
Sedition Law
Journalists Protest
Yogi Adityanath
BJP
UP police
Hathras Rape case
Hathras

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Hijab Verdict
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुसलमानों को अलग थलग करता है Hijab Verdict
    17 Mar 2022
  • fb
    न्यूज़क्लिक टीम
    बीजेपी के चुनावी अभियान में नियमों को अनदेखा कर जमकर हुआ फेसबुक का इस्तेमाल
    17 Mar 2022
    गैर लाभकारी मीडिया संगठन टीआरसी के कुमार संभव, श्रीगिरीश जलिहाल और एड.वॉच की नयनतारा रंगनाथन ने यह जांच की है कि फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल होने दिया। मामला यह है किसी भी राजनीतिक…
  • Russia-Ukraine war
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या है रूस-यूक्रेन जंग की असली वजह?
    17 Mar 2022
    रूस का आक्रमण यूक्रेन पर जारी है, मगर हमें इस जंग की एक व्यापक तस्वीर देखने की ज़रूरत है। न्यूज़क्लिक के इस वीडियो में हमने आपको बताया है कि रूस और यूक्रेन का क्या इतिहास रहा है, नाटो और अमेरिका का…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    झारखंड में चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीज़ों का बढ़ता बोझ : रिपोर्ट
    17 Mar 2022
    कैग की ओर से विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट में राज्य के जिला अस्पतालों में जरूरत के मुकाबले स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी का खुलासा हुआ है।
  • अनिल जैन
    हिटलर से प्रेरित है 'कश्मीर फाइल्स’ की सरकारी मार्केटिंग, प्रधानमंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक
    17 Mar 2022
    एक वह समय था जब भारत के प्रधानमंत्री अपने समय के फिल्मकारों को 'हकीकत’, 'प्यासा’, 'नया दौर’ जैसी फिल्में बनाने के लिए प्रोत्साहित किया करते थे और आज वह समय आ गया है जब मौजूदा प्रधानमंत्री एक खास वर्ग…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License