NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पत्रकार संगठन ने की गिरफ़्तार पत्रकार को जल्द रिहा करने की योगी से मांग
‘केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स’ (केयूडब्ल्यूजे) की दिल्ली इकाई ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि सिद्दीक कप्पन पत्रकार संगठन के सचिव हैं और एक रिपोर्टर के तौर पर अपना काम करने की कोशिश कर रहे थे।
भाषा
06 Oct 2020
मलयाली पत्रकार सिद्दीक कप्पन
मलयाली पत्रकार सिद्दीक कप्पन। फोटो साभार : indiatomorrow

तिरुवनंतपुरम: प्रमुख पत्रकार संगठन ने उत्तर प्रदेश पुलिस के हाथरस जा रहे एक वरिष्ठ पत्रकार को रास्ते में ही गिरफ़्तार करने का दावा करते हुए उन्हें जल्द से जल्द रिहा करने की मांग की।

‘केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स’ (केयूडब्ल्यूजे) की दिल्ली इकाई ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि सिद्दीक कप्पन पत्रकार संगठन के सचिव हैं और एक रिपोर्टर के तौर पर अपना काम करने की कोशिश कर रहे थे।

आदित्यनाथ को भेजे इस पत्र पर केयूडब्ल्यूजे की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष मिजी जोस ने हस्ताक्षर किए हैं।

पत्र में कहा गया कि वह हाथरस जिले में 19 वर्षीय दलित युवती से कथित बलात्कार और उसकी मौत के बाद की स्थिति पर समाचार देने के लिए वहां जा रहे थे।

केयूडब्ल्यूजे ने कहा, ‘‘कई मलयालम मीडिया घरानों के लिए काम करने वाले दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार सोमवार सुबह हाथरस गए थे ताकि क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर समाचार दे सकें।’’

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) एवं उसके सहयोगी संगठन कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) से कथित संबंध के मामले में चार लोगों को मथुरा से गिरफ़्तार किया था। ये लोग दिल्ली से हाथरस जा रहे थे।

इनकी पहचान अतीक-उर-रहमान, मल्लपुरम के निवासी सिद्दीक, बहराइच जिले के जरवल का निवासी मसूद अहमद और रामपुर जिले की कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले आलम के तौर पर हुई है।

केयूडब्ल्यूजे ने कहा, ‘‘ हमें लगता है कि कप्पन को उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाथरस टोल प्लाजा पर हिरासत में लिया। हमने और दिल्ली के कुछ वकीलों ने उनसे सम्पर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई सफल नहीं हो पाया।’’

उसने कहा कि हाथरस पुलिस थाने और राज्य पुलिस ने भी अभी तक कप्पन को हिरासत में लेने से जुड़ी कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई है।

केयूडब्ल्यूजे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील की, ‘‘ कप्पन एक रिपोर्टर के तौर पर अपना काम करने की कोशिश कर रहे थे। हम आपसे उन्हें जल्द से जल्द रिहा करने की अपील करते हैं।’’

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 14 सितम्बर को 19 साल की दलित युवती के साथ कथित तौर से सामूहिक बलात्कार किया गया, जिसके करीब एक पखवाड़े बाद उसने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। कथित तौर पर माता-पिता की राजामंदी के बगैर देर रात उसका अंतिम संस्कार कर दिए जाने से मामला और बिगड़ गया।

Hathras
Hathras Rape case
journalist
Yogi Adityanath
UP police

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

यूपी: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच करोड़ों की दवाएं बेकार, कौन है ज़िम्मेदार?

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

योगी 2.0 का पहला बड़ा फैसला: लाभार्थियों को नहीं मिला 3 महीने से मुफ़्त राशन 

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?


बाकी खबरें

  • PUNJAB
    शिव इंदर सिंह
    कृषि कानूनों की वापसी के बाद क्या सोच रहे हैं पंजाब के लोग?
    29 Nov 2021
    कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद पंजाब में जश्न का माहौल है। पंजाब के लोग इसे किसान आंदोलन की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। लेकिन भाजपा के प्रति विरोध और गुस्से का भाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।
  • civil society
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    खुला पत्र : क्या नागरिक समाज देश का दुश्मन है?
    29 Nov 2021
    अखिल भारतीय और केन्द्रीय सेवाओं के पूर्व सिविल सेवकों के समूह ने देशवासियों के नाम एक खुला पत्र जारी करके नागरिक समाज को देश और शासन के दुश्मन के रूप में रेखांकित किए जाने पर चिंता जताई है।
  • Munawar Faruqui
    सत्यम् तिवारी
    "अनेकता में एकता" वाले देश भारत में अल्पसंख्यकों की हैसियत क्या है?
    29 Nov 2021
    मुनव्वर फ़ारूक़ी, चर्च की घटना या नमाज़ में ख़लल डालने की ख़बरें सिर्फ़ 3 घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि यह उन सैकड़ों हज़ारों घटनाओं की झलक भर हैं जो देश के हर कोने में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ घटित हो रही हैं।
  • Yogi
    सोनिया यादव
    यूपी: परीक्षाओं का पेपर लीक और रद्द होना योगी सरकार की बड़ी विफलता है!
    29 Nov 2021
    सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरों टॉलरेंस के दावे के बीच बार-बार सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मामले कैसे सामने आ रहे हैं, क्या सरकार की नीयत और नीति अलग-अलग है?
  • kisan andolan
    ओँकार सिंह
    तमाम मुश्किलों के बीच किसानों की जीत की यात्रा और लोकतांत्रिक सबक़
    29 Nov 2021
    जब एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में मांग और अधिकार की लड़ाई को देशद्रोह के खांचे में फिट किया जा रहा था, तब किसान आंदोलन संघर्ष की संजीवनी के रूप में उभरा। साल भर सड़क पर दमन और क्रूरता की हदें झेलकर अंतत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License